राहुल नवीन बनाए गए ED के प्रभारी डायरेक्टर, 15 सितंबर को पूरा हुआ संजय मिश्रा का एक्सटेंशन, SC के निर्देश के बाद लिया फैसला
Chandresh Sharma | Sept 16, 2023, 24:00 IST
राहुल नवीन बनाए गए ED के प्रभारी डायरेक्टर, 15 सितंबर को पूरा हुआ संजय मिश्रा का एक्सटेंशन, SC के निर्देश के बाद लिया फैसला
प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी के डायरेक्टर संजय कुमार मिश्र का तीसरा एक्सटेंशन 15 सितंबर को खत्म हो गया। अब उनकी जगह राहुल नवीन को ईडी की कमान सौंपी गई है।
NEW DELHI. प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी के डायरेक्टर संजय कुमार मिश्र का तीसरा एक्सटेंशन 15 सितंबर को खत्म हो गया। अब उनकी जगह राहुल नवीन को ईडी की कमान सौंपी गई है। वे प्रभारी डायरेक्टर के तौर पर ईडी का काम देखेंगे। राहुल नवीन 1993 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं, वे ईडी मुख्यालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी और विशेष निदेशक का दायित्व संभाल रहे थे। ईडी के नए चीफ की औपचारिक नियुक्ति तक वे ही एजेंसी की जिम्मेदारी संभालेंगे।
4 साल 10 माह तक संजय रहे निदेशक
बता दें कि संजय मिश्र ने 4 साल 10 माह तक प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक का पद संभाला। उन्हें बीते साल 18 नवंबर को ही सेवानिवृत्त हो जाना था लेकिन केंद्र ने अध्यादेश के जरिए उनका कार्यकाल तीसरी मर्तबा बढ़ाया था, जबकि कोर्ट ने साफ निर्देश दिए थे कि दूसरी बार के बाद संजय मिश्र को एक्सटेंशन न दिया जाए। बावजूद इसके वे 31 जुलाई तक पद पर थे।
15 अक्टूबर तक की मांगी थी मोहलत
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स का रिव्यू जारी रहने के कारण संजय को 15 अक्टूबर तक पद पर रहने दिया जाए। सरकार की दलील थी कि इस पद के लिए अभी कोई दूसरे अफसर को तलाशा नहीं जा सका है। ऐसे में नियुक्ति के लिए थोड़ा और समय चाहिए। जिस पर सख्ती बरतते हुए जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस विक्रम नाथ समेत जस्टि संजय करोल की पीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि हमारे सामने ऐसी तस्वीर पेश नहीं की जा रही कि संजय मिश्रा के अलावा पूरा डिपार्टमेंट नकारा लोगों से भरा हुआ है।
4 साल 10 माह तक संजय रहे निदेशक
बता दें कि संजय मिश्र ने 4 साल 10 माह तक प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक का पद संभाला। उन्हें बीते साल 18 नवंबर को ही सेवानिवृत्त हो जाना था लेकिन केंद्र ने अध्यादेश के जरिए उनका कार्यकाल तीसरी मर्तबा बढ़ाया था, जबकि कोर्ट ने साफ निर्देश दिए थे कि दूसरी बार के बाद संजय मिश्र को एक्सटेंशन न दिया जाए। बावजूद इसके वे 31 जुलाई तक पद पर थे।
15 अक्टूबर तक की मांगी थी मोहलत
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स का रिव्यू जारी रहने के कारण संजय को 15 अक्टूबर तक पद पर रहने दिया जाए। सरकार की दलील थी कि इस पद के लिए अभी कोई दूसरे अफसर को तलाशा नहीं जा सका है। ऐसे में नियुक्ति के लिए थोड़ा और समय चाहिए। जिस पर सख्ती बरतते हुए जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस विक्रम नाथ समेत जस्टि संजय करोल की पीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि हमारे सामने ऐसी तस्वीर पेश नहीं की जा रही कि संजय मिश्रा के अलावा पूरा डिपार्टमेंट नकारा लोगों से भरा हुआ है।
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