राम मंदिर चढ़ावा चोरी में चंपत राय समेत 133 गवाह बनेंगे आधार, सीसीटीवी फुटेज बनेगा सबूत
Jitendra Shrivastava | Sept 26, 2026, 24:11 IST
राम मंदिर चढ़ावा चोरी में चंपत राय समेत 133 गवाह बनेंगे आधार
AYODHYA. अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय समेत 133 गवाह अहम होंगे। 74 हजार पेज की चार्जशीट में सीसीटीवी फुटेज, बरामदगी और बैंक लेनदेन के सबूत शामिल हैं। सीसीटीवी फुटेज और बरामदगी के दस्तावेज बन सकते हैं जोअदालत में सजा का बड़ा आधार बन सकता है। जानें पूरी डिटेल...
समझें क्या है पूरा मामला...
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में गवाहों की अहम भूमिका होगी।
- चंपत राय समेत 133 गवाहों की गवाही सजा का आधार बनेगी।
- 74 हजार पेज की चार्जशीट में अहम सबूत दर्ज हैं।
- सीसीटीवी फुटेज और बरामदगी केस में बड़ा सबूत बनेंगे।
- अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में अब कोर्ट में सुनवाई होगी।
उत्तर प्रदेश के अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला अब अदालत की दहलीज पर पहुंच चुका है। पुलिस ने अपनी विवेचना पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें कई अहम सबूत शामिल किए गए हैं, जो आरोपियों के खिलाफ मामला मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।
चार्जशीट का आकार भी बेहद बड़ा है। करीब 74 हजार पेज में पुलिस ने हर जरूरी दस्तावेज और बयान दर्ज किया है। अब इसी चार्जशीट के आधार पर अदालत में सुनवाई होगी।
133 गवाहों के बयान होंगे अहम
बैंकिंग प्रक्रिया और आरोपियों की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी भी गवाहों के बयान में शामिल है। पुलिस के मुताबिक, इनसे आरोपियों का दोष साबित करने में काफी मदद मिल सकती है।
चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की गवाही अहम
इनकी गवाही अदालत में मामले को दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकती है। हालांकि गवाही के दौरान इन्हें भी कठिन सवालों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि अदालत में हर गवाह को जिरह की प्रक्रिया से गुजरना होता है।
सीसीटीवी फुटेज और बरामदगी बनेंगे बड़ा सबूत
पुलिस के अनुसार, अलग-अलग आरोपियों से लाखों रुपये नकदी समेत कई कीमती वस्तुएं बरामद हुई हैं। अब अभियोजन को यह साबित करना होगा कि बरामद रकम का अपराध से क्या संबंध है। इसके लिए बरामदगी की परिस्थितियां, रकम का स्रोत और बैंक खातों का लेनदेन जांचा जाएगा।
अदालत में क्या साबित करना होगा
चढ़ावा चोरी मामले में भी 74 हजार पन्नों में दर्ज हर सबूत को इसी कसौटी से गुजरना होगा। बरामदगी की परिस्थितियां, गवाहों के बयान, बैंक लेनदेन और सीसीटीवी की प्रामाणिकता, इन सभी को जोड़कर ही अभियोजन आरोप साबित कर पाएगा।
पुलिस की विवेचना चार्जशीट दाखिल होने के साथ पूरी हो चुकी है। अब आगे की पूरी प्रक्रिया अदालत में चलेगी। इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं कि साक्ष्यों की विश्वसनीयता किस हद तक साबित होती है।
देश में मानसून की बेरुखी से 51% हिस्से में सूखे का संकट: खरीफ फसलों पर मार, बढ़ सकती है महंगाई और आम आदमी की मुश्किलें
By Aman Vaishnav, CHAKRESH
Live |उज्जैन में मस्जिद हटाने पर बवाल
By
राजस्थान नगर निगम चुनाव में BJP का दबदबा
By
गंगरेल बांध का विकराल रूप, खोले गए सभी 14 गेट, महानदी में बढ़ा जलस्तर
By
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का असर: महादेव घाट पुल डूबा, शबरी पर बढ़ा खतरा; कई रास्तों पर आवाजाही बंद
By Umeshwari Baghel
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अक्टूबर से बदलेगा पढ़ाई का तरीका, कठिन विषयों की होंगी लाइव ऑनलाइन क्लास
By Harrison Masih
31 साल का साथ, फिर शादी पर उठे सवाल, ग्वालियर हाईकोर्ट ने दिलाया पत्नी होने का हक
By Sanjay Dhiman