Gujarat में Rahul Gandhi की यात्रा की एंट्री से पहले कांग्रेस को मुश्किल में डालते ‘रणछोड़दास’
Marut raj | Mar 05, 2024, 19:23 IST
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लोकसभा चुनाव की तैयारियों में लगी कांग्रेस पार्टी की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस समय पार्टी को उसके पुराने पदाधिकारियों के साथ की सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन वे बीजेपी में जा रहे हैं।
नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की भारत जोड़ो न्याय यात्रा सात मार्च को गुजरात ( Gujarat) (Gujrat) में प्रवेश करेगी, लेकिन उससे पहले ही पार्टी में टूट शुरू हो गई है। राज्य में कांग्रेस के दमदार नेता व विधायक अर्जुन मोढवाडिया (Arjun Modhwadia) आज बीजेपी (BJP) में शामिल हो गए हैं। इसके अलावा कांग्रेस की गुजरात इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष अंबरीश डेर (Ambarish Der) ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया है। माना जा रहा है कि कांग्रेस छोड़ रहे ‘रणछोड़दास’ आने वाले लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) में पार्टी के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। कारण यह है कि गुजरात के अलावा अन्य राज्यों में भी कांग्रेस के नेता अपनी पार्टी से किनारा कर रहे हैं।
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मोढवाडिया ने कल सोमवार को गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकर चौधरी को इस्तीफा सौंपा दिया था। दूसरी ओर अंबरीश डेर ने भी कल ही कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया था। गुजरात के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली विपक्षी नेताओं में से एक, मोढवाडिया ने वर्ष 2022 के चुनावों में पोरबंदर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के दिग्गज नेता बाबू बोखिरिया को हराया था। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही पार्टी के राज्यसभा सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री नाराण राठवा अपने बेटे और बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ सत्तारूढ़ बीजेपी में शामिल हो गए थे। इसके अलावा पार्टी के पूर्व विधायक मुलू भाई कंडोरिया भी कांग्रेस छोड़ बीजेपी ज्वाइन कर चुके हैं।
गुजरात में कांग्रेस के लिए बढ़ रही हैं मुश्किलें
मोढवाडिया ने कांग्रेस छोड़ने से पहले पार्टी की विचारधारा को आड़े हाथों लिया था। उनका कहना था कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बहिष्कार करने की घोषणा ने उन्हें बुरी तरह से आहत किया था। उनका यह भी कहना था कि कांग्रेस जनता की नब्ज भांपने में लगातार नाकाम हो रही है, जिसके चलते ही पार्टी के समर्पित नेता दूसरी पार्टी में जा रहे हैं। मोढवाडिया प्रदेश में पार्टी के अध्यक्ष के अलावा तीन बार विधायक भी रह चुके हैं। उनका कांग्रेस छोड़ना राज्य में पार्टी के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। आपको यह भी बता दें कि इसी साल जनवरी में कांग्रेस के एक अन्य सीनियर विधायक सीजे चावड़ा भी पार्टी को छोड़ चुके हैं।
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कल इस्तीफा दिया, आज बीजेपी मे शामिल
मोढवाडिया ने कल सोमवार को गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकर चौधरी को इस्तीफा सौंपा दिया था। दूसरी ओर अंबरीश डेर ने भी कल ही कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया था। गुजरात के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली विपक्षी नेताओं में से एक, मोढवाडिया ने वर्ष 2022 के चुनावों में पोरबंदर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के दिग्गज नेता बाबू बोखिरिया को हराया था। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही पार्टी के राज्यसभा सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री नाराण राठवा अपने बेटे और बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ सत्तारूढ़ बीजेपी में शामिल हो गए थे। इसके अलावा पार्टी के पूर्व विधायक मुलू भाई कंडोरिया भी कांग्रेस छोड़ बीजेपी ज्वाइन कर चुके हैं।
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मोढवाडिया ने कांग्रेस छोड़ने से पहले पार्टी की विचारधारा को आड़े हाथों लिया था। उनका कहना था कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बहिष्कार करने की घोषणा ने उन्हें बुरी तरह से आहत किया था। उनका यह भी कहना था कि कांग्रेस जनता की नब्ज भांपने में लगातार नाकाम हो रही है, जिसके चलते ही पार्टी के समर्पित नेता दूसरी पार्टी में जा रहे हैं। मोढवाडिया प्रदेश में पार्टी के अध्यक्ष के अलावा तीन बार विधायक भी रह चुके हैं। उनका कांग्रेस छोड़ना राज्य में पार्टी के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। आपको यह भी बता दें कि इसी साल जनवरी में कांग्रेस के एक अन्य सीनियर विधायक सीजे चावड़ा भी पार्टी को छोड़ चुके हैं।
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