हालांकि, अभी तक इस हमले की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल घटना से जुड़ी जानकारी सिर्फ हूतियों की तरफ से ही सामने आई है।
हूती प्रवक्ता बोले- नाव में सवार थे 14 भारतीय
हूतियों के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना की जानकारी दी है। उन्होंने दावा किया कि
सऊदी अरब ने लाल सागर में जुकर द्वीप के पास एक भारतीय नाव पर Airstrike की है।
प्रवक्ता के मुताबिक नाव में 14 भारतीय नागरिक सवार थे। हूतियों की टीम उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है। बचाव अभियान से जुड़ी और जानकारी बाद में दी जाएगी।
![सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी का एक्स पोस्ट।]()
सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी का एक्स पोस्ट।
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सऊदी अरब पर हूतियों ने लगाए गंभीर आरोप
याह्या सरी ने सऊदी अरब की इस कथित कार्रवाई को लापरवाही भरा बताया है। उनका कहना है कि ऐसे हमलों से लाल सागर में जहाजों की आवाजाही को खतरा हो सकता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है कि सऊदी अरब को ऐसी कार्रवाई करने से रोका जाए।
जहां हमला हुआ, वह समुद्री व्यापार का अहम रास्ता
हूतियों के मुताबिक यह घटना लाल सागर में जुकर द्वीप के पास हुई है। यह इलाका बाब अल-मंदेब जलमार्ग के नजदीक है।
बाब अल-मंदेब एक महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है। यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। आगे यही रास्ता हिंद महासागर तक जाता है। यहां से बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाज गुजरते हैं।
फिलहाल नाव में सवार 14 भारतीयों की हालत को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। Rescue Operation का नतीजा भी सामने नहीं आया है। सऊदी अरब ने भी कथित हमले पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
सऊदी अरब में हूती हमलों से दो भारतीयों की मौत
सऊदी अरब में हाल ही में हुए हूती हमलों में दो भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है।
10-11 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक भारतीय की मौत हुई थी। इसके बाद 21 अक्टूबर को दम्माम एयरपोर्ट पर हुए हमले में भी एक भारतीय नागरिक की जान चली गई थी। इस हमले में दो अन्य भारतीय घायल हुए थे। वहीं, शैबा ऑयल फील्ड में ड्रोन का मलबा गिरने से एक भारतीय घायल हुआ था।
इन घटनाओं के बाद भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में रहने वाले भारतीयों से सावधानी बरतने की अपील की है। दूतावास ने कहा है कि लोग स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। हवाई हमलों के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।
सऊदी अरब और हूतियों के बीच क्यों चल रही लड़ाई?
सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष की शुरुआत यमन के गृहयुद्ध से जुड़ी है। साल 2014 में हूती विद्रोहियों ने यमन की राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी अरब ने कई देशों के साथ मिलकर हूतियों के खिलाफ Military Operation शुरू किया।
सऊदी अरब चाहता था कि यमन में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार की दोबारा वापसी हो। साथ ही हूतियों का कब्जा खत्म हो जाए। इसके बाद कई साल तक यमन में हवाई हमले होते रहे। हालांकि, सऊदी गठबंधन हूतियों को पूरी तरह पीछे नहीं हटा सका।
आज भी यमन के बड़े हिस्से पर हूतियों की पकड़ बनी हुई है। दोनों पक्षों के बीच संघर्ष का असर अब सऊदी अरब की सुरक्षा और लाल सागर में जहाजों की आवाजाही पर भी पड़ रहा है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि लाल सागर में नाव पर सवार 14 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं या नहीं। हूतियों ने बचाव अभियान चलाने का दावा किया है। इस मामले में सऊदी अरब की प्रतिक्रिया और स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है।