SC की सलाह थ्री लैंग्वेज पॉलिसी 5वीं या 6वीं से हो शुरू, 9वीं में बढ़ेगा तनाव

Kaushiki | Jul 17, 2026, 10:32 IST
Share
CBSE Three Language Policy
CBSE Three Language Policy

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की 9वीं क्लास से लागू थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर चिंता जताई है। कोर्ट का कहना है कि इससे बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले छात्रों पर मानसिक तनाव बढ़ेगा। अदालत ने केंद्र और सीबीएसई से इस पर जवाब मांगा है।

CBSE Three Language Policy: सुप्रीम कोर्ट ने CBSE की तीन भाषा नीति पर बड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि नौवीं कक्षा में नई भाषा जोड़ना बच्चों के लिए तनावभरा है। जजों ने सुझाव दिया कि तीसरी भाषा पांचवीं या छठी कक्षा से शुरू होनी चाहिए।

यह टिप्पणी तमिलनाडु सरकार की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान आई। अदालत का कहना है कि 10th बोर्ड एग्जाम से ठीक एक साल पहले, 9वीं कक्षा में बच्चों पर तीसरी भाषा का एक्स्ट्रा बोझ डालना बिल्कुल गलत है।

इससे स्टूडेंट्स का मेंटल स्ट्रेस और बोर्ड परीक्षा का तनाव बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा। कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस पॉलिसी को दोबारा रिव्यू करने को कहा है। वहीं मामले की अगली सुनवाई अगस्त में तय हुई है।

कोर्ट ने क्या कहा

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की बेंच के सामने यह मामला आया। सुनवाई के दौरान बेंच ने CBSE स्कूलों की भाषा नीति पर सीधी टिप्पणी की।

कोर्ट ने कहा कि नौवीं कक्षा में नई भाषा शुरू करना ठीक नहीं है। जजों ने कहा कि इस उम्र में बच्चे पहले से ही बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे रहते हैं। ऐसे में एक और नई भाषा जोड़ना दबाव बढ़ाता है।

बेंच ने साफ कहा कि तीसरी भाषा पांचवीं या छठी कक्षा से शुरू होनी चाहिए। साथ ही यह भी कहा कि नौवीं कक्षा तक आते-आते यह पढ़ाई खत्म हो जानी चाहिए। कोर्ट ने यह भी जोड़ा कि बच्चों की उम्र में भाषा सीखना आसान होता है।

मामला कैसे शुरू हुआ

यह टिप्पणी तमिलनाडु सरकार की एक याचिका की सुनवाई के दौरान आई। तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने राज्य को हर जिले में नवोदय विद्यालय खोलने का निर्देश दिया था।

तमिलनाडु लंबे समय से दो भाषा नीति का पालन करता रहा है। राज्य सरकार का कहना है कि तीन भाषा फॉर्मूला उसकी नीति से मेल नहीं खाता। सुनवाई के दौरान ही CBSE स्कूलों की भाषा नीति का विषय भी सामने आया।

जस्टिस नागरत्ना ने यह भी कहा कि तमिलनाडु में अब सरकार बदल चुकी है। कोर्ट ने कहा कि नई सरकार से निर्देश लेने की जरूरत है। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य केंद्रीय स्कूलों को नहीं रोक सकता। अंत में तमिलनाडु सरकार के अनुरोध पर मामले को स्थगित कर दिया गया। अब इस पर अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।

पिटीशंस का दूसरा दौर भी कोर्ट में

ये टिप्पणी अकेली घटना नहीं है। इसी हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने CBSE की तीन भाषा नीति के खिलाफ नई याचिकाओं पर भी नोटिस जारी किया है। यह नोटिस केंद्र सरकार, CBSE और NCERT को भेजा गया है।

नई याचिकाओं में CBSE की नौवीं और दसवीं कक्षा के 2026-27 सत्र के पाठ्यक्रम को चुनौती दी गई है। साथ ही अप्रैल और मई में जारी दो सर्कुलर पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह नीति दो भारतीय भाषाओं को अनिवार्य बनाती है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि यह नीति मध्यम वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव करती है। तर्क है कि महंगे इंटरनेशनल बोर्ड के छात्रों को विदेशी भाषा सीखने का मौका मिलता है, जबकि CBSE छात्रों को नहीं।

याचिकाकर्ताओं ने नई शिक्षा नीति 2020 का भी हवाला दिया है, जो छात्रों की पसंद और लचीलेपन पर जोर देती है। फिलहाल कोर्ट ने इन सर्कुलर पर कोई रोक नहीं लगाई है। सीबीएसई बोर्डको दो हफ्ते में जवाब देने को कहा गया है। अब इस मामले की सुनवाई अब 29 जुलाई को होगी। सुप्रीम कोर्ट का फैसला

छात्रों के लिए राहत भी मिली

हाल ही में CBSE ने मौजूदा नौवीं कक्षा के छात्रों को एक बड़ी राहत दी थी। बोर्ड ने कहा है कि इस बैच के छात्रों को दसवीं की बोर्ड परीक्षा में नई तीसरी भाषा में जांचा नहीं जाएगा। यह फैसला स्कूलों, अभिभावकों और छात्रों की चिंताओं के बाद लिया गया।

वहीं केंद्र सरकार और CBSE का कहना है कि यह नीति राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है। उनका तर्क है कि यह नीति देशभर में बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देती है।

ये खबरें भी पढ़ें...

CBSE ने जारी किया R3 असेस्मेंट फ्रेमवर्क, कक्षा 9वीं के छात्र ध्यान दें

CBSE Board Exam में बड़ा बदलाव, 10वीं बोर्ड परीक्षा में नहीं होगा ये पेपर

CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

अब छात्र घर बैठे मुफ्त में सीखेंगे एआई, CBSE ने लॉन्च किए 19 कोर्स

Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • cbse
  • सुप्रीम कोर्ट का फैसला
  • नई शिक्षा नीति
  • सीबीएसई बोर्ड
  • थ्री लैंग्वेज पॉलिसी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती