CBSE ने जारी किया R3 असेस्मेंट फ्रेमवर्क, कक्षा 9वीं के छात्र ध्यान दें
Anjali Dwivedi | Jul 06, 2026, 14:17 IST
सीबीएसई ने जारी किया R3 असेस्मेंट फ्रेमवर्क
सीबीएसई ने कक्षा 9वीं के लिए R3 भाषा नीति का मूल्यांकन फ्रेमवर्क जारी किया। सुनना बोलना कौशल को सबसे ज्यादा अंक मिलेंगे। स्कूलों को सर्कुलर भेजा गया।
समझें क्या है पूरा मामला
- सीबीएसई ने कक्षा 9वीं के लिए तीन भाषा नीति लागू कर दी है।
- यह नियम एक जुलाई से प्रभावी हो चुका है।
- छात्रों को अब तीन भाषाएं पढ़नी होंगी।
- इनमें से दो भाषाएं भारतीय मूल की होनी जरूरी हैं।
- बोर्ड ने अब R3 भाषा असेसमेंट फ्रेमवर्क भी जारी कर दिया है।
स्कूल स्तर पर होगा मूल्यांकन
सर्कुलर में लर्निंग रिसोर्स की उपलब्धता की जानकारी भी दी गई है। बोर्ड ने बताया कि भाषाओं के लिए NCERT का कोर्स अपनाया गया है। यह पाठ्यक्रम ओरल फर्स्ट पेडागॉजी पर आधारित है। इसका मतलब है सुनने और बोलने पर ज्यादा जोर दिया जाएगा।
किस स्किल के कितने अंक
दूसरा हिस्सा क्रिएटिव राइटिंग का है, जिसके लिए 15 अंक तय हैं। तीसरा हिस्सा लर्निंग रिसोर्स पर आधारित मूल्यांकन का है। इसमें रीडिंग स्किल को 20 अंक और राइटिंग स्किल को 10 अंक मिलेंगे। चौथा हिस्सा प्रोजेक्ट वर्क का है, जिसके लिए 15 अंक निर्धारित किए गए हैं।
साल भर होंगी गतिविधियां
क्रिएटिव राइटिंग का मूल्यांकन भी 15 अंकों में होगा। इससे छात्रों की लेखन क्षमता को परखा जाएगा। बोर्ड का मानना है कि इससे भाषा सीखने का तरीका आसान होगा। छात्रों पर परीक्षा का दबाव भी कम रहेगा।
स्कूलों से मांगा गया फीडबैक
बोर्ड चाहता है कि यह नीति व्यावहारिक रूप से कारगर साबित हो। इसलिए स्कूलों के अनुभवों को भी अहमियत दी जा रही है। सभी लर्निंग रिसोर्स एनसीईआरटी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं। स्कूल और छात्र वहां से इन्हें आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।
एमपी, राजस्थान, सीजी में असर
इन राज्यों के शिक्षकों को भी लर्निंग रिसोर्स से जुड़ी जानकारी मिल चुकी है। स्कूल प्रबंधन को सर्कुलर के मुताबिक बदलाव करने होंगे। छात्रों के लिए भाषा सीखना अब पहले से आसान बनाया गया है। सुनना और बोलना कौशल पर खास ध्यान दिया जाएगा।
FAQ
- सीबीएई में R3 भाषा नीति क्या है?
यह सीबीएसई की तीन भाषा नीति है। इसमें छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होती हैं। दो भाषाएं भारतीय मूल की होनी जरूरी हैं। - तीसरी भाषा का मूल्यांकन कैसे होगा?
तीसरी भाषा का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर होगा। यह पूरी तरह आंतरिक प्रक्रिया रहेगी। कक्षा दसवीं में इसकी बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। - कुल कितने अंकों का मूल्यांकन होगा?
स्कूल आधारित मूल्यांकन कुल 100 अंकों का होगा। सुनना बोलना कौशल को 40 अंक मिलेंगे। बाकी अंक राइटिंग, रीडिंग और प्रोजेक्ट वर्क में बंटे हैं।
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