भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस ने हटाया, जबरन ले गई अस्पताल

Amresh Kushwaha | Jul 18, 2026, 08:16 IST
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सोनम वांगचुक और अभिजीत दिपके
सोनम वांगचुक और अभिजीत दिपके

नीट परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस ने हटाकर अस्पताल भेजा। हाई कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई हुई है। सीजेपी नेता भी हिरासत में, दोनों पक्षों के अलग-अलग बयान सामने आए हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार (18 जुलाई) तड़के पुलिस ने जंतर मंतर से हटा दिया है। इसके बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया है। वांगचुक नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ भूख हड़ताल पर थे। उनकी भूख हड़ताल 20 दिन पूरे कर 21वें दिन में प्रवेश कर चुकी थी। जंतर मंतर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

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क्या कहती है पुलिस

दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई पर सोशल मीडिया पर सफाई दी। पुलिस ने बताया कि यह कदम दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर उठाया गया है। डॉक्टरों की सलाह पर भी यह फैसला लिया गया है। पुलिस के अनुसार वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ रही थी। इसलिए उन्हें जरूरी इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

पुलिस ने यह भी कहा कि कार्रवाई के दौरान बाधा आई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने रोकने की कोशिश की। इससे मौके पर थोड़ी अफरातफरी की स्थिति बनी। हालांकि पुलिस ने संयम बरतते हुए काम किया। पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से पूरा किया गया। पुलिस ने बाकी प्रदर्शनकारियों से जंतर मंतर खाली करने की अपील की। पुलिस चाहती है कि यह शांतिपूर्ण तरीके से जल्द हो जाए।

सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक


सीजेपी नेता भी हिरासत में

इसी दौरान एक और नेता को भी हिरासत में लिया गया है। यह हैं कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी (Cockroach Janta Party) के संस्थापक अभिजीत दिपके। दिपके ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें जबरन हिरासत में लिया गया है।

सीजेपी की प्रवक्ता सौरभ दास ने भी सोशल मीडिया पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने दिपके को रोक लिया। यह उनके ठहरने की जगह पर ही हुआ। दास ने यह भी लिखा कि वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से जबरन उठाया गया। उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज होने का भी दावा किया। हालांकि पुलिस ने अपने बयान में संयम बरतने की बात कही है। दोनों पक्षों के बयानों में साफ अंतर देखा जा रहा है।

हाई कोर्ट का क्या था आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने पहले ही एक आदेश दिया था। इसमें सरकार को वांगचुक की सेहत पर नजर रखने को कहा गया था। यह पहली बार था जब किसी अदालत ने इस प्रदर्शन में हस्तक्षेप किया। इससे पहले यह मामला सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर देखा जा रहा था। कोर्ट के आदेश का मतलब साफ था। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया जा सकता है।

दरअसल एक याचिका दायर की गई थी। इसमें मांग थी कि हालत गंभीर होने से पहले वांगचुक को भोजन दिया जाए। इस याचिका पर हाई कोर्ट की दो जजों की बेंच ने सुनवाई की। बेंच ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया। वे डॉक्टरों की राय के आधार पर जरूरी कदम उठाएं। इसी आदेश के बाद पुलिस ने शनिवार तड़के कार्रवाई की।

क्यों चल रही थी भूख हड़ताल

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल नीट (NEET) परीक्षा से जुड़ी थी। इसमें कथित अनियमितताओं के खिलाफ वे प्रदर्शन कर रहे थे। नीट का मतलब है नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट। यह देश भर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षा है। उनका आरोप था कि इस परीक्षा प्रणाली में बड़ी खामियां हैं।

इन्हीं मुद्दों को लेकर वे लंबे समय से आवाज उठा रहे थे। उनकी भूख हड़ताल जंतर मंतर पर पिछले 20 दिनों से चल रही थी। जंतर मंतर दिल्ली में प्रदर्शनों का जाना-पहचाना स्थान है। इस दौरान कई छात्र और समर्थक भी उनके साथ जुड़े रहे। धीरे-धीरे यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया।

आगे क्या होने वाला था

कोर्ट का यह आदेश एक बड़े मार्च से ठीक पहले आया। यह मार्च 20 जुलाई को प्रस्तावित था। सीजेपी ने इस मार्च का आह्वान किया था। यह भूख हड़ताल स्थल से संसद तक जाना था। इस मार्च का मकसद साफ था। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज करना था। साथ ही परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग भी उठाई जानी थी। अब देखना होगा कि यह मार्च तय समय पर हो पाता है या नहीं।

अब वांगचुक अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उनकी सेहत को लेकर समर्थकों में चिंता बनी हुई है। कई लोग सोशल मीडिया पर उनके जल्द ठीक होने की कामना कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर और घटनाक्रम सामने आ सकते हैं। कोर्ट में भी यह मामला आगे सुना जा सकता है। प्रदर्शन और मार्च को लेकर स्थिति पर सबकी नजर रहेगी। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव अभी पूरी तरह कम नहीं हुआ है। इस पूरे मामले पर आम लोगों की भी नजर बनी हुई है।

FAQ

  1. सोनम वांगचुक किस मुद्दे पर भूख हड़ताल कर रहे थे?
    सोनम वांगचुक नीट यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप था कि परीक्षा प्रणाली में बड़ी खामियां हैं। यह भूख हड़ताल जंतर मंतर पर 20 दिनों से चल रही थी। इस दौरान कई छात्र और समर्थक भी उनके साथ जुड़े थे।
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