7 साल पहले घर से भागी थी संजू रानी, फिर लौटी अफसर बिटिया बनकर

मेरठ की संजू रानी वर्मा ने 2013 में शादी के दबाव के कारण घर छोड़ा। 2018 में UPPSC क्लियर कर वह कॉमर्शियल टैक्स ऑफिसर बनीं। पढ़िए उनकी इंस्पिरेशनल कहानी।

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Anjali Dwivedi
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News In Short

  • 2013 में जब घरवाले शादी के लिए जिद्द करने लगे, तो संजू ने सपनों के खातिर घर छोड़ दिया था।
  • घर छोड़ने के बाद उन्होंने मेरठ में ट्यूशन पढ़ाकर और पार्ट-टाइम नौकरी करके अपना गुजारा किया।
  • विपरीत परिस्थितियों और आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने UPPSC की तैयारी जारी रखी।
  •  साल 2018 में संजू ने यूपीपीएससी परीक्षा क्लियर की और कॉमर्शियल टैक्स ऑफिसर बनीं।
  • संजू का लक्ष्य डीएम बनना है और वह समाज में महिलाओं के लिए काम करना चाहती हैं।

News In Detail

मेरठ: अक्सर कहा जाता है कि सपने देखने की कोई उम्र नहीं होती है। उन सपनों को पूरा करने के लिए कभी-कभी कड़े फैसले लेना सबसे जरूरी होता है। मेरठ की संजू रानी वर्मा ने भी कुछ ऐसा ही किया। साल 2013 में जब उन पर शादी का दबाव बनाया गया, तो उन्होंने हार मानने के बजाय घर छोड़ने का रास्ता चुना। आज वही संजू PCS अधिकारी हैं और उनकी यह कामयाबी उन लोगों के लिए जवाब है जिन्होंने उनकी उड़ान को रोकना चाहा था।

संजू रानी वर्मा

संजू क्यों गई घर छोड़कर 

संजू रानी वर्मा मेरठ की रहने वाली हैं। उनके परिवार में महिलाओं की शिक्षा को लेकर बहुत अधिक प्रोत्साहन नहीं दिया जाता था। उन्होंने किसी तरह आरजी डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद वह पोस्ट-ग्रेजुएशन करना चाहती थीं, लेकिन उसी दौरान उनकी मां का निधन हो गया। मां के जाने के बाद परिवार ने उन पर पढ़ाई छोड़कर शादी करने का भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया। 

संजू शादी के लिए तैयार नहीं थीं, क्योंकि उनकी आंखों में अफसर बनने का सपना था। साल 2013 में उन्होंने घर छोड़ दिया। उनका यह फैसला बेहद मुश्किल भरा था। 

संजू ने एक छोटा सा कमरा किराए पर लिया और अपना खर्च चलाने के लिए बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। साथ ही, उन्होंने कुछ लोकल संस्थानों में पार्ट-टाइम जॉब भी की। दिन भर काम और रात भर पढ़ाई का यह सिलसिला सालों तक चला।

पीसीएस परीक्षा में कामयाब

संजू 2018 में UPPSC क्लियर कर अधिकारी बनीं 

किराया देने और किताबें खरीदने के लिए संजू ने अपनी हर छोटी कमाई का हिसाब रखा। कई बार मन में डर और अपनी सफलता  को लेकर संदेह भी पैदा हुआ, लेकिन उन्होंने UPPSC (उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग) परीक्षा से अपना ध्यान नहीं हटने दिया। उनकी सात साल की तपस्या तब रंग लाई, जब साल 2018 में यूपीपीएससी का रिजल्ट आया। संजू ने न केवल परीक्षा पास की, बल्कि वह कॉमर्शियल टैक्स ऑफिसर के पद पर चयनित हुईं।

घर से भागीं

मंजिल अभी और भी दूर है

आज 35 साल की उम्र में भी संजू का हौसला कम नहीं हुआ है। फिलहाल वह अधिकारी पद पर कार्यरत हैं, लेकिन उनका अगला लक्ष्य सिविल सेवा के जरिए डिविजनल मजिस्ट्रेट बनना है। संजू का मानना है कि सम्मान और जिम्मेदारी कभी शर्तों पर नहीं मिलनी चाहिए। वह अब अपने उसी परिवार की मदद भी करना चाहती हैं, जिसे वह अपने सपनों की खातिर पीछे छोड़ आई थीं।

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