त्योहारों से पहले महंगी हुई मिठास, 15 दिन में चीनी और गुड़ के बढ़े दाम
Aman Vaishnav | Aug 19, 2026, 13:32 IST
चीनी-गुड़ के दाम बढ़े
त्योहारों का सीजन पास आते ही रसोई के बजट पर असर पड़ना शुरू हो गया है। पिछले 15 दिनों में चीनी करीब 17 रुपए और गुड़ 40 रुपए प्रति किलो तक महंगा हो चुका है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- पिछले 15 दिनों में चीनी और गुड़ के दाम तेजी से बढ़े हैं।
- चीनी करीब 17 रुपए किलो महंगी हुई है।
- गुड़ के दाम में 40 रुपए किलो तक की बढ़त दर्ज हुई है।
- इसका असर चाय, मिठाई, खीर और मिल्क प्रोडक्ट्स तक पर पड़ रहा है।
- कारोबारियों ने सरकार से जल्द कदम उठाने की मांग की है।
इस उछाल का असर सिर्फ चीनी तक सीमित नहीं है। घर की रोज की चाय भी महंगी पड़ने लगी है। चॉकलेट, दूध, खीर और जूस जैसी चीजों पर भी असर दिख रहा है। मिठाई बनाने वाले कारोबारियों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ी है।
बाजार में हलचल तेज हो गई है। आम लोगों के साथ छोटे कारोबारी भी परेशान हैं। कालाबाजारी बढ़ने का डर सता रहा है। कुछ व्यापारियों ने सरकार से तुरंत कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली तो दिवाली तक हालात और बिगड़ सकते हैं।
पुराने-नए रेट में फर्क
अब यही गुड़ 100 रुपए किलो तक पहुंच गया है। यानी सिर्फ 15 दिन में करीब 40 रुपए की बढ़त हुई है। चीनी की कीमत भी 48 रुपए से बढ़कर 62 से 65 रुपए किलो हो गई है। यह बढ़त भी सीधे किचन के बजट पर असर डाल रही है।
सिर्फ चीनी और गुड़ ही नहीं, बादाम भी महंगा हुआ है। एक महीने पहले बादाम 900 रुपए किलो में मिलता था। अब इसका दाम बढ़कर 1,100 रुपए किलो तक पहुंच गया है। मिठाई, बेकरी और चाय दुकानों की लागत अब बढ़ने लगी है।
हलवाई और छोटे फूड कारोबारियों के लिए यह मुश्किल समय है। कच्चे माल की कीमत बढ़ने से मुनाफा घट रहा है। कई कारोबारी अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने पर मजबूर हो सकते हैं। इसका सीधा बोझ आखिर में ग्राहकों पर ही पड़ेगा।
sugar-and-jaggery-price-hike
चीनी की कीमत क्यों बढ़ी
इसी बीच दूसरे देशों को चीनी का एक्सपोर्ट भी किया गया। इससे घरेलू बाजार में उपलब्धता और घट गई। बढ़ती महंगाई को देखते हुए अब एक्सपोर्ट फिलहाल रोक दिया गया है। इसके बावजूद दाम में राहत नहीं मिल पाई है।
कारोबारी का दावा है कि थोक बाजार में चीनी बीते दो महीनों में करीब 15 रुपये महंगी हुई है। उत्पादन में कमी और एक्सपोर्ट, दोनों को इसकी वजह बताया जा रहा है। इससे बाजार में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
sugar-and-jaggery-price-hike
सरकार की स्टॉक लिमिट
अब कोई थोक कारोबारी 30 दिन में सिर्फ 4 हजार क्विंटल चीनी ही बेच सकेगा। इस फैसले का मकसद जमाखोरी और कालाबाजारी रोकना बताया जा रहा है।
कारोबारियों का यह भी कहना है कि सिर्फ उत्पादन और एक्सपोर्ट ही वजह नहीं हैं। उनके मुताबिक एथेनॉल उत्पादन भी चीनी महंगी होने की एक बड़ी वजह है।
गन्ने का बड़ा हिस्सा एथेनॉल बनाने में इस्तेमाल हो रहा है। इससे चीनी मिलों के पास कच्चे माल की उपलब्धता घट रही है।
sugar-and-jaggery-price-hike
आगे क्या हो सकता है
sugar-and-jaggery-price-hike
ये खबरें भी पढ़िए...
देश दुनिया न्यूज: फिर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? दिन व दिन बढ रही कच्चे तेल की कीमतें
स्मार्टफोन रिचार्ज हुए महंगे! एयरटेल ने बंद किए सस्ते प्लान, जियो लाया नया ऑफर
LPG e-KYC की डेडलाइन बढ़ी, अब 23 अगस्त तक करा सकेंगे सत्यापन
देश में मानसून की बेरुखी से 51% हिस्से में सूखे का संकट: खरीफ फसलों पर मार, बढ़ सकती है महंगाई और आम आदमी की मुश्किलें
By Aman Vaishnav, CHAKRESH
Live |उज्जैन में मस्जिद हटाने पर बवाल
By
राजस्थान नगर निगम चुनाव में BJP का दबदबा
By
गंगरेल बांध का विकराल रूप, खोले गए सभी 14 गेट, महानदी में बढ़ा जलस्तर
By
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का असर: महादेव घाट पुल डूबा, शबरी पर बढ़ा खतरा; कई रास्तों पर आवाजाही बंद
By Umeshwari Baghel
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अक्टूबर से बदलेगा पढ़ाई का तरीका, कठिन विषयों की होंगी लाइव ऑनलाइन क्लास
By Harrison Masih
31 साल का साथ, फिर शादी पर उठे सवाल, ग्वालियर हाईकोर्ट ने दिलाया पत्नी होने का हक
By Sanjay Dhiman