CJP के छात्र आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश, कहा- नाबालिगों को तुरंत रिहा करें
Aman Vaishnav | Jul 28, 2026, 13:52 IST
छात्र आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने CJP छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई की सुनवाई में शांतिपूर्ण प्रदर्शन को संवैधानिक अधिकार बताया। कोर्ट ने नाबालिग प्रदर्शनकारियों की रिहा करने की बात कही।
सुप्रीम कोर्ट में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि छात्रों का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है।
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कोर्ट ने साफ कहा कि अगर किसी पुलिसकर्मी या अधिकारी ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया है, तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी।
साथ ही कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि 18 साल से कम उम्र के जिन प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।
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चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि पहली नजर में इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी लगती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस कार्रवाई को लेकर पहले से बने दिशा-निर्देशों की अब समीक्षा करने का समय आ गया है।
2018 में बनाए गए नियम 2026 की परिस्थितियों में कितने प्रभावी हैं, इसकी भी जांच होनी चाहिए, ताकि प्रदर्शन शुरू होते ही पुलिस तय नियमों के तहत काम करे।
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सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का पूरा अधिकार है, लेकिन कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन के दौरान 250 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्वतंत्र जांच से प्रदर्शनकारियों और पुलिस, दोनों के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो सकेगी। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।
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छात्र आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश, कहा नाबालिगों को तुरंत रिहा करें
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सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि छात्रों का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है।
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नाबागिल प्रदर्शनकारियों की रिहाई
साथ ही कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि 18 साल से कम उम्र के जिन प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।
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मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच
2018 में बनाए गए नियम 2026 की परिस्थितियों में कितने प्रभावी हैं, इसकी भी जांच होनी चाहिए, ताकि प्रदर्शन शुरू होते ही पुलिस तय नियमों के तहत काम करे।
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कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्वतंत्र जांच से प्रदर्शनकारियों और पुलिस, दोनों के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो सकेगी। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।
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सुप्रीम कोर्ट के 4 बड़े अंतरिम आदेश
- 18 साल से कम उम्र के जिन प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।
- पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होगी। जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी।
- प्रदर्शन से जुड़े CCTV फुटेज, ड्रोन वीडियो, बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग और दूसरे डिजिटल सबूत सुरक्षित रखे जाएं।
- दिल्ली समेत 8 राज्यों से जवाब मांगा गया है। जिन लोगों पर पहले कोई आपराधिक मामला नहीं था, उनके खिलाफ फिलहाल कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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