सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी: 15 साल लिव-इन में रहने के बाद यौन उत्पीड़न का आरोप क्यों ?

Sandeep Kumar | Apr 27, 2026, 20:58 IST
Share
27-2
Photograph: (the sootr)

सुप्रीम कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप पर अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि 15 साल तक साथ रहने के बाद यौन उत्पीड़न का आरोप सही नहीं है। महिला को बच्चे के लिए गुजारा-भत्ता और सुलह की सलाह दी गई।

News in Short

  • सुप्रीम कोर्ट ने 15 साल लिव-इन रिलेशनशिप के बाद यौन उत्पीड़न के आरोप खारिज किए।
  • कोर्ट ने पूछा, यदि रिश्ता आपसी सहमति से था, तो अपराध का सवाल कहां उठता है?
  • महिला ने आरोप लगाया था कि शादी का वादा करने के बावजूद शोषण हुआ।
  • कोर्ट ने महिला को बच्चे के लिए गुजारा-भत्ता मांगने का सुझाव दिया।
  • कोर्ट ने दोनों पक्षों से सुलह का विकल्प भी दिया और आर्थिक मुआवजे की संभावना जताई।

News in detail

सुप्रीम कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप में 15 साल तक एक साथ रहने के बाद यौन उत्पीड़न के आरोप को खारिज कर दिया। कोर्ट ने महिला से यह सवाल किया कि जब रिश्ता आपसी सहमति से बना हो, तो उसमें अपराध का सवाल कहां उठता है? कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर दोनों ने 15 साल साथ रहकर एक बच्चा भी पैदा किया, तो अब यह आरोप क्यों लगाया जा रहा है?

क्या हुआ था मामले में?

यह मामला मध्यप्रदेश का था, जहां महिला ने अपने पूर्व लिव-इन पार्टनर ( Live-In partner) के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। महिला का दावा था कि उसने शादी का वादा किया था, लेकिन फिर भी उसे शोषण का शिकार बनाया। महिला ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसमें उसके पूर्व लिव-इन पार्टनर के खिलाफ FIR रद्द कर दी गई थी।

कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि अगर महिला और पुरुष ने शादी का वादा किया था, तो यह मामला ज्यादा मजबूत होता। महिला को पति से गुजारा-भत्ता का अधिकार मिलता, लेकिन चूंकि उनकी शादी नहीं हुई, इसलिए इस मामले में यौन उत्पीड़न का आरोप नहीं बनता। कोर्ट ने महिला को बच्चे के लिए गुजारा-भत्ता की मांग करने और आपसी सुलह की सलाह दी।

महिला के वकील की दलील

महिला के वकील ने कोर्ट को बताया कि आरोपी ने शादी का वादा किया था और फिर उसके साथ यौन शोषण किया। कोर्ट ने इस पर यह सवाल उठाया कि अगर आरोपी से शादी करने का वादा था, तो महिला ने उस पुरुष के साथ क्यों रहना शुरू किया? कोर्ट ने यह भी कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप में ऐसा जोखिम रहता है, जहां पार्टनर रिश्ता तोड़कर किसी भी समय अलग हो सकता है।

सुलह का रास्ता और गुजारा-भत्ता

कोर्ट ने महिला को सुझाव दिया कि वह बच्चे के लिए गुजारा-भत्ता की मांग कर सकती है। साथ ही, दोनों पक्षों को आपसी सुलह के लिए जाने का विकल्प दिया गया। जस्टिस नागरत्ना ने कहा, "अगर वह पुरुष जेल चला जाए, तो महिला को क्या हासिल होगा? हमें बच्चे के लिए गुजारा-भत्ते के बारे में सोचना चाहिए।"

ये खबरें भी पढ़ें...

युवा कांग्रेस चुनाव में 6 दिन में पड़े 7.5 लाख वोट, जयपुर ग्रामीण टॉप पर, सिरोही सबसे पीछे

भूपेश बघेल फेक वीडियो मामला; छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने लिया संज्ञान, FIR दर्ज करने के आदेश

Aadhaar Card Free Update: फ्री में अपडेट करवाना है आधार कार्ड तो 14 तक है मौका

क्या आप भी करते हैं Axis Bank में काम, तो ये खबर पढ़कर लग सकता है झटका



Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • मध्यप्रदेश
  • मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
  • लिव-इन रिलेशनशिप
  • यौन उत्पीड़न
  • Live-In partner
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा