समय रैना समेत 5 कॉमेडियंस को SC से फटकार, जज ने कहा- सोशल मीडिया पर पब्लिकली मांगो माफी, जानें वजह
Neel Tiwari | Aug 25, 2025, 15:12 IST
supreme-court-criticizes-5-comedians-samay -raina
सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांगों के मजाक उड़ाने के मामले में पांच कॉमेडियंस को माफी मांगने का आदेश दिया। कोर्ट ने इन कॉमेडियंस को जुर्माने और जागरूकता फैलाने के लिए भी कहा है...
कॉमेडी के जरिए दिव्यांगों का मजाक उड़ाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना सहित पांच कॉमेडियंस को सोशल मीडिया पर माफी मांगने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई में इन्हें जमानत के तौर पर दी जाने वाली सजा भी तय हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (25 अगस्त) को कॉमेडियन समय रैना समेत पांच कॉमेडियंस को सख्त शब्दों में फटकार लगाई और उन्हें अपने यूट्यूब चैनल व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक तौर पर माफी पोस्ट करने का आदेश दिया। ये आदेश दिव्यांग व्यक्तियों (PwDs) का मजाक उड़ाने वाले असंवेदनशील चुटकुलों के मामले में आया।
ये खबर भी पढ़िए...सुप्रीम कोर्ट में MP सरकार और MPPSC के जवाब से OBC अभ्यर्थियों की बढ़ी बैचेनी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि हास्य जीवन का हिस्सा है, लेकिन जब यह किसी समुदाय या वर्ग की संवेदनशीलता को आहत करने लगे तो यह अस्वीकार्य हो जाता है। जस्टिस बागची ने टिप्पणी की, हास्य अच्छी बात है, लेकिन दूसरों की गरिमा की कीमत पर नहीं। जब कॉमेडी व्यावसायिक भाषण का रूप ले ले और किसी वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाए, तो यह गंभीर समस्या बन जाती है।
जस्टिस सूर्य कांत ने आगे कहा कि कॉमेडियनों को सिर्फ माफी ही नहीं मांगनी चाहिए, बल्कि दिव्यांगों के अधिकारों को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए भी अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना चाहिए।
ये खबर भी पढ़िए...धार इमामबाड़ा को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए मुस्लिम समाज ने याचिका वापस ली
पांचों कॉमेडियन सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे। कोर्ट ने उनकी भविष्य की सुनवाई में व्यक्तिगत उपस्थिति को छूट दे दी है, लेकिन चेतावनी भी दी कि अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा।
बेंच ने कहा कि कॉमेडियनों को सिर्फ माफी मांगकर नहीं बचना चाहिए, बल्कि उन्हें जुर्माने या अन्य दंड का सामना भी करना पड़ सकता है। जस्टिस कांत ने टिप्पणी की, पश्चाताप की डिग्री अपराध की डिग्री से अधिक होनी चाहिए। कोर्ट ने संकेत दिया कि अगली सुनवाई में कॉमेडियंस पर लगाए जाने वाले जुर्माने पर भी फैसला किया जाएगा।
ये खबर भी पढ़िए...बिहार SIR पर सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग को निर्देश, आधार कार्ड को वैध दस्तावेज माना जाए
भारत के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे पर दिशानिर्देशों का मसौदा पेश करेंगे। हालांकि उन्होंने साफ किया कि हास्य और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर पूरी तरह से रोक संभव नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि संविधान का अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) किसी भी हाल में अनुच्छेद 21 (जीवन और गरिमा का अधिकार) से ऊपर नहीं हो सकता। कोर्ट ने कहा कि यह मामला सिर्फ मजाक का नहीं बल्कि दिव्यांगों की गरिमा और सम्मान से जुड़ा है।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (25 अगस्त) को कॉमेडियन समय रैना समेत पांच कॉमेडियंस को सख्त शब्दों में फटकार लगाई और उन्हें अपने यूट्यूब चैनल व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक तौर पर माफी पोस्ट करने का आदेश दिया। ये आदेश दिव्यांग व्यक्तियों (PwDs) का मजाक उड़ाने वाले असंवेदनशील चुटकुलों के मामले में आया।
सुप्रीम कोर्ट में हुई मामले की सुनवाई
जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच SMA Cure Foundation की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस संगठन ने कोर्ट से अपील की थी कि समय रैना, विपुल गोयल, बलराज परमीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर के जरिए बनाए गए चुटकुले दिव्यांगों के सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं और इस पर रोक लगाई जानी चाहिए।
कॉमेडी किसी की गरिमा की कीमत पर नहीं – SC
जस्टिस सूर्य कांत ने आगे कहा कि कॉमेडियनों को सिर्फ माफी ही नहीं मांगनी चाहिए, बल्कि दिव्यांगों के अधिकारों को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए भी अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना चाहिए।
5 कॉमेडियंस को SC से फटकार मामले पर एक नजर
|
सभी कॉमेडियन रहे कोर्ट में मौजूद
माफी के साथ जुर्माने पर भी विचार
ये खबर भी पढ़िए...बिहार SIR पर सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग को निर्देश, आधार कार्ड को वैध दस्तावेज माना जाए
कुछ हद तक काबू करने बनाए जाएंगे नियम
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स औरएजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
जबलपुर में भाजपा की बड़ी पदयात्रा, सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल दिखाएंगे ताकत, एक लाख लोगों के जुटने का दावा
By Ramanand Tiwari
प्रखरश्री दीदी ने जज की परीक्षा पास कर छोड़ा सांसारिक मोह; पहले पूरा किया माता-पिता का सपना, अब चुना संन्यास
By Amresh Kushwaha
एमपी में एप्को पर आर्थिक संकट के सवाल, 8 करोड़ का अनुदान रुका तो कर्मचारियों के भविष्य पर बढ़ी चिंता
By Ramanand Tiwari
पत्नी की निजी जानकारी के लिए RTI का इस्तेमाल गलत, राजस्थान हाई कोर्ट ने बरकरार रखा तलाक
By Mukesh Sharma
मध्यप्रदेश में IAS के 68 पद खाली, 4 अफसरों को दिल्ली जाने से रोका; आखिर कब पूरी होगी अधिकारियों की कमी?
By Ramanand Tiwari
मध्यप्रदेश में RTI के हजारों आवेदन अटके, 10 हजार 350 लोगों को अब तक नहीं मिली जानकारी, सरकारी जवाबदेही पर सवाल
By Ramanand Tiwari
महादेव सट्टा ऐप का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर भारत लाया गया, करोड़ों के सट्टे और हवाला नेटवर्क की जांच तेज
By VINAY VERMA