वक्फ की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट में उठा खजुराहो के मंदिर पर सवाल, सिब्बल ने दी ये दलील
Rohit Sahu | May 20, 2025, 15:45 IST
sibbal waqf
सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई। सरकार के नियंत्रण और वक्फ संपत्तियों के अधिकार पर कोर्ट में जोरदार बहस हुई।
सुप्रीम कोर्ट में आज से वक्फ संशोधन अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई पुनः शुरू हो गई है। यह मामला खासतौर पर सरकार द्वारा वक्फ संपत्तियों के नियंत्रण को लेकर उठाए गए सवालों के कारण चर्चा में है। इस मामले की सुनवाई भारत के पूर्व चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच कर रही है, जिन्होंने अपने रिटायरमेंट से पहले मौजूदा चीफ जस्टिस बीआर गवई को इस केस को सौंपा था।
याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ अपनी दलील प्रस्तुत की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस अधिनियम के माध्यम से वक्फ की संपत्तियों को कब्जे में लेना चाहती है। कपिल सिब्बल ने कहा, "वक्फ का अर्थ है अल्लाह के लिए समर्पण।
जब कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति वक्फ में देता है, तो वह एक प्रकार से अल्लाह के लिए दान करता है, और इसे वापस नहीं लिया जा सकता।" उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ की संपत्तियां ट्रांसफर नहीं की जा सकतीं, क्योंकि एक बार जो संपत्ति वक्फ बन जाती है, वह हमेशा वक्फ ही रहती है।
यह भी पढ़ें..सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, एमपी वक्फ बोर्ड का बनेगा नया भवन
वक्फ शब्द का अर्थ है 'अल्लाह के लिए समर्पण', और यह एक धार्मिक परंपरा है, जो इस्लाम में बहुत महत्वपूर्ण है। जब कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति को वक्फ करता है, तो वह इसे स्थायी रूप से अल्लाह के नाम पर समर्पित कर देता है, और यह संपत्ति किसी भी व्यक्ति को नहीं दी जा सकती। वक्फ की संपत्ति पर मालिकाना हक नहीं होता और इसे अन्यथा ट्रांसफर भी नहीं किया जा सकता।
क्यों बीच में आया
सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने ऐतिहासिक स्मारकों का उदाहरण भी दिया, जैसे खजुराहो मंदिर। उन्होंने कहा कि सरकार पहले भी कुछ ऐतिहासिक स्थलों को अपने नियंत्रण में ले चुकी है, लेकिन इनका वक्फ का दर्जा कभी समाप्त नहीं हुआ। यदि अब कोई वक्फ संपत्ति स्मारक के रूप में चिह्नित की जाती है, तो उसे वक्फ नहीं माना जाएगा और फिर लोग पूजा-अर्चना करने से वंचित हो सकते हैं।
इस पर चीफ जस्टिस बीआर गवई ने स्पष्ट किया कि सरकारी नियंत्रण से उपासना का अधिकार प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने खजुराहो मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि यह स्मारक होने के बावजूद वहां लोग पूजा कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें...भिलाई केस में फंसे भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को बचाने आए कपिल सिब्बल
thesootr links
वक्फ कानून | वक्फ बिल का विरोध
कपिल सिब्बल ने सरकार के इरादों पर उठाए सवाल
जब कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति वक्फ में देता है, तो वह एक प्रकार से अल्लाह के लिए दान करता है, और इसे वापस नहीं लिया जा सकता।" उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ की संपत्तियां ट्रांसफर नहीं की जा सकतीं, क्योंकि एक बार जो संपत्ति वक्फ बन जाती है, वह हमेशा वक्फ ही रहती है।
वक्फ ऐक्ट को ठहराया गलत
कपिल सिब्बल ने वक्फ ऐक्ट को गलत ठहराते हुए कहा कि यह कानून इस उद्देश्य से लाया गया था कि वक्फ संपत्तियों का संरक्षण होगा, लेकिन असल में यह कब्जे का रास्ता खोलता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस कानून में ऐसी व्यवस्था की गई है कि बिना किसी न्यायिक प्रक्रिया के वक्फ की संपत्ति को कब्जे में लिया जा सकता है। इसके अलावा, यह निर्णय एक सरकारी अधिकारी द्वारा लिया जाएगा कि कोई संपत्ति वक्फ है या नहीं, जिससे संपत्ति के अधिकारों पर विवाद उत्पन्न हो सकता है।
वक्फ क्या है?
क्यों बीच में आया खजुराहो के मंदिर का नाम
इस पर चीफ जस्टिस बीआर गवई ने स्पष्ट किया कि सरकारी नियंत्रण से उपासना का अधिकार प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने खजुराहो मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि यह स्मारक होने के बावजूद वहां लोग पूजा कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें...भिलाई केस में फंसे भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को बचाने आए कपिल सिब्बल
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
वक्फ कानून | वक्फ बिल का विरोध
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava