मक्खी मारने के लिए बड़े हथौड़े का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, ट्रेनों पर लगी पाबंदियों को लेकर sc की अहम टिप्पणी

Sandeep Kumar | Oct 09, 2026, 16:50 IST
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दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने 57 स्टेशनों के प्रवेश और निकास बंद करने की बात कही है।
दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने 57 स्टेशनों के प्रवेश और निकास बंद करने की बात कही है।

दिल्ली मेट्रो की पाबंदियों पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए हैं। दरअसल मामला 10 अक्टूबर के प्रस्तावित CJP प्रदर्शन से जुड़ा है। 57 स्टेशनों के प्रवेश और निकास बंद करने की घोषणा हुई। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि मक्खी मारने के लिए हथौड़ा नहीं चाहिए। कोर्ट ने केंद्र से पाबंदियों पर फिर विचार करने को कहा है।

57 मेट्रो स्टेशन बंद, कई ट्रेनें रद्द

सरकार ने 57 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए हैं। इन स्टेशनों पर शुक्रवार रात 9 बजे से एंट्री बंद हो जाएगी। एग्जिट (बाहर निकलने का रास्ता) भी बंद रहेगा। रेलवे पर भी असर पड़ा है। 10 अक्टूबर को नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन की कई ट्रेनें रद्द हैं। यह सब कॉकरोच जनता पार्टी ( Cockroach Janta Party) के प्रदर्शन से पहले हुआ। यानी स्टेशन भी बंद और ट्रेनें भी कम। दिल्ली मेट्रो स्टेशन बंद होने और ट्रेनें रद्द होने का मामला कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने दिल्ली मेट्रो ( Delhi Metro ) के एंट्री गेट बंद होने को मुख्य चिंता बताया है।

ओबीसी आरक्षण पर बड़ा झटका: 27% आरक्षण रद्द, 13% होल्ड पदों पर अनारक्षित वर्ग की नियुक्ति के निर्देश | Big blow to OBC reservation: 27% reservation cancelled, directions for appointment of unreserved category in 13% hold posts
27% OBC आरक्षण पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 13% होल्ड पदों पर अनारक्षित वर्ग को नियुक्ति के निर्देश
09 Oct 2026 ,
By Neel Tiwari
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 2019 में ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 फीसदी करने वाले कानून को संविधान के खिलाफ मानते हुए रद्द कर दिया है। यानी अब ओबीसी वर्ग को फिर से 14 फीसदी आरक्षण मिलेगा। इसके साथ ही 13 फीसदी पदों पर अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 2019 में ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 फीसदी करने वाले कानून को संविधान के खिलाफ मानते हुए रद्द कर दिया है। यानी अब ओबीसी वर्ग को फिर से 14 फीसदी आरक्षण मिलेगा। इसके साथ ही 13 फीसदी पदों पर अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों जताई चिंता?

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा, लोग रोजी-रोटी कमाने दिल्ली आते हैं। नियम-कायदे लागू किए जा सकते हैं। लेकिन आप सब कुछ नहीं रोक सकते। कोर्ट ने केंद्र से कहा, सारा ट्रांसपोर्टेशन (यातायात) बंद नहीं हो सकता। वजह यह है कि लोग शहर के हर हिस्से से आते-जाते हैं। कोर्ट के मुताबिक सरकार सिर्फ नियमन (नियम तय करने) के उपाय कर सकती है। कोर्ट ने सरकार से एक सवाल भी पूछा। क्या जेन जी के प्रदर्शन के लिए बड़ी जगह दे सकते हैं?

पूर्व जजों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का किया बचाव, वोट चोरी के आरोपों पर उठाए सवाल | Former judges defend Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar, raise questions on vote theft allegations
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पक्ष में पूर्व जजों ने लिखा पत्र, एसआईआर को बताया सही, वोट चोरी के आरोप पर सवाल
08 Oct 2026 ,
By Jitendra Shrivastava
NEW DELHI. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में 42 पूर्व जजों ने एक लेटर पर दस्तखत किए हैं। इसमें एसआईआर प्रक्रिया को सही बताया गया है। जजों के मुताबिक वोट चोरी के आरोप बिना सबूत लगाए जा रहे हैं। इससे चुनाव आयोग पर लोगों का भरोसा घट सकता है। सुप्रीम कोर्ट सुनवाई में एसआईआर की याचिकाएं लंबित हैं। कोर्ट ने आयोग से जवाब मांगा है।
NEW DELHI. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में 42 पूर्व जजों ने एक लेटर पर दस्तखत किए हैं। इसमें एसआईआर प्रक्रिया को सही बताया गया है। जजों के मुताबिक वोट चोरी के आरोप बिना सबूत लगाए जा रहे हैं। इससे चुनाव आयोग पर लोगों का भरोसा घट सकता है। सुप्रीम कोर्ट सुनवाई में एसआईआर की याचिकाएं लंबित हैं। कोर्ट ने आयोग से जवाब मांगा है।

मक्खी मारने के लिए हथौड़ा नहीं

सुनवाई में कोर्ट ने एक कहावत का सहारा लिया। कोर्ट ने कहा, "मक्खी मारने के लिए बड़े हथौड़े का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।" इससे कोर्ट ने पाबंदियों के पैमाने पर सवाल उठाया। कोर्ट ने कहा है कि सब कुछ बंद नहीं किया जा सकता।

कपिल सिब्बल ने कोर्ट में क्या कहा?

"सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, मेट्रो स्टेशन बंद हैं। आप कहीं आ-जा नहीं सकते। मेरे देश में क्या हो रहा है? यह एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन है।"
By: – कपिल सिब्बल, सीनियर वकील (याचिकाकर्ता की ओर से)
कपिल सिब्बल याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने पाबंदियों का विरोध किया और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताया। सोचिए एक बार। शहर में न मेट्रो चले, न ट्रेन मिले। तब आप दफ्तर कैसे पहुंचेंगे?

चीफ जस्टिस सूर्य कांत की चिंता

"हमारी मुख्य चिंता इन मेट्रो स्टेशनों के एंट्री गेट को पूरी तरह बंद करने को लेकर है। हमारी चिंता किसी खास प्रदर्शनकारी या व्यक्ति को लेकर नहीं है। बल्कि उन सैकड़ों-हजारों यात्रियों को लेकर है जो अपनी रोजी-रोटी के लिए गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा, पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली से दिल्ली आते-जाते हैं।"
By: – सूर्य कांत, चीफ जस्टिस, सुप्रीम कोर्ट
चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने यह बात सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कही। सॉलिसिटर जनरल केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट में पक्ष रखने वाले अधिकारी हैं। चीफ जस्टिस ने कहा, चिंता किसी खास प्रदर्शनकारी की नहीं है।

1000 करोड़ के समाज कल्याण घोटाले में CBI की चार्जशीट का इंतजार, बड़े IAS नामों पर सवाल | CBI Awaits Charge Sheet in 1000 Crore Social Welfare Scam, Questions Raised on Big IAS Names
एक साल से दस्तावेज पढ़ रही CBI 1000 करोड़ के समाज कल्याण घोटाले में चार्जशीट का इंतजार, बड़े IAS नामों से सवाल
08 Oct 2026 ,
By VINAY VERMA
छत्तीसगढ़ का बहुचर्चित दिव्यांग कल्याण यानी SRC-PRRC मामला एक बार फिर सवालों के घेरे में है। करीब 1000 करोड़ रुपए की कथित गड़बड़ी के आरोप वाले इस मामले में हाईकोर्ट के दखल के बाद CBI को जांच सौंपी गई। लेकिन अब सवाल जांच शुरू होने का नहीं, जांच के बाद कार्रवाई कब होगी, इसका है। करीब एक साल से CBI दस्तावेजों की पड़ताल, पूछताछ और सबूत जुटाने में लगी रही।
छत्तीसगढ़ का बहुचर्चित दिव्यांग कल्याण यानी SRC-PRRC मामला एक बार फिर सवालों के घेरे में है। करीब 1000 करोड़ रुपए की कथित गड़बड़ी के आरोप वाले इस मामले में हाईकोर्ट के दखल के बाद CBI को जांच सौंपी गई। लेकिन अब सवाल जांच शुरू होने का नहीं, जांच के बाद कार्रवाई कब होगी, इसका है। करीब एक साल से CBI दस्तावेजों की पड़ताल, पूछताछ और सबूत जुटाने में लगी रही।

सैकड़ों-हजारों यात्रियों की रोजी-रोटी

कोर्ट ने चार इलाकों का नाम लिया। ये हैं गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा, पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली। इन इलाकों से लोग रोजी-रोटी के लिए दिल्ली आते-जाते हैं। कोर्ट ने केंद्र से यह भी कहा, युवा और बुजुर्ग सभी यात्रा करते हैं। यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं पाने का अधिकार है। कोर्ट के मुताबिक यात्रा हर उम्र के लोग करते हैं। इसलिए सुविधाओं का सवाल सबके लिए है।

सोडाला जेडीए अतिक्रमण विरोध: 160 फीट चौड़ीकरण पर सवाल, लोगों ने निकाली अर्थी | Sodala JDA Encroachment Protest: Questions on 160 ft Widening, People Carry Effigy
सोडाला जेडीए अतिक्रमण विरोध तीसरे दिन भी जारी: जेडीए की अर्थी निकाली, 160 फीट चौड़ीकरण पर सवाल
08 Oct 2026 ,
By Jyoti Mahender Bhardwaj
सोडाला में जेडीए की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के खिलाफ विरोध तीसरे दिन भी जारी रहा। सोडाला तिराहे से गुर्जर की थड़ी तक 160 फीट सड़क चौड़ी करने की कार्रवाई चल रही है। लोगों ने टायर जलाए और जेडीए के नाम की अर्थी निकाली। जेडीए के अनुसार हाईकोर्ट के निर्देश पर 210 नोटिस दिए गए हैं
सोडाला में जेडीए की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के खिलाफ विरोध तीसरे दिन भी जारी रहा। सोडाला तिराहे से गुर्जर की थड़ी तक 160 फीट सड़क चौड़ी करने की कार्रवाई चल रही है। लोगों ने टायर जलाए और जेडीए के नाम की अर्थी निकाली। जेडीए के अनुसार हाईकोर्ट के निर्देश पर 210 नोटिस दिए गए हैं

पाबंदी और बंद में क्या फर्क है?

कोर्ट ने कहा कि बंद मेट्रो स्टेशनों की संख्या कम की जानी चाहिए। कोर्ट के मुताबिक पाबंदी लगाने और पूरी तरह बंद करने में फर्क होता है। ऐसे में सवाल उठता है। कितनी रोक जरूरी है और कितनी ज्यादा?

कोर्ट ने मेट्रो और ट्रेनों की पाबंदियों पर दोबारा विचार करने को कहा। यानी केंद्र को अपने फैसले को दोबारा परखना होगा।

सीपीएम महासचिव की याचिका

ये बातें एम.ए. बेबी की याचिका पर सुनवाई में कही गईं। वे सीपीएम (CPM – Communist Party of India Marxist) के महासचिव हैं। याचिका में स्टेशन बंद करने और ट्रेनें रद्द करने का विरोध था। 10 अक्टूबर के Delhi protest से पहले स्टेशन बंद होने पर याचिका लगी। अब देखना होगा कि केंद्र पाबंदियों पर क्या रुख अपनाता है।

FAQ:

  1. सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो और ट्रेन की पाबंदियों पर क्या कहा है?
    कोर्ट ने चिंता जताई और केंद्र से पाबंदियों पर फिर विचार करने को कहा। कोर्ट ने कहा कि पाबंदी लगाने और पूरी तरह बंद करने में फर्क होता है। बंद मेट्रो स्टेशनों की संख्या कम होनी चाहिए।
  2. कितने मेट्रो स्टेशन बंद किए गए हैं?
    सरकार ने 57 मेट्रो स्टेशन बंद किए हैं। इन पर शुक्रवार रात 9 बजे से एंट्री और एग्जिट बंद हो जाएगी। 10 अक्टूबर को नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन की कई ट्रेनें भी रद्द हैं।
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  • Supreme Court
  • CJP Protest
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