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वर्ल्डकप जिताने के बाद भी छिनी कप्तानी, सब ठीक था तो क्यों किया बदलाव-सूर्यकुमार यादव
Aman Vaishnav | Aug 30, 2026, 08:48 IST
क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव
भारत को टी20 वर्ल्ड कप जिताने के बाद टीम से बाहर किए जाने पर सूर्यकुमार यादव का दर्द छलक गया है। इतने दिन बीत जाने पर उन्होंने खुलकर बताया कि कप्तानी छीनने पर उनके मन में क्या चल रहा था।
भारतीय टी20 टीम को अपनी कप्तानी में नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले सूर्यकुमार यादव को अचानक टीम से बाहर का रास्ता दिखाया गया। यह फैसला हर किसी के लिए चौंकाने वाला था।
जुलाई 2024 में भारतीय टी20 टीम की कमान संभालने वाले सूर्या का बतौर कप्तान रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा। उनके नेतृत्व में भारत ने न सिर्फ एशिया कप जीता बल्कि टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी भी अपने नाम की।
इतने शानदार रिकॉर्ड के बावजूद चयनकर्ताओं ने बड़ा फैसला लेते हुए इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए श्रेयस अय्यर को कप्तान चुन लिया।
अब इस पूरे घटनाक्रम पर सूर्यकुमार यादव ने पहली बार खुलकर बात की है। उन्होंने बताया है कि उस समय उनके मन में क्या-क्या बातें चल रही थीं।
![suryakumar-yadav-statement]()
पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा से बातचीत के दौरान सूर्यकुमार ने बताया कि जब टीम का ऐलान हुआ और उसमें उनका नाम नहीं था, तब उनका पहला रिएक्शन क्या था।
सूर्यकुमार ने कहा कि जब मेरा नाम नहीं था तो मैं मुस्कुराया। पिछले एक-दो साल में जब भी परिस्थितियां कठिन रही हैं या चीजें मेरे मनमुताबिक नहीं हुई हैं, मैंने हमेशा मुस्कुराकर खुद को शांत रखने की कोशिश की है। जो भी मौके मुझे मिले मैं उनके लिए हमेशा भगवान का शुक्रिया अदा करता हूं।
![suryakumar-yadav-statement]()
सूर्या ने बताया कि उन्हें 2026 की शुरुआत में इस तरह के सख्त फैसले की जरा भी उम्मीद नहीं थी। उनका सोचना था कि वह आने वाले दो सालों तक भारतीय टीम को आगे लेकर जाएंगे। उनके दिमाग में ओलंपिक और अगला टी20 वर्ल्डकप जैसे बड़े टूर्नामेंट शामिल थे।
क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव ने कहा कि मैंने सोचा था कि 2026 के बाद मैं अगले दो साल तक टीम की कप्तानी करूंगा। आगे ओलंपिक और वर्ल्ड कप जैसी बड़ी चुनौतियां थीं।
सूर्यकुमार ने कहा कि आप जो सोचते हैं और चयनकर्ता जो सोचते हैं, उसमें फर्क हो सकता है। अगर चयनकर्ताओं को लगा कि यह फैसला टीम के हित में है तो उन्होंने लिया। मैंने इस पर कोई गलत प्रतिक्रिया नहीं दी।
सूर्या ने नए कप्तान श्रेयस अय्यर पर पूरा भरोसा जताया। सूर्या ने कहा कि वह श्रेयस को सालों से जानते हैं और वह एक बेहतरीन खिलाड़ी के साथ-साथ शानदार कप्तान भी हैं।
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शुरुआत में फैसले को स्वीकार करने के बावजूद, समय बीतने के साथ सूर्या के मन में कई सवाल उठने लगे। जब वह करीब डेढ़ महीने तक अपने घर पर रहे तो यही सवाल उन्हें अंदर ही अंदर परेशान कर रहा था कि आखिर टीम में बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?
सूर्यकुमार यादव ने कहा किमैं थोड़ा निराश जरूर था। जब आप दो साल में एक भी सीरीज नहीं हारे, आपने एशिया कप और वर्ल्ड कप जीता, तो आप चाहते हैं कि यही लय आगे भी बनी रहे।
जब सब कुछ सही चल रहा था तो फिर बदलाव क्यों किया गया? यही बात मेरे दिमाग में बार-बार घूम रही थी।
सूर्या ने आगे कहा कि मैं अकेला बैठकर यही सोचता था कि यह कैसे संभव है? हमने अभी-अभी वर्ल्ड कप जीता है। माना कि मेरा आईपीएल (IPL) उतना अच्छा नहीं गया था, लेकिन राष्ट्रीय टीम का प्रदर्शन तो बेहतरीन था।
जब घर पर दोस्त और रिश्तेदार आते थे तो सब कहते थे कि यह सब जिंदगी का हिस्सा है। लेकिन जब सब चले जाते थे और मैं अकेला रहता था तब यह सवाल मुझे घेर लेता था।
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सूर्यकुमार ने यह खुलासा भी किया कि टीम के आधिकारिक ऐलान से 2-3 दिन पहले ही चयन समिति के सदस्यों ने उनसे फोन पर बात की थी।
सूर्यकुमार ने बताया कि चयनकर्ताओं का फोन आया था और उन्होंने साफ कह दिया था कि अब आगे बढ़ने का समय आ गया है। इसलिए इंग्लैंड दौरे की टीम में मेरा नाम नहीं होगा।
मैंने उनकी बात शांति से सुनी क्योंकि यह मेरा फैसला नहीं था। जिन्होंने भी यह फैसला लिया उन्होंने टीम की भलाई सोचकर ही लिया होगा।
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जुलाई 2024 में भारतीय टी20 टीम की कमान संभालने वाले सूर्या का बतौर कप्तान रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा। उनके नेतृत्व में भारत ने न सिर्फ एशिया कप जीता बल्कि टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी भी अपने नाम की।
इतने शानदार रिकॉर्ड के बावजूद चयनकर्ताओं ने बड़ा फैसला लेते हुए इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए श्रेयस अय्यर को कप्तान चुन लिया।
अब इस पूरे घटनाक्रम पर सूर्यकुमार यादव ने पहली बार खुलकर बात की है। उन्होंने बताया है कि उस समय उनके मन में क्या-क्या बातें चल रही थीं।
जब नाम नहीं था, तो मैं सिर्फ मुस्कुराया
सूर्यकुमार ने कहा कि जब मेरा नाम नहीं था तो मैं मुस्कुराया। पिछले एक-दो साल में जब भी परिस्थितियां कठिन रही हैं या चीजें मेरे मनमुताबिक नहीं हुई हैं, मैंने हमेशा मुस्कुराकर खुद को शांत रखने की कोशिश की है। जो भी मौके मुझे मिले मैं उनके लिए हमेशा भगवान का शुक्रिया अदा करता हूं।
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2026 के बाद 2 साल का था प्लान
क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव ने कहा कि मैंने सोचा था कि 2026 के बाद मैं अगले दो साल तक टीम की कप्तानी करूंगा। आगे ओलंपिक और वर्ल्ड कप जैसी बड़ी चुनौतियां थीं।
सूर्यकुमार ने कहा कि आप जो सोचते हैं और चयनकर्ता जो सोचते हैं, उसमें फर्क हो सकता है। अगर चयनकर्ताओं को लगा कि यह फैसला टीम के हित में है तो उन्होंने लिया। मैंने इस पर कोई गलत प्रतिक्रिया नहीं दी।
सूर्या ने नए कप्तान श्रेयस अय्यर पर पूरा भरोसा जताया। सूर्या ने कहा कि वह श्रेयस को सालों से जानते हैं और वह एक बेहतरीन खिलाड़ी के साथ-साथ शानदार कप्तान भी हैं।
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ऐसा कैसे हो सकता है?
सूर्यकुमार यादव ने कहा किमैं थोड़ा निराश जरूर था। जब आप दो साल में एक भी सीरीज नहीं हारे, आपने एशिया कप और वर्ल्ड कप जीता, तो आप चाहते हैं कि यही लय आगे भी बनी रहे।
जब सब कुछ सही चल रहा था तो फिर बदलाव क्यों किया गया? यही बात मेरे दिमाग में बार-बार घूम रही थी।
सूर्या ने आगे कहा कि मैं अकेला बैठकर यही सोचता था कि यह कैसे संभव है? हमने अभी-अभी वर्ल्ड कप जीता है। माना कि मेरा आईपीएल (IPL) उतना अच्छा नहीं गया था, लेकिन राष्ट्रीय टीम का प्रदर्शन तो बेहतरीन था।
जब घर पर दोस्त और रिश्तेदार आते थे तो सब कहते थे कि यह सब जिंदगी का हिस्सा है। लेकिन जब सब चले जाते थे और मैं अकेला रहता था तब यह सवाल मुझे घेर लेता था।
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चयनकर्ताओं ने फोन पर कही थी यह बात
सूर्यकुमार ने बताया कि चयनकर्ताओं का फोन आया था और उन्होंने साफ कह दिया था कि अब आगे बढ़ने का समय आ गया है। इसलिए इंग्लैंड दौरे की टीम में मेरा नाम नहीं होगा।
मैंने उनकी बात शांति से सुनी क्योंकि यह मेरा फैसला नहीं था। जिन्होंने भी यह फैसला लिया उन्होंने टीम की भलाई सोचकर ही लिया होगा।
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