यहां आप भी ले सकते हैं किराए पर पत्नी, बस चुकाना होंगे इतने रुपए
Ravi Singh | Dec 01, 2024, 18:01 IST
Thailand Rental Wife custom
यहां पत्नी किराए पर देने की प्रथा तेजी से बढ़ रही है, जिसमें महिलाएं अस्थायी रूप से किसी पुरुष की पत्नी बनकर पैसे कमाती हैं। यह प्रथा नाइट क्लबों और बार में शुरू हुई और अब एक बड़े व्यवसाय में बदल गई है।
एशिया के दक्षिण पूर्व में स्थित थाईलैंड दुनिया का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। इस देश के खूबसूरत समुद्र तटों को देखने के लिए दुनिया भर से पर्यटक आते हैं। समुद्र से घिरे होने के कारण यहां साल भर पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। इस देश में आय का एक बड़ा स्रोत पर्यटन भी है और लोगों की आजीविका भी काफी हद तक इसी पर निर्भर है। हालांकि, यह देश कुछ अन्य कारणों से भी चर्चा में रहता है। हाल ही में एक किताब के विमोचन के बाद थाईलैंड में किराए की पत्नी की प्रथा को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है।
इस अजीबोगरीब प्रथा की जड़ें थाईलैंड के पटाया की परंपराओं में हैं। यहां लोग किराए पर पत्नी ले सकते हैं। इसे वाइफ ऑन हायर और ब्लैक पर्ल भी कहते हैं। यह एक तरह की अस्थायी शादी होती है, जिसमें पैसे देकर किसी युवती को कुछ समय के लिए पत्नी बनाया जा सकता है। तय समय तक वह युवती पत्नी के सारे कर्तव्य निभाती है।
हाल ही में आई किताब थाई टैबू-द राइज ऑफ Rental Wife इन मॉडर्न सोसाइटी: एक्सप्लोरिंग लव, कॉमर्स एंड कॉन्ट्रोवर्सी इन थाईलैंड्स वाइफ रेंटल फेनोमेनन, (चर्चा का विषय बनी यह किताब ला वेरीटे इमैनुएल द्वारा लिखी गई है। जिसका शीर्षक है थाईलैंड्स टैबू: द राइज ऑफ वाइफ रेंटल इन मॉडर्न सोसाइटी) ने पूरी दुनिया को इस ट्रेंड (रिलेशनशिप ट्रेंड्स) (The book that became a talking point is written by La Vérité Emmanuel. Titled Thailand's Taboo: The Rise of Wife Rental in Modern Society) के बारे में बताया। यह किताब बताती है कि कैसे थाईलैंड में पत्नी को किराए पर देने की विवादास्पद प्रथा तेजी से बढ़ रही है और आय का एक बड़ा स्रोत बन रही है।
Thailand में किराए की पत्नी एक विवादास्पद प्रथा है। गरीब पृष्ठभूमि की महिलाएं पैसे कमाने के लिए विदेशी पर्यटकों की पत्नी के रूप में रहना शुरू कर देती हैं। यह व्यवस्था औपचारिक विवाह नहीं है। एक अस्थायी अनुबंध होता है और यह कुछ दिनों से लेकर कई महीनों तक के लिए होता है। महिलाएं पैसे कमाने और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए ऐसा काम करती हैं। ये महिलाएं मुख्य रूप से बार या नाइट क्लब में काम करती हैं और जब उन्हें अच्छे ग्राहक मिलते हैं तो वे किराए की पत्नी बन जाती हैं। किराए की राशि महिला की उम्र, सुंदरता, शिक्षा और समय के हिसाब से तय की जाती है। यह राशि 1600 से 116000 तक हो सकती है। इस प्रथा को लेकर थाईलैंड में कोई कानून नहीं है।
Thailand में हाल ही में यह प्रथा तेजी से फैलने लगी है। हालांकि, इस तरह की सेवा पहले जापान और कोरिया में थी। थाईलैंड में इसके तेजी से बढ़ने के कई कारण हैं। शहरीकरण और व्यस्त जीवन के कारण लोग तेजी से अकेले होते जा रहे हैं। ऐसे में लोग स्थायी संबंधों की बजाय अस्थायी संबंध बनाना पसंद कर रहे हैं। रिश्तों और स्वतंत्रता के प्रति लचीले रुख के कारण भी यह प्रथा थाईलैंड में तेजी से फैल रही है। थाईलैंड की सरकार भी मानती है कि देश में किराए की पत्नी का चलन मौजूद है और पर्यटकों के कारण इसने व्यवसाय का रूप ले लिया है। सरकार का मानना है कि इस प्रथा को नियंत्रित करने के लिए कानून बनाए जाने की जरूरत है।
एक तरह की अस्थायी शादी
हालांकि, यह प्रथा अब कारोबार का रूप लेती जा रही है। आइए जानते हैं कि Thailand में तेजी से बढ़ रहा रेंटल वाइफ का चलन क्या है, कौन होती है रेंटल वाइफ और कितने समय के लिए बनती है पत्नी।
तेजी से बढ़ रही ये प्रथा
प्रथा को लेकर कोई कानून नहीं
थाईलैंड में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं। देश के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों से लड़कियां पैसे के लिए पर्यटकों के लिए किराये की पत्नियां बन जाती हैं। यह चलन थाईलैंड के पटाया के रेड लाइट एरिया, बार और नाइट क्लबों से अपना धंधा चलाता है। यह धंधा थाईलैंड में तेजी से फैल रहा है।
कोरिया और जापान में थी इस तरह की सेवा
इस खबर से जुड़े सामान्य सवाल
- किराए की पत्नी क्या होती है?
यह एक अस्थायी व्यवस्था है जिसमें महिलाएं पैसे के बदले कुछ समय के लिए किसी व्यक्ति की पत्नी बन जाती हैं। - किराए की पत्नी बनने के लिए महिलाएं कहां काम करती हैं?
ये महिलाएं मुख्य रूप से बार या नाइट क्लबों में काम करती हैं। - किराए की पत्नी की कितनी अवधि होती है?
यह कुछ दिनों से लेकर कई महीनों तक हो सकती है, जो तय अनुबंध पर निर्भर करता है। - इस प्रथा के लिए कोई कानून है?
नहीं, थाईलैंड में इस प्रथा को लेकर कोई विशिष्ट कानून नहीं है, लेकिन सरकार इसके लिए कानून बनाने की योजना पर विचार कर रही है। - यह प्रथा कहां से शुरू हुई?
यह प्रथा थाईलैंड के पटाया क्षेत्र से शुरू हुई, लेकिन अब यह अन्य देशों में भी फैलने लगी है।
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