रुक नहीं रही लड़ाई, बटर चिकन- दाल मखनी को किसने सबसे पहले बनाया, अब दिल्ली HC करेगा तय

Pratibha Rana | Jan 21, 2024, 11:50 IST
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रुक नहीं रही लड़ाई, बटर चिकन- दाल मखनी को किसने सबसे पहले बनाया, अब दिल्ली HC करेगा तय
रुक नहीं रही लड़ाई, बटर चिकन- दाल मखनी को किसने सबसे पहले बनाया, अब दिल्ली HC करेगा तय

मोती महल और दरियागंज नाम के रेस्टोरेंट बटर चिकन और दाल मखनी के आविष्कार की टैगलाइन के उपयोग पर कानूनी झगड़े में कोर्ट तक पहुंच गए।

BHOPAL. बटर चिकन और दाल मखनी को (Butter Chicken and Dal Makhani Case) सबसे पहले क‍िसने बनाया? सबसे पहले ये डिश किसने बनाकर तैयार की थी? इसको लेकर दो रेस्तरां में लड़ाई चल रही है। इस मामले को लेकर कानूनी जंग छिड़ गई है। इन डिश को लेकर दावा करने वाले रेस्टोरेंट मोती महल और दरियागंज रेस्तरां ने अपना-अपनी दावा ठोंका है। अब इनकी लड़ाई का फैसला दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) करेगा।

अब दिल्ली हाई कोर्ट देगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट में मोती महल और दरियागंज रेस्टोरेंट की ओर से बटर चिकन और दाल मखनी डिश को लेकर विवाद सामने आया है। दरअसल मोती महल और दरियागंज रेस्तरां दावा कर रहे है कि उन्होंने बटर चिकन और दाल मखनी की रेसिपी शुरू की है। इसे लेकर दोनों रेस्तरां के बीच लड़ाई चल रही है। मोती महल और दरियागंज रेस्तरां की ये लड़ाई अब दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंच गई है। बटर चिकन और दाल मखनी को सबसे पहले किस रेस्तरां ने तैयार किया इसका फैसला अब दिल्ली हाईकोर्ट करेगा। मोती महल ने बटर चिकन और दाल मखनी के आविष्कार करने का दावा करते हुए दरियागंज रेस्तरां पर मुकदमा दायर किया है। अब कोर्ट ने इस मामले मे दरियागंज से जवाब मांगा है।

मई महीने में होगी सुनवाई

मोती महल का दावा है कि दरियागंज रेस्तरां लोगों को ये कहकर अपने जाल में फंसा रहा है कि दरियागंज रेस्तरां और मोती महल के बीच संबंध हैं। लोग भ्रमित भी हो जा रहे हैं, क्योंकि मोती महल की पहली ब्रांच दिल्ली के दरियागंज इलाके में खोली गई थी। दोनों रेस्तरां की ये लड़ाई अभी कुछ दिन पहले ही जस्टिस संजीव नरूला के पास पहुंची थी। कोर्ट ने समन जारी कर दरियागंज रेस्तरां मालिकों को एक महीने में अपना लिखित जवाब दाखिल करने को कहा था। जस्टिस नरूला ने नोटिस जारी किया है। अब इस मामले की अपनी सुनवाई 29 मई को होगी। इस दिन फैसला लिया जाएगा कि आखिर बटर चिकन और दाल मखनी का आविष्कार किसने किया है।

दोनों रेस्तरां के दावे

मोती महल के मालिकों का दावा है कि उनके पूर्वज स्वर्गीय कुंदन लाल गुजराल ने दोनों डिशों का आविष्कार किया। इसके बाद इस डिश को पूरी दुनिया बनाने लगी। जबकि दरियागंज रेस्तरां के मालिकों का कहना है कि उनके पूर्वज स्वर्गीय कुंदन लाल जग्गी पहले ऐसे व्यक्ति थे, जो बटर चिकन और दाल मखनी का आइडिया लेकर आए और उन्होंने इन डिशों को तैयार किया था। दोनों रेस्तरां अपने-अपने दावों पर डटे हुए है।

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