अच्छे दिन: टोल कलेक्शन का सेटेलाइट सिस्टम वक्त बचाएगा और ईंधन भी

Dr Rameshwar Dayal | Mar 29, 2024, 19:45 IST
Share
द सूत्र
द सूत्र

नया टोल कलेक्शन सेटेलाइट बेस्ट होगा। यह एक ऑटोमेटिक सिस्टम होगा, जिसमें ऑटोमेटिक तरीके से आपके अकाउंट से पैसे कटेंगे। इसमें आपको एक अलग फास्टैग लेकर उसे रिचार्ज नहीं कराना होगा।



NEW DELHI: देश के ज्यादातर हाईवे अब टोल सिस्टम ( toll system ) से जुड़ते जा रहे हैं। लेकिन समस्या यह है कि वाहन चालकों को अभी भी टोल चुकाने के लिए प्लाजा पर कुछ देर रुकना पड़ता है। अब केंद्र सरकार का सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ( MoRTH ) अन्य विभागों के साथ मिलकर नया सेटेलाइट आधारित सिस्टम ( satellite based system) ला रहा है, जिसके चलते वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा। उनका वाहन जैसे ही हाईवे में प्रवेश करेगा, वह सेटेलाइट सिस्टम से जुड़ जाएगा, जिसके बाद किलोमीटर के हिसाब से टोल की रकम उनके बैंक अकाउंट से कटती जाएगी। सरकार का कहना है कि इस नए सिस्टम से समय की बचत तो होगी ही साथ ही ईंधन की भी बचत होगी।

दो साल से चल रही है कवायद


इस सिस्टम को लागू करने में मंत्रालय पिछले दो साल से कवायद कर रहा है, ताकि हाईवे का सिस्टम सुधरे और लोग बिना परेशानी व देरी के अपने गंतव्य पर पहुंच जाए। इस मसले पर केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) नितिन गडकरी का कहना है कि नई टेक्नोलॉजी से टोल प्लाजा पर जाम कम होगा। नया टोल कलेक्शन सिस्टम सैटेलाइट बेस्ड होगा, जिसमें सीधे आपके बैंक अकाउंट से पैसे कटेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार नई टेक्नोलॉजी पर लगातार काम करती है, जिससे यूजर्स को किसी तरह के दिक्कत न हो। इसके लिए हमारे मंत्रालय पहले इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम पेश किया गया था, जिसमें टोल प्लाजा पर फास्टैग से पेमेंट होता था। इस सिस्टम में पहले से कम वक्त लगता था, लेकिन अब एक और नया सिस्टम पेश किया जा रहा है, जिसमें टोल प्लाजा और फास्टैग दोनों का काम खत्म हो जाएगा। नया टोल कलेक्शन सेटेलाइट बेस्ट होगा। यह एक ऑटोमेटिक सिस्टम होगा, जिसमें ऑटोमेटिक तरीके से आपके अकाउंट से पैसे कटेंगे। इसमें आपको एक अलग फास्टैग लेकर उसे रिचार्ज नहीं कराना होगा। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम से झुटकारा मिल जाएगा।

कैसे काम करेगा टोल टैक्स का नया सिस्टम


नया सिस्टम जीपीएस टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा। इसका मतलब है कि ड्राइवर को टोल चुकाने के लिए टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा। टोल का पैसा कार मालिक के बैंक अकाउंट से अपने आप निकल जाएगा। व्हीकल की मॉनिटरिंग के लिए सैटेलाइट का इस्तेमाल होगा। नए सिस्टम के लिए सभी गाड़ियों में नए नंबर प्लेट लगानी होंगी। गाड़ी की मॉनिटरिंग सैटेलाइट के जरिए GPS से होगी। हाईवेज पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे। वे जीपीएस इनेबल्ड नंबर प्लेट को पढ़ लेंगे। इसके बाद आप जितनी किलोमीटर हाईवे पर सफर करेंगे, उस हिसाब से ऑनलाइन आपके अकाउंट से पैसे सैटेलाइट कनेक्टिविटी से कट जाएंगे। इस नए सिस्टम से समय की बचत तो होगी ही, ईंधन की खपत भी घट जाएगी। चूंकि लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लागू हो चुकी है, इसलिए गडकरी ने यह नहीं बताया कि इस सिस्टम को कब लागू किया जाएगा। लेकिन उम्मीद है कि चुनाव में जीत के बाद उनकी सरकार इस नए सिस्टम को लागू करने की कवायद शुरू कर देगी।

अभी हाईवे पर कौन सा सिस्टम काम कर रहा है


अभी हाईवे का इस्तेमाल करने के लिए टोल चुकाना पड़ता है। हर 100-150 किलोमीटर की दूरी पर टोल स्थित हैं। टोल के पेमेंट के बाद ही वाहनों को आगे जाने दिया जाता है। जगह-जगह टोल पेमेंट की वजह से काफी समय भी खर्च होता है। ऐसे में टोल सिस्टम खत्म होना उन लोगों के लिए अच्छी खबर है, जो हाईवे का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। नया टोल कलेक्शन सिस्टम आधुनिक इसका मतलब है कि हाईवे का इस्तेमाल करने के लिए धनराशि तो चुकानी पड़ेगी लेकिन फर्क यह रहेगा कि पैसे चुकाने का तरीका बदल जाएगा। यह पूछे जाने पर कि लोग शिकायत कर रहे हैं उनसे ज्यादा टोल वसूला जाता है, गडकरी ने उदाहरण दिया कि पहले मुंबई से पुणे जाने में नौ घंटे लगते थे। अब सिर्फ दो घंटे लगते हैं। अब आप बताइए कि लोगों को इसका कितना अधिक लाभ मिलेगा।

ये समाचार भी पढ़ें:-

इनकम टैक्स ने फिर दिया कांग्रेस को करोड़ों रुपये का नोटिस

सावधान: इसलिए महंगी हो जाएगी शराब

जब ईडी के खिलाफ कोर्ट में वकील बन गए केजरीवाल

केजरीवाल को बचाने के लिए पत्नी सुनीता का लोगों से विशेष संवाद

Tags:
  • Nitin Gadkari
  • मुंबई
  • पुणे
  • हाईवे
  • toll system
  • MoRTH
  • satellite based system
  • टोल सिस्टम
  • ईंधन
  • ANPR
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा