भारतीयों में तेजी से बढ़ रहा नया ट्रैवल क्रेज, अब बिना प्लान के ट्रिप पर निकल रहे लोग
Kaushiki | Sept 15, 2026, 10:00 IST
New Travel Trends
भारतीयों में अब बिना किसी खास मौके के अचानक ट्रिप पर जाने का नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। लोग तनाव दूर करने, खुद को इनाम देने या परिवार के साथ समय बिताने के लिए तुरंत घूमना पसंद कर रहे हैं। ऑफिस काम के बीच भी छुट्टियां बुक हो रही हैं।
New Travel Trends: काम का भारी दबाव, घर का शोर, या किसी सामाजिक कार्यक्रम से दूर भागने की चाह। जब जिंदगी अचानक बहुत उलझी हुई लगने लगती है, तब लोग अक्सर क्या करते हैं? पहले जहां छुट्टियां मनाने के लिए पूरे साल भर कैलेंडर की तारीखें और स्कूल के वैकेशन गिने जाते थे, वहीं अब कुछ ऐसा घट रहा है जिसने देश के ट्रैवल कल्चर की पुरानी तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है।
क्या आप जानते हैं कि लोग अब दफ्तर की चलती कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान ही अपने सफर का टिकट बुक कर रहे हैं? इतना ही नहीं, बहुत से लोग किसी बड़े त्योहार या जश्न के लिए नहीं। बल्कि घर में हो रही ड्रिलिंग की आवाज, पार्टनर से हुए झगड़े और यहां तक कि किसी रिश्तेदार की शादी से बचने के लिए अचानक घर से निकल रहे हैं।
यूगोव (YouGov) समर ट्रैवल रिसर्च के आंकड़े एक ऐसी चौंकाने वाली कहानी बयां करते हैं, जहां ट्रैवल अब सिर्फ एक ब्रेक नहीं रहा। सफर अब एक ऐसी राह बन चुका है, जिसे लोग अपनी मानसिक शांति और खुद को बचाने के लिए तुरंत चुन रहे हैं। आखिर क्यों भारतीय अचानक इतने स्पॉन्टेनियस हो रहे हैं। वे कैसे एक ट्रिप थेरेपी से भी ज्यादा सस्ती साबित हो रही है? आइए समझते हैं इस पूरे बदलाव को।
अब भारतीय घूमने के लिए किसी खास मौके का इंतजार बिल्कुल नहीं करते हैं। मन खराब हो या दफ्तर में ज्यादा काम हो, तुरंत ट्रिप प्लान हो जाती है। छोटी सफलता मिलने पर भी लोग तुरंत घूमने निकल जाते हैं। ट्रैवल अब केवल छुट्टियों तक सीमित नहीं रहा। यह रोजमर्रा की जिंदगी का एक जरूरी हिस्सा बन गया है।
यूगोव (YouGov) समर ट्रैवल रिसर्च में कई अहम बातें सामने आई हैं। लगभग 58% लोगों ने माना कि वे बिना वजह घूमने गए। इन लोगों का जब भी मन हुआ, वे सफर पर निकल पड़े। करीब 57% लोगों ने साल में दो से तीन यात्राएं कीं। इन यात्राओं के पीछे कोई बड़ा कारण या त्योहार नहीं था।
यूगोव (YouGov) ब्रिटेन की एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट बेस्ड मार्केट रिसर्च और डेटा विश्लेषक कंपनी है। यह दुनिया भर में लोगों की पसंद, जनमत और उपभोक्ता व्यवहार (Consumer Behavior) पर सटीक सर्वे और आंकड़े जुटाने का काम करती है।
काम का हफ्ता मुश्किल होने पर लोग खुद को ब्रेक देते हैं। लगभग 61% लोगों ने छोटी उपलब्धि पर ट्रिप बुक की। फिटनेस लक्ष्य पूरा होने पर भी लोग सफर पर निकल जाते हैं।
लोग खुद को ट्रिप के रूप में एक खास इनाम दे रहे हैं। इससे उन्हें मानसिक शांति और नई ऊर्जा मिलती है। यात्रा के बहाने अब केवल खुशी और जश्न से जुड़े नहीं हैं। लगभग 50% लोग शादी या सामाजिक कार्यक्रमों से बचने के लिए ट्रिप पर गए।
करीब 46% लोग घर की मरम्मत या शोर से राहत चाहते थे। लगभग 35% लोग पार्टनर से झगड़े या ब्रेकअप के बाद घूमने गए। कुछ लोग घरेलू परेशानियों से बचने के लिए भी बाहर निकल जाते हैं।
ट्रैवल प्लानिंग में अब दफ्तर का काम भी बाधा नहीं बनता। लगभग 48% लोगों ने काम की मीटिंग के दौरान ही छुट्टी बुक की। कॉन्फ्रेंस कॉल करते हुए भी लोग ट्रिप की टिकट बुक कर लेते हैं। लगभग 51% लोगों का मानना है कि वे ब्रेक के हकदार थे।
काम के तनाव को कम करने के लिए यह तरीका अपनाया जा रहा है। लगभग 32% लोगों ने ट्रिप को थेरेपी से ज्यादा सस्ता बताया। घूमने से मानसिक तनाव बहुत हद तक कम हो जाता है।
करीब 22% लोगों ने ज्योतिषी के बताए शुभ समय पर यात्रा की। लगभग 10% लोगों ने अपने पालतू जानवरों के लिए ट्रिप प्लान की। उन्हें लगा कि उनके पालतू जानवर को भी एक ब्रेक चाहिए।
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क्या आप जानते हैं कि लोग अब दफ्तर की चलती कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान ही अपने सफर का टिकट बुक कर रहे हैं? इतना ही नहीं, बहुत से लोग किसी बड़े त्योहार या जश्न के लिए नहीं। बल्कि घर में हो रही ड्रिलिंग की आवाज, पार्टनर से हुए झगड़े और यहां तक कि किसी रिश्तेदार की शादी से बचने के लिए अचानक घर से निकल रहे हैं।
यूगोव (YouGov) समर ट्रैवल रिसर्च के आंकड़े एक ऐसी चौंकाने वाली कहानी बयां करते हैं, जहां ट्रैवल अब सिर्फ एक ब्रेक नहीं रहा। सफर अब एक ऐसी राह बन चुका है, जिसे लोग अपनी मानसिक शांति और खुद को बचाने के लिए तुरंत चुन रहे हैं। आखिर क्यों भारतीय अचानक इतने स्पॉन्टेनियस हो रहे हैं। वे कैसे एक ट्रिप थेरेपी से भी ज्यादा सस्ती साबित हो रही है? आइए समझते हैं इस पूरे बदलाव को।
रिसर्च के चौंकाने वाले आंकड़े
यूगोव (YouGov) समर ट्रैवल रिसर्च में कई अहम बातें सामने आई हैं। लगभग 58% लोगों ने माना कि वे बिना वजह घूमने गए। इन लोगों का जब भी मन हुआ, वे सफर पर निकल पड़े। करीब 57% लोगों ने साल में दो से तीन यात्राएं कीं। इन यात्राओं के पीछे कोई बड़ा कारण या त्योहार नहीं था।
यूगोव (YouGov) ब्रिटेन की एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट बेस्ड मार्केट रिसर्च और डेटा विश्लेषक कंपनी है। यह दुनिया भर में लोगों की पसंद, जनमत और उपभोक्ता व्यवहार (Consumer Behavior) पर सटीक सर्वे और आंकड़े जुटाने का काम करती है।
खुद को ट्रिप का इनाम
लोग खुद को ट्रिप के रूप में एक खास इनाम दे रहे हैं। इससे उन्हें मानसिक शांति और नई ऊर्जा मिलती है। यात्रा के बहाने अब केवल खुशी और जश्न से जुड़े नहीं हैं। लगभग 50% लोग शादी या सामाजिक कार्यक्रमों से बचने के लिए ट्रिप पर गए।
करीब 46% लोग घर की मरम्मत या शोर से राहत चाहते थे। लगभग 35% लोग पार्टनर से झगड़े या ब्रेकअप के बाद घूमने गए। कुछ लोग घरेलू परेशानियों से बचने के लिए भी बाहर निकल जाते हैं।
थेरेपी से सस्ता है सफर
काम के तनाव को कम करने के लिए यह तरीका अपनाया जा रहा है। लगभग 32% लोगों ने ट्रिप को थेरेपी से ज्यादा सस्ता बताया। घूमने से मानसिक तनाव बहुत हद तक कम हो जाता है।
करीब 22% लोगों ने ज्योतिषी के बताए शुभ समय पर यात्रा की। लगभग 10% लोगों ने अपने पालतू जानवरों के लिए ट्रिप प्लान की। उन्हें लगा कि उनके पालतू जानवर को भी एक ब्रेक चाहिए।
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