यूजीसी एक्ट पर कुमार विश्वास का विरोध, खुद को बताया 'अभागा सवर्ण'

Jitendra Shrivastava | Jan 27, 2026, 17:05 IST
Share
ugc act
Photograph: (THESOOTR)

कुमार विश्वास ने यूजीसी एक्ट (UGC Act) के नए नियमों का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने सवर्ण समाज के प्रति इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।

News In Short

यूजीसी एक्ट (UGC Act) का मुख्य लक्ष्य जातिगत भेदभाव खत्म करना है।

कवि कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) ने सवर्णों के प्रति भेदभाव करने पर सवाल उठाए।

समानता समिति (Equality Committee) में सवर्ण प्रतिनिधि अनिवार्य नहीं होना विवाद का कारण है।

झूठी शिकायत (False Complaint) पर सजा का प्रावधान हटाना चिंताजनक विषय है।

सवर्ण समाज (Savarn Society) नियमों में निष्पक्षता और बदलाव की मांग कर रहा है।

News In Detail

यूजीसी (विश्वविद्यालट अनुदान आयोग) एक्ट के नए नियमों ने देशभर में उबाल पैदा कर दिया है। उत्तर प्रदेश से दिल्ली तक छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) भी अब इस विरोध में कूद पड़े हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा साझा की है।

कुमार विश्वास का ट्वीट

डॉ. कुमार विश्वास ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने एक्स (X) पर एक मार्मिक कविता साझा की है। कविता की पंक्तियां सवर्णों के दुख को बयां करती हैं। उन्होंने लिखा कि…
मैं अभागा सवर्ण हूं मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा।
इस पोस्ट ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। कुमार विश्वास ने #UGC_RollBack का भी समर्थन किया है।

जानिए, क्या हैं यूजीसी के नए नियम?

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देश पर UGC Act (University Grants Commission) ये बदलाव हुए हैं। रोहित वेमुला मामले के बाद अदालत ने सख्त कदम उठाए। उच्च शिक्षण संस्थानों (Higher Educational Institutes) में सुरक्षा सुनिश्चित करना लक्ष्य है। यूजीसी ने कॉलेजों में विशेष कमेटियां बनाना अनिवार्य किया है।

इन कमेटियों में एससी, एसटी और ओबीसी प्रतिनिधि होंगे। कोई भी छात्र भेदभाव के खिलाफ शिकायत दर्ज कर सकता है। पहले केवल एससी और एसटी वर्ग के लिए प्रावधान थे। अब इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को भी जोड़ा गया है। सवर्ण समाज का मानना है कि उन्हें हाशिए पर रखा गया है।

ये खबर भी पढ़ें...

बीजापुर IED ब्लास्ट में 11 जवान घायल, रायपुर में चल रहा है इलाज

ugc act
ugc act


ये खबर भी पढ़ें...

UGC इक्विटी पॉलिसी 2026 पर इंदौर में विरोध प्रदर्शन, जानें क्या है विवाद

सवर्ण समाज की नाराजगी का कारण

विरोध का सबसे बड़ा कारण समिति का गठन है। नियमों के अनुसार समिति में सवर्ण प्रतिनिधि अनिवार्य नहीं है। सवर्ण छात्रों (General Category Students) को लगता है कि उनकी बात नहीं सुनी जाएगी। उन्हें डर है कि यह पक्षपाती व्यवस्था बन जाएगी।
दूसरा बड़ा मुद्दा झूठी शिकायतों का है। पुराने नियमों में गलत शिकायत पर सजा का प्रावधान था। नए नियमों में इस प्रावधान को हटा दिया गया है। सवर्णों का तर्क है कि इससे निर्दोषों को फंसाया जाएगा। वे इसे एकतरफा कानून करार दे रहे हैं।

ये खबर भी पढ़ें...

HVF Vacancy: रक्षा मंत्रालय की कंपनी में भर्ती, 13 फरवरी लास्ट डेट

सियासी गलियारों में हलचल

इस विवाद ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। समाजवादी पार्टी जैसे दल भी सक्रिय हैं। सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि भेदभाव वाले कानून बर्दाश्त नहीं होंगे। सदन से सड़क तक लड़ाई लड़ने की बात कही गई है।

शिक्षण संस्थानों में शांति बनाए रखना अब चुनौती है। छात्र संगठनों ने बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी है। कुमार विश्वास के जुड़ने से सवर्णों का पक्ष मजबूत हुआ है। सोशल मीडिया पर #SavarnRights लगातार ट्रेंड कर रहा है। सरकार पर नियमों में संशोधन का भारी दबाव है।

ये खबर भी पढ़ें...

शंकराचार्यों में विवाद नहींं, प्रशासन माफी मांगे तो विवाद खत्म: शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारियों की मांग बहुत स्पष्ट और सीधी है। वे चाहते हैं कि नियम सबके लिए समान हों। किसी भी वर्ग के खिलाफ भेदभाव पर कार्रवाई हो। सवर्णों को अपशब्द कहने वालों पर भी दंड लगे। "सुदामा कोटा" जैसे तंज कसने वालों पर रोक लगे।

झूठी शिकायत करने वालों के लिए सजा दोबारा बहाल हो। समिति में सभी वर्गों का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। यूजीसी को निष्पक्ष भूमिका निभानी चाहिए। जब तक माँगें पूरी नहीं होती, विरोध जारी रहेगा।





Tags:
  • कुमार विश्वास
  • UGC
  • जातिगत भेदभाव
  • सवर्ण समाज
  • यूजीसी एक्ट
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि