UGC NET में हुए बड़े बदलाव, परीक्षा की तारीख बदली, इस बार से लागू होंगे ये नियम
Sandeep Kumar | May 31, 2024, 19:53 IST
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UGC NET पेपर -1 और पेपर -2 दोनों ऑब्जेक्टिव टाइप ओएमआर बेस्ड यानी पेन-पेपर मोड में आयोजित किए जाएंगे। पेपर 1 सभी उम्मीदवारों के लिए समान और अनिवार्य होता है।
यूजीसी नेट 2024 जून सेशन की परीक्षा अब 16 जून के बजाय 18 जून को आयोजित की जाएगी। दरअसल NTA द्वारा यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट ( UGC NET ) जून 2024 के लिए 19 मई रात 11.59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन मांगे थे, और उम्मीदवारों को अपने एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन के लिए 21 से 23 मई तक का समय दिया गया था। एनटीए अब जल्द ही एग्जाम सिटी स्लिप ( UGC NET Exam City Slip 2024 ) जारी करेगा।
एग्जाम मोड इस साल यूजीसी नेट की परीक्षा फिर से OMR Based यानी पेन-पेपर मोड में होगी, इससे पहले ओएमआर बेस्ड एग्जाम 2018 में बंद कर दिया गया था और सीबीटी बेस्ड (CBT) मोड में एग्जाम आयोजित किए जा रहे थे.
यूजीसी नेट की तीन कैटेगरी- नेट कैंडिडेट्स को तीन कैटेगरी में योग्य घोषित किया जाएगा।
कैटेगरी 1- जेआरएफ के साथ पीएचडी एडमिशन के लिए और असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवार।
कैटेगरी 2 -जेआरएफ के बिना पीएचडीए एडमिशन के लिए और असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवार।
कैटेगरी 3 -केवल पीएचडी एडमिशन के लिए योग्य उम्मीदवार। इसमें जेआरएफ या असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की योग्यता नहीं होगी।
अभी तक यूजीसी नेट स्कोर का इस्तेमाल केवल जूनियर रिसर्च फेलोशिप ( JRF ) और मास्टर डिग्री के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए किया जाता था। वहीं पीएचडी एडमिशन के लिए कई यूनिवर्सिटीज अलग-अलग एंट्रेंस एग्जाम आयोजित करती थीं, लेकिन अब यूजीसी ने पीएचडी एडमिशन के लिए वन एंट्रेंस एग्जाम (नेट स्कोर) फॉर्मूला लागू किया है। यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति ( National Education Policy ) 2020 के मद्देनजर एक्सपर्ट कमेटी द्वारा लिया गया है। पीएचडी में एडमिशन के लिए पीएचडी स्कोर मान्य होगा। 13 मार्च 2024 को आयोजित हुई 578वीं एक्सपर्ट्स मीटिंग में यूजीसी ने तय किया कि एकेडमिक सेशन 2024-25 से अलग-अलग यूनिवर्सिटीज या अन्य उच्च संस्थान में पीएचडी एडमिशन के लिए नेट स्कोर का इस्तेमाल किया जाएगा।
चार वर्षीय या आठ सेमेस्टर स्नातक डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र अब सीधे पीएचडी कर सकते हैं और नेट परीक्षा दे सकते हैं। ये छात्र उस विषय में नेट दे सकते हैं जिसमें वे पीएचडी करना चाहते हैं, भले ही उन्होंने चार वर्षीय स्नातक डिग्री किस विषय में प्राप्त की हो। यूजीसी के अध्यक्ष ने कहा चार साल या आठ सेमेस्टर के स्नातक डिग्री कार्यक्रम में पास होने वाले उम्मीदवारों के पास कुल मिलाकर न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक होने चाहिए।
फाइनल सेमेस्टर के स्टूडेंट दे सकते हैं यूजीसी नेट चार वर्षीय/आठ सेमेस्टर वाले स्नातक डिग्री प्रोग्राम करने वाले अंतिम सेमेस्टर/वर्ष के छात्र अब यूजीसी नेट दे सकते हैं।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (गैर-क्रीमी लेयर), दिव्यांग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और अन्य श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए यूजीसी के समय-समय पर लिए गए निर्णय के अनुसार न्यूनतम अंकों में पांच प्रतिशत की छूट दी जा सकती है।
यूजीसी नेट परीक्षा में दो पेपर होते हैं जिनमें ऑब्जेक्टिव टाइप के प्रश्न होते हैं। दोनों पेपरों को पूरा करने के लिए उम्मीदवारों को 150 प्रश्नों को हल करने के लिए तीन घंटे का समय दिया जाता है। UGC NET पेपर -1 और पेपर -2 दोनों ऑब्जेक्टिव टाइप ओएमआर बेस्ड यानी पेन-पेपर मोड में आयोजित किए जाएंगे। पेपर 1 सभी उम्मीदवारों के लिए समान और अनिवार्य होता है। पेपर 2 अलग-अलग विषयों के लिए अलग-अलग होता है। पेपर 1 के UGC NET सिलेबस में 10 यूनिट हैं, प्रत्येक यूनिट से 5 प्रश्न पूछे जाएंगे। पेपर 1 में 50 प्रश्न होंगे और पेपर 2 में 100 प्रश्न होंगे और सभी प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का होगा। कुल 150 ( 300 मार्क्स ) सवालों को हल करने के लिए तीन घंटे का समय दिया जाएगा। वहीं पेपर 2 में विषय ( 83 विषय ) से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। यूजीसी नेट परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं है। नेट परीक्षा में किसी भी गलत उत्तर के लिए नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है। परीक्षा में प्रत्येक सही उत्तर के लिए उम्मीदवार को दो अंक मिलते हैं। दोनों ही पेपर इंग्लिश और हिंदी दोनों ही मीडियम में होते हैं।
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यूजीसी नेट में हुए कई बड़े बदलाव
एग्जाम मोड इस साल यूजीसी नेट की परीक्षा फिर से OMR Based यानी पेन-पेपर मोड में होगी, इससे पहले ओएमआर बेस्ड एग्जाम 2018 में बंद कर दिया गया था और सीबीटी बेस्ड (CBT) मोड में एग्जाम आयोजित किए जा रहे थे.
यूजीसी नेट की तीन कैटेगरी- नेट कैंडिडेट्स को तीन कैटेगरी में योग्य घोषित किया जाएगा।
कैटेगरी 1- जेआरएफ के साथ पीएचडी एडमिशन के लिए और असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवार।
कैटेगरी 2 -जेआरएफ के बिना पीएचडीए एडमिशन के लिए और असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवार।
कैटेगरी 3 -केवल पीएचडी एडमिशन के लिए योग्य उम्मीदवार। इसमें जेआरएफ या असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की योग्यता नहीं होगी।
वन पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम फॉर्मूला
अभी तक यूजीसी नेट स्कोर का इस्तेमाल केवल जूनियर रिसर्च फेलोशिप ( JRF ) और मास्टर डिग्री के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए किया जाता था। वहीं पीएचडी एडमिशन के लिए कई यूनिवर्सिटीज अलग-अलग एंट्रेंस एग्जाम आयोजित करती थीं, लेकिन अब यूजीसी ने पीएचडी एडमिशन के लिए वन एंट्रेंस एग्जाम (नेट स्कोर) फॉर्मूला लागू किया है। यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति ( National Education Policy ) 2020 के मद्देनजर एक्सपर्ट कमेटी द्वारा लिया गया है। पीएचडी में एडमिशन के लिए पीएचडी स्कोर मान्य होगा। 13 मार्च 2024 को आयोजित हुई 578वीं एक्सपर्ट्स मीटिंग में यूजीसी ने तय किया कि एकेडमिक सेशन 2024-25 से अलग-अलग यूनिवर्सिटीज या अन्य उच्च संस्थान में पीएचडी एडमिशन के लिए नेट स्कोर का इस्तेमाल किया जाएगा।
पीएचडी के लिए सीधी पात्रता
चार वर्षीय या आठ सेमेस्टर स्नातक डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र अब सीधे पीएचडी कर सकते हैं और नेट परीक्षा दे सकते हैं। ये छात्र उस विषय में नेट दे सकते हैं जिसमें वे पीएचडी करना चाहते हैं, भले ही उन्होंने चार वर्षीय स्नातक डिग्री किस विषय में प्राप्त की हो। यूजीसी के अध्यक्ष ने कहा चार साल या आठ सेमेस्टर के स्नातक डिग्री कार्यक्रम में पास होने वाले उम्मीदवारों के पास कुल मिलाकर न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक होने चाहिए।
यूजीसी नेट जून 2024 इंफॉर्मेशन बुलेटिन
फाइनल सेमेस्टर के स्टूडेंट दे सकते हैं यूजीसी नेट चार वर्षीय/आठ सेमेस्टर वाले स्नातक डिग्री प्रोग्राम करने वाले अंतिम सेमेस्टर/वर्ष के छात्र अब यूजीसी नेट दे सकते हैं।
अंकों में छूट
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (गैर-क्रीमी लेयर), दिव्यांग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और अन्य श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए यूजीसी के समय-समय पर लिए गए निर्णय के अनुसार न्यूनतम अंकों में पांच प्रतिशत की छूट दी जा सकती है।
यूजीसी नेट एग्जाम पैटर्न
यूजीसी नेट परीक्षा में दो पेपर होते हैं जिनमें ऑब्जेक्टिव टाइप के प्रश्न होते हैं। दोनों पेपरों को पूरा करने के लिए उम्मीदवारों को 150 प्रश्नों को हल करने के लिए तीन घंटे का समय दिया जाता है। UGC NET पेपर -1 और पेपर -2 दोनों ऑब्जेक्टिव टाइप ओएमआर बेस्ड यानी पेन-पेपर मोड में आयोजित किए जाएंगे। पेपर 1 सभी उम्मीदवारों के लिए समान और अनिवार्य होता है। पेपर 2 अलग-अलग विषयों के लिए अलग-अलग होता है। पेपर 1 के UGC NET सिलेबस में 10 यूनिट हैं, प्रत्येक यूनिट से 5 प्रश्न पूछे जाएंगे। पेपर 1 में 50 प्रश्न होंगे और पेपर 2 में 100 प्रश्न होंगे और सभी प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का होगा। कुल 150 ( 300 मार्क्स ) सवालों को हल करने के लिए तीन घंटे का समय दिया जाएगा। वहीं पेपर 2 में विषय ( 83 विषय ) से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। यूजीसी नेट परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं है। नेट परीक्षा में किसी भी गलत उत्तर के लिए नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है। परीक्षा में प्रत्येक सही उत्तर के लिए उम्मीदवार को दो अंक मिलते हैं। दोनों ही पेपर इंग्लिश और हिंदी दोनों ही मीडियम में होते हैं।
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