56% बीमारियों की जड़ Unhealthy diet , ICMR की स्टडी में खुलासा
Jitendra Shrivastava | May 09, 2024, 20:55 IST
THESOOTR
ICMR की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत में कुल बीमारी का 56.4 प्रतिशत अनहेल्दी खाने के कारण है। शरीर के आवश्यक पोषक तत्वों की जरूरतों को पूरा करने और मोटापा और मधुमेह जैसी बीमारियों (एनसीडी) को रोकने के लिए खाने के दिशानिर्देश जारी किए...
NEW DELHI. ICMR की रिपोर्ट में आया कि देश में 56.4 फीसदी बीमारियों की वजह अन हेल्दी डाइट ( Unhealthy diet ) ही है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के चीफ ने भारतीयों के खानपान को लेकर गाइलाइंस जारी की है। साथ ही ये भी बताया कि भारतीयों में होने वाली आधी से ज्यादा बीमारियां गलत खानपान से होती हैं। देश में 56.4 फीसदी बीमारियों की वजह अन हेल्दी डाइट ही है।
ICMR और इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूट्रीशियन की इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हेल्दी लाइफस्टाइल का पालन करके होने वाली मौतों को पहले से ही रोका जा सकता है। शुगर और फैट से भरे खाने वाली चीजों की खपत में बढ़ोतरी, कम योगा और शारिक रूप से गतिविधि और वजन की समस्या की वजह से स्थिति काफी खराब हो गई है। ICMR और इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूट्रीशियन के मुताबिक खराब खानपान की वजह से शरीर में पोषण की कमी, एनीमिया, मोटापा, डायबिटीज, कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा है।
ज्यादातर बच्चे न्यूट्रिशन की कमी से जूझ रहे हैं। इसके साथ ही कई राज्यों में ज्यादा वजन, मोटापा, डायबिटीज के लक्षणों के बढ़ते खतरों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि अनहेल्दी, ज्यादा फैट, शुगर और नमक (High in Fat, Salt or Sugar foods) वाले फूड प्रोडक्ट अब हेल्दी फूड प्रोडक्ट्स के मुकाबले ज्यादा आसानी से बाजारों में उपलब्ध हैं। अनहेल्दी फूड के बारे में स्ट्रांग एडवरटाइजमेंट और मार्केटिंग के कारण ये फूड प्रोडक्ट ज्यादा प्रसिद्ध हो गए हैं और यहीं उनमें बीमारी का कारण बन रहे हैं।
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूट्रीशियन की रिपोर्ट में कहा गया है कि एक व्यक्ति को स्वास्थ्यमंद रहने के लिए दिनभर में 1,200 ग्राम भोजन जरूरी है। इससे उसे करीब 2,000 कैलोरी मिलती है। थाली में 100 ग्राम फल, 400 ग्राम हरी सब्जी, 300 मिली दूध या दही, 85 ग्राम दाल या अंडा, 35 ग्राम मेवा-बीज और 250 ग्राम अनाज का सेवन बहुत है। दिनभर में 27 ग्राम से ज्यादा चिकनाई लेना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। मांसाहारी खाने में दिनभर में अधिकतम 70 ग्राम चिकन या मीट पर्याप्त है।
NIN ( नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूट्रीशियन ) ने नमक का सेवन सीमित करने, कम तेल और फैट का उपयोग करने, उचित व्यायाम करने और चीनी और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को कम करने का अनुरोध किया है। इसने मोटापे को रोकने के लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और खाद्य लेबल पढ़कर जानकारी प्राप्त करने और स्वस्थ भोजन विकल्प चुनने का भी सुझाव दिया है।
हमारे आहार में तीन तरह का फैटी एसिड (FA) होता है जिसमें संतृप्त फैटी एसिड (SFA), मोनो असंतृप्त फैटी एसिड (MUFA) और पॉली अनसैचुरेटेड फैटी एसिड (PUFA) शामिल है। संतृप्त वसा (SF) का ज्यादा सेवन करने से कैलोरी की मात्रा में इजाफा होता है। इससे दिल से जुड़ी बीमारी और फिर स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा ट्रांस वसा (TF) काफी नुकसानदायक है। इनसे भी बचना चाहिए। घी, पाम ऑयल और नारियल तेल में संतृप्त फैटी एसिड (SFA) की मात्रा सबसे ज्यादा होती है। वहीं, सरसों के तेल में यह सबसे कम पाया जाता है।
डायबिटीज, कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा
ICMR और इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूट्रीशियन की इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हेल्दी लाइफस्टाइल का पालन करके होने वाली मौतों को पहले से ही रोका जा सकता है। शुगर और फैट से भरे खाने वाली चीजों की खपत में बढ़ोतरी, कम योगा और शारिक रूप से गतिविधि और वजन की समस्या की वजह से स्थिति काफी खराब हो गई है। ICMR और इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूट्रीशियन के मुताबिक खराब खानपान की वजह से शरीर में पोषण की कमी, एनीमिया, मोटापा, डायबिटीज, कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा है।
अनहेल्दी डाइट का बच्चों पर असर
ज्यादातर बच्चे न्यूट्रिशन की कमी से जूझ रहे हैं। इसके साथ ही कई राज्यों में ज्यादा वजन, मोटापा, डायबिटीज के लक्षणों के बढ़ते खतरों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि अनहेल्दी, ज्यादा फैट, शुगर और नमक (High in Fat, Salt or Sugar foods) वाले फूड प्रोडक्ट अब हेल्दी फूड प्रोडक्ट्स के मुकाबले ज्यादा आसानी से बाजारों में उपलब्ध हैं। अनहेल्दी फूड के बारे में स्ट्रांग एडवरटाइजमेंट और मार्केटिंग के कारण ये फूड प्रोडक्ट ज्यादा प्रसिद्ध हो गए हैं और यहीं उनमें बीमारी का कारण बन रहे हैं।
27 ग्राम से ज्यादा चिकनाई लेना नुकसानदायक
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूट्रीशियन की रिपोर्ट में कहा गया है कि एक व्यक्ति को स्वास्थ्यमंद रहने के लिए दिनभर में 1,200 ग्राम भोजन जरूरी है। इससे उसे करीब 2,000 कैलोरी मिलती है। थाली में 100 ग्राम फल, 400 ग्राम हरी सब्जी, 300 मिली दूध या दही, 85 ग्राम दाल या अंडा, 35 ग्राम मेवा-बीज और 250 ग्राम अनाज का सेवन बहुत है। दिनभर में 27 ग्राम से ज्यादा चिकनाई लेना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। मांसाहारी खाने में दिनभर में अधिकतम 70 ग्राम चिकन या मीट पर्याप्त है।
नमक कम खाने का सुझावः NIN
NIN ( नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूट्रीशियन ) ने नमक का सेवन सीमित करने, कम तेल और फैट का उपयोग करने, उचित व्यायाम करने और चीनी और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को कम करने का अनुरोध किया है। इसने मोटापे को रोकने के लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और खाद्य लेबल पढ़कर जानकारी प्राप्त करने और स्वस्थ भोजन विकल्प चुनने का भी सुझाव दिया है।
घी की तुलना में सरसों का तेल लाभकारी
हमारे आहार में तीन तरह का फैटी एसिड (FA) होता है जिसमें संतृप्त फैटी एसिड (SFA), मोनो असंतृप्त फैटी एसिड (MUFA) और पॉली अनसैचुरेटेड फैटी एसिड (PUFA) शामिल है। संतृप्त वसा (SF) का ज्यादा सेवन करने से कैलोरी की मात्रा में इजाफा होता है। इससे दिल से जुड़ी बीमारी और फिर स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा ट्रांस वसा (TF) काफी नुकसानदायक है। इनसे भी बचना चाहिए। घी, पाम ऑयल और नारियल तेल में संतृप्त फैटी एसिड (SFA) की मात्रा सबसे ज्यादा होती है। वहीं, सरसों के तेल में यह सबसे कम पाया जाता है।
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