UP में 500 एकड़ में बनेगी जापानी सिटी, आवास, स्कूल,अस्पताल समेत मिलेंगी ये सुविधाएं, जानें इसकी खासियत

Manya Jain | Sept 24, 2026, 21:09 IST
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उत्तरप्रदेश में बनेगी जपनी सिटी
उत्तरप्रदेश में बनेगी जपनी सिटी

यूपी के यमुना सिटी में 500 एकड़ भूमि पर जापानी सिटी के निर्माण का कार्य आरंभ किया जा रहा है। यीडा तेजी से भूमि अधिग्रहण कर रहा है। इस सिटी में औद्योगिक, आवासीय और वाणिज्यिक सुविधाएं मौजूद होंगी, साथ ही जापानी कर्मचारियों के लिए विशेष आवास और स्कूल भी होंगे। यह परियोजना 2026 के बाद जापानी निवेश को आकर्षित करने में मददगार साबित होगी।

यूपी में 500 एकड़ पर जापानी सिटी बसाई जा रही है। यह सिटी यमुना सिटी के सेक्टर-5ए में बनेगी। यहां उद्योग, आवास, स्कूल, अस्पताल और बाजार एक ही टाउनशिप में होंगे। करीब 300 एकड़ यानी 60 प्रतिशत जमीन की खरीद पूरी हो चुकी है। यीडा का लक्ष्य इसे इसी साल के अंत तक धरातल पर उतारना है।

उत्तर प्रदेश में जापानी कंपनियों के लिए अलग शहर बसाने की तैयारी है। यमुना सिटी में प्रस्तावित जापानी सिटी के लिए जमीन खरीद तेज हो गई है। यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 के बाद यह प्रोजेक्ट सुर्खियों में है। अब सवाल है कि इस शहर में क्या-क्या होगा।

कहां बसेगी जापानी सिटी

जापानी सिटी यमुना सिटी के सेक्टर-5ए में बसेगी। इसका क्षेत्रफल करीब 500 एकड़ है। यीडा (YEIDA – Yamuna Expressway Industrial Development Authority) इस परियोजना पर काम कर रहा है।

ग्रोव (Groww) की जानकारी के मुताबिक यह शहर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सिर्फ 3 किलोमीटर दूर होगा। इस एयरपोर्ट को जेवर एयरपोर्ट भी कहा जाता है।

जापानी सिटी में क्या होगा

यह एक इंटीग्रेटेड टाउनशिप (Integrated Township) के रूप में विकसित होगी। यानी एक ही जगह कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी।

यहां औद्योगिक, संस्थागत, आवासीय और वाणिज्यिक, चारों तरह की गतिविधियां होंगी। जापानी उद्योगों के साथ उनके कर्मचारियों की जरूरत की चीजें भी यहीं होंगी।

कर्मचारियों के लिए आवास

जापानी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए विश्वस्तरीय आवास बनाए जाएंगे। स्कूल, अस्पताल और दूसरी नागरिक सुविधाएं भी दी जाएंगी।

ग्रोव के मुताबिक यहां जापानी माध्यम वाले स्कूल होंगे। जापानी भाषा समझने वाली स्वास्थ्य सेवाएं भी मिलेंगी। इसके अलावा इजाकाया और जापानी किराना दुकानें भी खुलेंगी। इजाकाया यानी जापानी शैली के खाने-पीने के ठिकाने।

जापानी कंपनियों को प्राथमिकता

यीडा का दावा है कि जापानी उद्यमियों को प्राथमिकता मिलेगी। मकसद जापानी निवेश का एक समर्पित क्लस्टर (Cluster) बनाना है।

जापान के कई उद्यमियों के प्रतिनिधिमंडल ने यमुना सिटी का दौरा किया। सीईओ (CEO – Chief Executive Officer) आरके सिंह के मुताबिक उन्होंने काफी रुचि दिखाई है। उन्हें यहां इकाई लगाने के लिए बुलाया गया है।

भारत में डेंगू की नई वैक्सीन जल्द होगी उपलब्ध, भारतीय कंपनी रेड्डीज के साथ जापान का समझौता
23 Sept 2026 ,
By Arohi Raj
भारत में डेंगू की पहली वैक्सीन आने वाली है। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। जापानी दवा कंपनी टाकेडा ने बड़ा कदम उठाया है। टाकेडा ने डॉ. रेड्डीज के साथ खास समझौता किया है। इस नई वैक्सीन का नाम QDENGA रखा गया है। यह वैक्सीन जल्द भारतीय बाजार में उतारी जाएगी। जुलाई में इसे आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है। भारत के CDSCO ने यह मंजूरी दी है।
भारत में डेंगू की पहली वैक्सीन आने वाली है। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। जापानी दवा कंपनी टाकेडा ने बड़ा कदम उठाया है। टाकेडा ने डॉ. रेड्डीज के साथ खास समझौता किया है। इस नई वैक्सीन का नाम QDENGA रखा गया है। यह वैक्सीन जल्द भारतीय बाजार में उतारी जाएगी। जुलाई में इसे आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है। भारत के CDSCO ने यह मंजूरी दी है।

जमीन का इस्तेमाल कैसे होगा

ग्रोव के मुताबिक सिटी सख्त लैंड-यूज अनुपात के साथ प्लान की गई है। मकसद इसे एक पूरा और स्वतंत्र इकोसिस्टम बनाना है।

इसमें 70 प्रतिशत हिस्सा औद्योगिक होगा। 13 प्रतिशत जमीन वाणिज्यिक कामों के लिए है। आवासीय हिस्सा 10 प्रतिशत और संस्थागत व अन्य हिस्सा 7 प्रतिशत बताया गया है।

500 एकड़ के हिसाब से देखें तो करीब 350 एकड़ में उद्योग होंगे। करीब 65 एकड़ में बाजार, 50 एकड़ में आवास और 35 एकड़ में संस्थान व अन्य सुविधाएं होंगी।

किन उद्योगों पर होगा फोकस

सरकार जापानी कंपनियों को भारत लाना चाहती है। ग्रोव के मुताबिक फोकस सेमीकंडक्टर, ऑटो कंपोनेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोबोटिक्स पर रहेगा।

जापानी सिटी में बड़े उद्योगों के साथ उनके सप्लायर भी आएंगे। सहायक उद्योग आसपास विकसित होंगे। इससे तकनीक का हस्तांतरण आसान होने और अतिरिक्त रोजगार बनने की उम्मीद है।

Bolivia में मिली बिल्ली परिवार की नई प्रजाति Tilcayo Cat, 100 साल बाद वैज्ञानिकों की बड़ी खोज
22 Sept 2026 ,
By Manya Jain
Boliviaमें बिल्ली की नई प्रजाति मिली है। 100 साल बाद यह अनोखी खोज हुई है। इसे पहले आम जंगली बिल्ली समझा गया था। जेनेटिक टेस्ट से यह बिल्कुल अलग निकली। वैज्ञानिकों ने इसका नाम Tilcayo Cat रखा है। यह नाम स्थानीय लोगों में पहले से मशहूर है। इसकी पूरी कहानी साल 2017 में शुरू हुई। एक वाइल्डलाइफ सेंचुरी में एक स्थानीय को यह अजीब बिल्ली जंगल के पास मिली थी।
Boliviaमें बिल्ली की नई प्रजाति मिली है। 100 साल बाद यह अनोखी खोज हुई है। इसे पहले आम जंगली बिल्ली समझा गया था। जेनेटिक टेस्ट से यह बिल्कुल अलग निकली। वैज्ञानिकों ने इसका नाम Tilcayo Cat रखा है। यह नाम स्थानीय लोगों में पहले से मशहूर है। इसकी पूरी कहानी साल 2017 में शुरू हुई। एक वाइल्डलाइफ सेंचुरी में एक स्थानीय को यह अजीब बिल्ली जंगल के पास मिली थी।

जापानी कर्मचारी की जिंदगी

ग्रोव ने एक तस्वीर पेश की है। एक जापानी कर्मचारी जेवर एयरपोर्ट पर उतरेगा। कुछ ही मिनट में अपने घर पहुंच जाएगा। फिर जापानी कंपनी में काम करेगा। खरीदारी भी जापानी दुकान से कर सकेगा।

यही इस परियोजना का असली मकसद है। यानी विदेशी कर्मचारी को घर जैसा माहौल मिले।

नीमराणा की तर्ज पर विकास

यह परियोजना राजस्थान के नीमराणा की जापानी टाउनशिप की तर्ज पर बनेगी। यानी यूपी का मॉडल राजस्थान के अनुभव से जुड़ा है।

अब तक कितनी जमीन खरीदी

करीब 300 एकड़ जमीन की खरीद पूरी हो चुकी है। यह प्रस्तावित जमीन का 60 प्रतिशत है। बाकी जमीन के लिए किसानों से सहमति बनाई जा रही है।

यीडा ने गोविला गांव के किसानों की सूची जारी की है। उन्हें 15 दिन के भीतर आपत्ति दर्ज कराने को कहा गया है। आपत्तियों के निपटारे के बाद बाकी खरीद पूरी होगी।

यीडा की दूसरी सिटी योजनाएं

ग्रोव के मुताबिक यीडा की योजना सिर्फ जापान तक सीमित नहीं है। यहां 365 एकड़ की कोरियन सिटी बनाने की बात है। 500 एकड़ की सिंगापुर सिटी का भी प्लान है। इसके साथ 1000 एकड़ की इंटरनेशनल फिल्म सिटी भी प्रस्तावित बताई गई है।

यूपी-जापान मीट से कनेक्शन

नई दिल्ली में हुई यूपी (UP – Uttar Pradesh) जापान इन्वेस्टमेंट मीट में जापानी सिटी मुख्य आकर्षण रही। 18 से 23 अगस्त के कार्यक्रम में 200 से ज्यादा जापानी प्रतिनिधियों के आने की बात कही गई थी।

यीडा में जापानी कंपनियों की दो और परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। ये जापानी सिटी से अलग, दूसरे सेक्टरों में लगेंगी। एस्कॉर्ट्स कुबोटा सेक्टर-10 में 2,025 करोड़ रुपये लगाएगी। मिंडा कॉरपोरेशन की दो परियोजनाओं में 1,166 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। दोनों को मिलाकर 3,191 करोड़ रुपये का निवेश और 10 हजार से ज्यादा रोजगार की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं। इस लक्ष्य में जापानी निवेश को अहम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि साल के अंत तक जमीन पर कितना काम दिखता है।

  1. यूपी में जापानी सिटी कहां बनेगी?
    यूपी में प्रस्तावित जापानी सिटी यमुना सिटी के सेक्टर-5ए में बनेगी और इसका क्षेत्रफल करीब 500 एकड़ है।
  2. जापानी सिटी में कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध होंगी?
    जापानी सिटी एक इंटीग्रेटेड टाउनशिप के रूप में विकसित होगी, जिसमें उद्योग, आवास, स्कूल, अस्पताल, और बाजार शामिल होंगे।
  3. जापानी सिटी का विकास किसके द्वारा किया जा रहा है?
    जापानी सिटी का विकास यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) द्वारा किया जा रहा है।
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