अमेरिका ने रोका ग्रीन कार्ड: श्रीधर वेम्बू ने अमेरिका में बसे भारतीयों से क्यों की भारत लौटने की अपील

Manya Jain | Sootr Creatives | Oct 10, 2026, 17:48 IST
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जोहो संस्थापक श्रीधर वेम्बू की भारत लौटने की अपील
जोहो संस्थापक श्रीधर वेम्बू की भारत लौटने की अपील

अमेरिकी श्रम विभाग की कार्रवाई में भारतीय आईटी कंपनियां भी शामिल हैं। विभाग ने ग्रीन कार्ड से जुड़े एक अहम कार्यक्रम में इनके आवेदन रोके। ग्रीन कार्ड पर रोक के बाद Sridhar Vembu ने भारत लौटने की अपील की। वेम्बू जोहो के संस्थापक हैं। उनका कहना है कि यह दौर नए भारत की शुरुआत बन सकता है। रोक PERM आवेदनों पर है। एच-1बी वीजा अपने आप रद्द नहीं होता।

ग्रीन कार्ड पर रोक: क्या हुआ?

अमेरिकी कंपनियां विदेशी कर्मचारियों को Green Card दिलाने के लिए PERM (परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन) प्रक्रिया अपनाती हैं। इससे कर्मचारी अमेरिका में स्थायी रूप से रहने की दिशा में आगे बढ़ते हैं।

अमेरिकी श्रम विभाग ने इस कार्यक्रम के तहत कई कंपनियों को निलंबित किया है। इनमें कॉग्निजेंट, कैपजेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी के नाम भी शामिल हैं। इस कार्रवाई का असर नई और पहले से लंबित अर्जियों, दोनों पर पड़ा है।

अमेरिका का बड़ा फैसला: इंफोसिस, TCS, विप्रो के ग्रीन कार्ड प्रोग्राम पर रोक, भारतीयों का क्या होगा? | America's Big Decision: Green Card Program of Infosys, TCS, Wipro Halted, What Will Happen to Indians?
अमेरिका ने इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो समेत कई IT कंपनियों के ग्रीन कार्ड प्रोग्राम पर लगाई रोक, भारतीयों पर क्या होगा असर?
09 Oct 2026 ,
By Kaushiki
अमेरिकी श्रम विभाग ने इंफोसिस, TCS, विप्रो और HCL जैसी कंपनियों के PERM प्रोग्राम को निलंबित किया है। इससे नए ग्रीन कार्ड आवेदन रुक गए हैं। इससे भारतीय IT कर्मचारियों के ग्रीन कार्ड में देरी होगी। हालांकि उनके H-1B वीजा सुरक्षित हैं। यह कदम अमेरिकी श्रम हितों की रक्षा और इनरेगुलरिटीज की जांच के लिए उठाया गया है।
अमेरिकी श्रम विभाग ने इंफोसिस, TCS, विप्रो और HCL जैसी कंपनियों के PERM प्रोग्राम को निलंबित किया है। इससे नए ग्रीन कार्ड आवेदन रुक गए हैं। इससे भारतीय IT कर्मचारियों के ग्रीन कार्ड में देरी होगी। हालांकि उनके H-1B वीजा सुरक्षित हैं। यह कदम अमेरिकी श्रम हितों की रक्षा और इनरेगुलरिटीज की जांच के लिए उठाया गया है।

PERM में कंपनी को क्या साबित करना होता है?

PERM का मतलब Permanent Labour Certificationहै। अमेरिकी श्रम विभाग इसके जरिए जांचता है कि उस पद के लिए कोई योग्य अमेरिकी कर्मचारी उपलब्ध है या नहीं। अगर कोई योग्य कर्मचारी नहीं मिलता, तो कंपनी विदेशी कर्मचारी को नौकरी पर रख सकती है।

इस प्रक्रिया में कंपनी को यह साबित करना होता है कि उस पद के लिए अमेरिका में कोई योग्य, इच्छुक और उपलब्ध कर्मचारी नहीं मिला। विदेशी कर्मचारी को नौकरी देने से अमेरिकी कर्मचारियों की सैलरी और काम करने की स्थिति पर बुरा असर नहीं पड़ना चाहिए।

श्रम विभाग का आरोप है कि कंपनियों ने PERM प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल किया। इसी वजह से विभाग ने इस प्रक्रिया पर कार्रवाई रोक दी है।

श्रम विभाग ने क्या कहा?

श्रम मंत्री कीथ सॉन्डरलिंग ने बताया कि संबंधित कंपनियों के नए स्थायी श्रम प्रमाणन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। पहले से जमा आवेदनों पर भी फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं होगी।

निलंबन जारी रहने तक ये आवेदन रुके रहेंगे। इससे ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को देरी हो सकती है। संबंधित कंपनियां अभी नए आवेदन भी जमा नहीं कर पाएंगी।

क्या एच-1बी वीजा रद्द हो जाएगा?

नहीं, PERM पर रोक और H-1B visa पर रोक दो अलग बातें हैं। संबंधित कंपनियों को एच-1बी कर्मचारियों को नौकरी देने से भी नहीं रोका गया। इसका मतलब नौकरी का तुरंत खत्म होना नहीं है।

वेम्बू के मुताबिक भारतीय इंजीनियरों ने अमेरिकी कंपनियों को आगे बढ़ाया है। आईटी विशेषज्ञ और तकनीकी पेशेवर भी इसमें शामिल रहे हैं। उनके मुताबिक अमेरिका के एक बड़े वर्ग का नजरिया बदल रहा है।

वेम्बू की भारत लौटने की अपील

भारतीयों ने अमेरिका की तकनीकी ताकत में बड़ा योगदान दिया है। फिर भी अमेरिका का एक बड़ा हिस्सा अब हमें नहीं चाहता। वीजा पर रह रहे भारतीयों के सामने सालों की मेहनत से बनी जिंदगी को उखाड़ने की दर्दनाक संभावना है। इसे एक साहसी नए भविष्य की जन्म-पीड़ा बनने दें। वापस आइए, आइए भारत बनाएं।
By: श्रीधर वेम्बू, संस्थापक, जोहो
वेम्बू ने 9 अक्टूबर 2026 को एक्स पर यह पोस्ट साझा की। उन्होंने कहा कि वीजा वाले भारतीयों को जिंदगी दोबारा शुरू करनी पड़ सकती है। उनका मानना है कि यह स्थिति नए रास्ते की शुरुआत भी बन सकती है।

पहले भी कर चुके हैं ऐसी अपील

यह भारत लौटने की अपील पहली बार नहीं है। मई में उन्होंने ग्रीन कार्ड के एक नए नियम पर यही कहा था। उस नियम में कुछ आवेदकों को अपने देश लौटकर आवेदन करना पड़ सकता था।

वेम्बू ने तब पेशेवरों को अपने भविष्य पर दोबारा सोचने की सलाह दी थी। भारत लौटना कठिन फैसला या त्याग लग सकता है। लेकिन उनकी सलाह थी कि रास्ता आत्मसम्मान को ध्यान में रखकर चुनें।

भारतीय पेशेवरों पर क्या असर?

प्रभावित कंपनियों के जरिए ग्रीन कार्ड पाने वाले कर्मचारियों के सामने अनिश्चितता है। लंबे समय तक रहने की योजना वालों के लिए यह चिंता की बात है। सोचिए एक बार। वर्षों की मेहनत से बसाया घर दांव पर दिखे, तो कैसा लगेगा?

असर किन बातों पर निर्भर करेगा?

तो क्या हर भारतीय कर्मचारी को अब लौटना होगा? जवाब है, नहीं। असल असर तीन बातों पर निर्भर करेगा। ये बातें हैं: वीजा स्थिति, आवेदन का चरण और निलंबन की अवधि।


FAQ

  1. अमेरिका में ग्रीन कार्ड पर रोक का मतलब क्या है?
    अमेरिकी श्रम विभाग ने कई कंपनियों के नए और लंबित PERM आवेदनों पर कार्रवाई रोक दी है। इसमें इन्फोसिस, टीसीएस, विप्रो और एचसीएल जैसी भारतीय कंपनियां शामिल हैं। रोक लागू रहने तक इन कंपनियों के जरिए ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया में देरी हो सकती है।
  2. क्या इस रोक से एच-1बी वीजा रद्द हो जाएगा?
    नहीं, इससे एच-1बी वीजा अपने आप रद्द नहीं होता। कंपनियों को एच-1बी कर्मचारियों को नौकरी देने से भी स्वतः नहीं रोका गया है। असर कर्मचारी की वीजा स्थिति और आवेदन के चरण पर निर्भर करेगा।
  3. श्रीधर वेम्बू ने भारतीयों से क्या अपील की है?
    जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने अमेरिका में काम कर रहे भारतीयों से स्वदेश लौटने की अपील की है। उन्होंने 9 अक्टूबर 2026 को एक्स पर लिखा कि मिलकर भारत का निर्माण करें। इस साल मई में भी वे ऐसी ही अपील कर चुके हैं।
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