अब कर सकेंगे वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सफर, जानें किस दिन से मिलेगी सुविधा
Dolly patil | Jun 16, 2024, 13:42 IST
ीीी
वंदे भारत ट्रेनों के सफल संचालन के बाद अब रेलवे इन ट्रेनों के स्लीपर वर्जन पर काम कर रहा है। इन ट्रेनों की निर्माण की प्रक्रिया लगभग पूरी होने वाली है। आइए आपको बताते हैं कि देशवासी वंदे भारत स्लीपर का आनंद कब से उठा पाएंगे।
वंदे भारत ट्रेनों का स्लीपर संस्करण 15 अगस्त से पहले लॉन्च होने वाला है। ट्रेन पटरियों पर उतरने के बाद परीक्षण से गुजरेगी और छह महीने के भीतर ही देशवासी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सफर का आनंद उठा सकेंगे।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार भारत में निर्मित ट्रेन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और वर्तमान में इसे शुरू करने की तैयारी में अंतिम समायोजन ( Adjustment )किया जा रहा है।
वंदे भारत अर्ध-उच्च गति वाली स्वदेशी ट्रेनें हैं, इन ट्रेनों ने नरेंद्र मोदी सरकार के पिछले दोनों कार्यकालों के दौरान सुर्खियाँ बटोरी हैं।
हालांकि ये ट्रेनें चेयर कार सुविधाओं के साथ कई मार्गों पर सफलतापूर्वक चल रही हैं। इसी के साथ इसके अधिकारियों ने कहा कि स्लीपर संस्करण लंबी दूरी के मार्गों पर ट्रेनों को लॉन्च करने की आवश्यकता है।
जानकारी के मुताबिक स्लीपर संस्करण 16 कोच वाली ट्रेन होगी। इसमें चार बोगियों की एक इकाई होगी। इसमें सेंसर-आधारित लाइटिंग, कैमरे, शोर इन्सुलेशन, खिड़कियां, बायो-वैक्यूम शौचालय और अन्य सुविधाओं जैसे उन्नत नियंत्रण के साथ सभी बुनियादी सुविधाएँ होंगी।
अधिकारियों का कहना है कि फर्स्ट एसी के यात्रियों को पहले कभी नहीं देखी गई सेवाओं का अनुभव होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा साझा की गई अवधारणा तस्वीरों से पता चलता है कि वंदे भारत के स्लीपर संस्करण में आराम भारतीय रेलवे की पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में अगले स्तर पर होगा।
सीट कुशन, ऊपरी बर्थ के लिए सीढ़ी और पैर रखने की जगह कुछ ऐसे कारक हैं जिन्हें स्थानों को डिजाइन करते समय ध्यान में रखा गया है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें भी मोदी सरकार 3.0 की 100 दिवसीय योजना का हिस्सा हैं। मंत्री अश्विनी वैष्णव व्यक्तिगत रूप से इस परियोजना की निगरानी कर रहे हैं।
अधिकारियों ने आगे संकेत दिया कि वंदे भारत मेट्रो भी बहुत जल्द शुरू की जाएगी। वंदे भारत, जिसे पहले ट्रेन 18 के नाम से जाना जाता था, की अधिकतम परिचालन गति 160 किमी/घंटा है।
पहली वंदे भारत ट्रेन 2019 में शुरू की गई थी और तब से इसे अपने उच्च-स्तरीय फीचर्स और आराम के लिए काफी सराहना मिली है। पहली वंदे भारत नई दिल्ली से वाराणसी रूट पर शुरू की गई थी।
रूट का निर्णय अभी नहीं किया गया है, किंतु माना जा रहा है कि दिल्ली-मुंबई या दिल्ली-कोलकाता रूट से शुरुआत की जा सकती है।
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
![dolly patil]()
रेलवे अधिकारियों के अनुसार भारत में निर्मित ट्रेन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और वर्तमान में इसे शुरू करने की तैयारी में अंतिम समायोजन ( Adjustment )किया जा रहा है।
जानें कैसी है ट्रेन
वंदे भारत अर्ध-उच्च गति वाली स्वदेशी ट्रेनें हैं, इन ट्रेनों ने नरेंद्र मोदी सरकार के पिछले दोनों कार्यकालों के दौरान सुर्खियाँ बटोरी हैं।
हालांकि ये ट्रेनें चेयर कार सुविधाओं के साथ कई मार्गों पर सफलतापूर्वक चल रही हैं। इसी के साथ इसके अधिकारियों ने कहा कि स्लीपर संस्करण लंबी दूरी के मार्गों पर ट्रेनों को लॉन्च करने की आवश्यकता है।
कितने होंगे कोच
जानकारी के मुताबिक स्लीपर संस्करण 16 कोच वाली ट्रेन होगी। इसमें चार बोगियों की एक इकाई होगी। इसमें सेंसर-आधारित लाइटिंग, कैमरे, शोर इन्सुलेशन, खिड़कियां, बायो-वैक्यूम शौचालय और अन्य सुविधाओं जैसे उन्नत नियंत्रण के साथ सभी बुनियादी सुविधाएँ होंगी।
अधिकारियों का कहना है कि फर्स्ट एसी के यात्रियों को पहले कभी नहीं देखी गई सेवाओं का अनुभव होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा साझा की गई अवधारणा तस्वीरों से पता चलता है कि वंदे भारत के स्लीपर संस्करण में आराम भारतीय रेलवे की पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में अगले स्तर पर होगा।
सीट कुशन, ऊपरी बर्थ के लिए सीढ़ी और पैर रखने की जगह कुछ ऐसे कारक हैं जिन्हें स्थानों को डिजाइन करते समय ध्यान में रखा गया है।
100 दिवसीय योजना का हिस्सा
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें भी मोदी सरकार 3.0 की 100 दिवसीय योजना का हिस्सा हैं। मंत्री अश्विनी वैष्णव व्यक्तिगत रूप से इस परियोजना की निगरानी कर रहे हैं।
अधिकारियों ने आगे संकेत दिया कि वंदे भारत मेट्रो भी बहुत जल्द शुरू की जाएगी। वंदे भारत, जिसे पहले ट्रेन 18 के नाम से जाना जाता था, की अधिकतम परिचालन गति 160 किमी/घंटा है।
पहली वंदे भारत ट्रेन 2019 में शुरू की गई थी और तब से इसे अपने उच्च-स्तरीय फीचर्स और आराम के लिए काफी सराहना मिली है। पहली वंदे भारत नई दिल्ली से वाराणसी रूट पर शुरू की गई थी।
इस रूट से हो सकती है शुरुआत
रूट का निर्णय अभी नहीं किया गया है, किंतु माना जा रहा है कि दिल्ली-मुंबई या दिल्ली-कोलकाता रूट से शुरुआत की जा सकती है।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
dolly patil
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari