विश्व हिंदू परिषद का 60वां स्थापना दिवस आज, जानिए इसके उद्देश्यों और इतिहास को...
Pratibha ranaa | Aug 26, 2024, 11:21 IST
vishwa hindu parishad foundation day
सीएम मोहन यादव ने विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दीं। संगठन की स्थापना 1964 में भारतीय संस्कृति और धर्म के उत्थान के लिए हुई थी।
आज देशभर में जन्माष्टमी ( Janmashtami ) का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। साथ ही, 26 अगस्त को विश्व हिंदू परिषद (Vishwa Hindu Parishad) भी अपना स्थापना दिवस मना रहा है। 1964 में जन्माष्टमी के दिन ही इस संगठन की स्थापना की गई थी।
प्रयागराज में 1966 में विश्व हिंदू परिषद का पहला स्थापना दिवस मनाया गया था ( VHP establishment 60 years )। इस साल 26 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे कर लेगा। प्रयागराज में 218 प्रखंडों में हिंदुत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यहां पर प्रथम विश्व हिंदू सम्मेलन भी आयोजित किया गया था, जिसमें सभी धर्माचार्यों ने एक मंच पर आकर हिंदुत्व को प्रोत्साहित किया था।
काशी प्रांत के अध्यक्ष कविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 1964 में कृष्ण जन्माष्टमी के दिन, स्वामी चिन्मयानंद, केएम मुंशी, मास्टर तारा सिंह, कुशल बकुला और सुशील मनी के द्वारा देश भर में हिंदुओं की दशा और दिशा पर विचार करने के लिए विश्व हिंदू परिषद की स्थापना की गई थी।
ये खबर भी पढ़िए...विश्व हिंदू परिषद स्थापना दिवस पर इंदौर में करेगा बड़े आयोजन, विभाग की बैठक में फैसला
सीएम मोहन यादव ( CM Mohan Yadav ) ने विश्व हिंदू परिषद' के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा- भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के उत्थान के पवित्र कार्यों में निरंतर रत, राष्ट्रवादी संगठन 'विश्व हिंदू परिषद' के स्थापना दिवस की सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। देश एवं सनातन मूल्यों की रक्षा का आपका यह रथ अनवरत चलता रहे, अपने समस्त मंगल ध्येय को प्राप्त करे, यही शुभेच्छा है।
विश्व हिंदू परिषद (Vishwa Hindu Parishad) एक प्रमुख हिंदू संगठन है, जो हिंदू धर्म के प्रचार-प्रसार, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने के लिए काम करता है। इसकी स्थापना 1964 में हुई थी और इसका मुख्यालय नई दिल्ली, भारत में स्थित है। यह संगठन विभिन्न सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों का आयोजन करता है और हिंदू समुदाय के मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का प्रयास करता है।
विश्व हिंदू परिषद (Vishwa Hindu Parishad) का गठन 1964 में भारतीय समाज में हिंदू धर्म और संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से किया गया था।
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प्रयागराज में 1966 में विश्व हिंदू परिषद का पहला स्थापना दिवस मनाया गया था ( VHP establishment 60 years )। इस साल 26 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे कर लेगा। प्रयागराज में 218 प्रखंडों में हिंदुत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यहां पर प्रथम विश्व हिंदू सम्मेलन भी आयोजित किया गया था, जिसमें सभी धर्माचार्यों ने एक मंच पर आकर हिंदुत्व को प्रोत्साहित किया था।
काशी प्रांत के अध्यक्ष कविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 1964 में कृष्ण जन्माष्टमी के दिन, स्वामी चिन्मयानंद, केएम मुंशी, मास्टर तारा सिंह, कुशल बकुला और सुशील मनी के द्वारा देश भर में हिंदुओं की दशा और दिशा पर विचार करने के लिए विश्व हिंदू परिषद की स्थापना की गई थी।
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CM ने दी शुभकामनाएं
भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के उत्थान के पवित्र कार्यों में निरंतर रत, राष्ट्रवादी संगठन 'विश्व हिंदू परिषद' के स्थापना दिवस की सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
देश एवं सनातन मूल्यों की रक्षा का आपका यह रथ अनवरत चलता रहे, अपने समस्त मंगल ध्येय को प्राप्त करे,… pic.twitter.com/08jpbjkg6B
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) August 26, 2024
विस्तार में विश्व हिंदू परिषद के बारे में जानिए....
हिंदू परिषद के मुख्य उद्देश्य
- हिंदू संस्कृति और धर्म के संरक्षण और प्रचार-प्रसार।
- समाज में सामाजिक और धार्मिक जागरूकता लाना।
- सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करना।
क्यों हुआ था विश्व हिंदू परिषद का गठन
- हिंदू धर्म और संस्कृति का संरक्षण: भारतीय समाज में हिंदू धर्म और संस्कृति के संरक्षण की जरूरत महसूस की गई। इस समय हिंदू धर्म की परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को संजोने और प्रसारित करने की दिशा में एक समर्पित संगठन की आवश्यकता महसूस की गई थी।
- सामाजिक जागरूकता: हिंदू समाज में सामाजिक और धार्मिक जागरूकता लाने की जरूरत थी। धार्मिक और सांस्कृतिक मामलों में हिंदू समाज को एकजुट करने और प्रोत्साहित करने के लिए एक प्लेटफॉर्म की आवश्यकता थी।
- धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दे: धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर समाज में जागरूकता और समर्थन बढ़ाने के लिए एक संगठित प्रयास की आवश्यकता थी। इस संगठन ने धार्मिक शिक्षाओं और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहित करने की कोशिश की थी।
- सामाजिक सेवा: विश्व हिंदू परिषद ने सामाजिक सेवाओं के माध्यम से समाज के विभिन्न तबकों की भलाई और सहायता का प्रयास किया। इसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, और अन्य सामाजिक परियोजनाएं संचालित की गईं थी।
- सामाजिक एकता: संगठन ने हिंदू समाज में एकता और सहयोग बढ़ाने की दिशा में कार्य किया। विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक समूहों को एकजुट करने के लिए विभिन्न आयोजनों और अभियानों का संचालन किया गया।
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