महिलाओं की बढ़ी वर्कफोर्स में हिस्सेदारी, लेकिन घरेलू कामों में नहीं बदली तस्वीर, ICRIER की रिपोर्ट में खुलासा

Arohi Raj | Sootr Creatives | Oct 31, 2026, 18:42 IST
Share
महिलाओं को दोहरी ड्यूटी से राहत कब मिलेगी?
महिलाओं को दोहरी ड्यूटी से राहत कब मिलेगी?

भारत में कामकाजी महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। आजकल ज्यादा महिलाएं वर्किंग हैं। लेकिन घर की जिम्मेदारियों में खास बदलाव नहीं आया है। आज भी घर का ज्यादातर काम महिलाएं ही संभालती हैं। ऐसे में उन्हें घर और ऑफिस, दोनों जगह काम करना पड़ता है। इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस (ICRIER) की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।

रिपोर्ट का नाम पार्टिसिपेशन पैराडॉक्स है। इसके मुताबिक, पिछले आठ साल में महिलाओं की कामकाजी भागीदारी तेजी से बढ़ी है। लेकिन घर के कामों की जिम्मेदारी अब भी महिलाओं पर है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं को नौकरी के साथ घर भी संभालना पड़ता है। इसके बावजूद उनकी कमाई पुरुषों से कम है। उन्हें आराम और अपने लिए भी कम समय मिलता है।

आठ साल में दोगुनी हुई संख्या

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में वर्किंग वुमन की संख्या तेजी से बढ़ी है। साल 2017-18 में यह संख्या 10.4 करोड़ थी। साल 2025 में यह बढ़कर 20.1 करोड़ हो गई। यानी आठ साल में संख्या करीब दोगुनी हो गई। इस दौरान वर्कफोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी भी बढ़ी है। साल 2017-18 में यह हिस्सेदारी 22% थी। साल 2025 में बढ़कर 38% हो गई। इससे पता चलता है कि अब ज्यादा महिलाएं रोजगार से जुड़ रही हैं।

गांवों में महिलाओं की भागीदारी ज्यादा बढ़ी

महिलाओं के रोजगार में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी गांवों में दर्ज हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। 2017-18 में यह आंकड़ा 23.7% था। 2025 में बढ़कर 44.9% हो गया। शहरों में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। 2017-18 में यह आंकड़ा 18.2% था। 2025 में बढ़कर 25.9% हो गया। हालांकि, नौकरी बढ़ने से घरेलू जिम्मेदारियों में बराबरी नहीं आई। आज भी महिलाओं को नौकरी के साथ घर संभालना पड़ता है।

महिलाएं पुरुषों से ज्यादा करती हैं काम

रिपोर्ट के आंकड़े घरेलू कामों में बड़ा अंतर दिखाते हैं। महिलाएं रोज औसतन 464 मिनट घर के कामों में लगाती हैं। वहीं, पुरुष औसतन 178 मिनट घरेलू काम करते हैं। यानी महिलाएं पुरुषों से रोज 286 मिनट ज्यादा काम करती हैं। यह अंतर करीब 4 घंटे 46 मिनट का है। इसमें सफाई, खाना बनाना और दूसरी जिम्मेदारियां शामिल हैं। बच्चों की देखभाल भी महिलाओं को करनी पड़ती है। नौकरी के बाद भी उन्हें इन कामों से राहत नहीं मिलती।

BJP नेता के भाई पर शादी का झांसा देकर ब्लैकमेल करने का आरोप, युवती ने लगाए गंभीर आरोप | BJP Leader's Brother Accused of Blackmailing by Promising Marriage, Woman Levels Serious Allegations
शादी का वादा कर संबंध बनाए, अश्लील वीडियो से किया ब्लैकमेल, युवती ने BJP नेता के भाई पर लगाए आरोप
30 Oct 2026 ,
By Aman Vaishnav
शहडोल में एक युवती ने युवक पर शादी का वादा करके शारीरिक संबंध बनाने और बाद में ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। बुढ़ार पुलिस ने आरोपी कनिष्क सिंह उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। युवती का कहना है कि उसके पास 45 ऑडियो-वीडियो, 139 चैट और 15 रील के सबूत हैं। उसने आरोपी के परिवार पर धमकी देने का आरोप भी लगाया है।
शहडोल में एक युवती ने युवक पर शादी का वादा करके शारीरिक संबंध बनाने और बाद में ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। बुढ़ार पुलिस ने आरोपी कनिष्क सिंह उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। युवती का कहना है कि उसके पास 45 ऑडियो-वीडियो, 139 चैट और 15 रील के सबूत हैं। उसने आरोपी के परिवार पर धमकी देने का आरोप भी लगाया है।

महिलाओं को रेस्ट के लिए मिलता कम समय

रिपोर्ट के मुताबिक, घर और नौकरी की जिम्मेदारी की वजह से महिलाएं खुद को समय नहीं दे पाती हैं। महिलाओं और पुरुषों के खाली समय में अंतर बढ़ा है। साल 2019 में यह अंतर 57 मिनट था। साल 2024 में बढ़कर 70 मिनट हो गया। यानी महिलाओं को खुद के लिए कम समय मिलता है। नौकरी के बाद भी वे घर के कामों में व्यस्त रहती हैं।

महिलाओं की घर की जिम्मेदारी बनी नौकरी में बाधा

रिपोर्ट के मुताबिक, घर और बच्चों की देखभाल महिलाओं के रोजगार में रुकावट बन रही है। रिपोर्ट में शामिल करीब 60% महिलाओं ने यह बात बताई है। उनके मुताबिक, घरेलू जिम्मेदारियों के कारण बाहर नौकरी करना मुश्किल होता है। वहीं, पुरुषों की स्थिति इससे अलग है। केवल 1% पुरुषों ने घरेलू कामों को नौकरी न करने की वजह बताया। ये आंकड़े बताते हैं कि घरेलू जिम्मेदारियां महिलाओं के रोजगार को प्रभावित करती हैं। कई महिलाएं चाहकर भी बाहर नौकरी नहीं कर पातीं।

महिलाओं की कमाई पुरुषों से कम

ICRIER रिपोर्ट के मुताबिक, रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। लेकिन कमाई में बराबरी अब भी नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की सैलरी पुरुषों की 45% है। वहीं, शहरी इलाकों में यह आंकड़ा करीब 61% है। यानी दोनों जगह महिलाओं की कमाई पुरुषों से कम है। इससे साफ है कि नौकरी के बावजूद सैलरी में अंतर बना हुआ है। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के साथ यह अंतर भी बड़ी चुनौती है।

पंचायत चुनाव में महिलाओं का जलवा: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की सास सुरज्ञान कंवर बनीं सरपंच | Women Dominate Panchayat Elections: Union Minister Gajendra Singh Shekhawat's Mother-in-Law Surgyan Kanwar Becomes Sarpanch
पंचायत चुनाव में महिलाओं का दबदबा, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की सास भी बनीं सरपंच
31 Oct 2026 ,
By Jageshwar Prasad
नागौर जिले की मेड़ता रोड-गोटन पंचायत समिति की 24 ग्राम पंचायतों में हुए सरपंच पद के चुनावों के नतीजे सामने आ गए हैं। इन नतीजों में सबसे ज्यादा चर्चा दधवाड़ा ग्राम पंचायत की रही, जहां केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की सास सुरज्ञान कंवर ने शानदार जीत दर्ज की है।
नागौर जिले की मेड़ता रोड-गोटन पंचायत समिति की 24 ग्राम पंचायतों में हुए सरपंच पद के चुनावों के नतीजे सामने आ गए हैं। इन नतीजों में सबसे ज्यादा चर्चा दधवाड़ा ग्राम पंचायत की रही, जहां केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की सास सुरज्ञान कंवर ने शानदार जीत दर्ज की है।

FAQs

  1. भारत में कामकाजी महिलाओं की संख्या कितनी बढ़ी है?
    2017-18 में भारत में कामकाजी महिलाओं की संख्या 10.4 करोड़ थी, जो 2025 में बढ़कर 20.1 करोड़ हो गई है।
  2. कितनी महिलाओं ने घरेलू जिम्मेदारियों को नौकरी में बाधा बताया?
    रिपोर्ट के अनुसार, करीब 60% महिलाओं ने घरेलू जिम्मेदारियों को अपनी नौकरी में बाधा बताया है।
  3. पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की सैलरी कितनी है?
    ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की सैलरी पुरुषों की 45% है, जबकि शहरी इलाकों में यह आंकड़ा करीब 61% है।
Tags:
  • ICRIER रिपोर्ट
  • महिला वर्कफोर्स
  • महिला रोजगार 2025
  • ग्रामीण महिला रोजगार
  • अनपेड केयर वर्क
  • ICRIER report women
  • women workforce India
  • female labour force participation
  • India women unpaid work
  • gender pay gap India
शादी के वीडियो और कॉल रिकॉर्डिंग पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जानिए क्यों नहीं मिली अतिरिक्त साक्ष्य पेश करने की अनुमति

By Umeshwari Baghel

शादी के वीडियो और कॉल रिकॉर्डिंग पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जानिए क्यों नहीं मिली अतिरिक्त साक्ष्य पेश करने की अनुमति
विश्वेंद्र सिंह का जिला प्रमुख चुनाव में भाजपा प्रत्याशी पर आरोप, यूपी-राजस्थान की वोटर लिस्ट में नाम होने का दावा

By Mukesh Sharma

विश्वेंद्र सिंह का जिला प्रमुख चुनाव में भाजपा प्रत्याशी पर आरोप, यूपी-राजस्थान की वोटर लिस्ट में नाम होने का दावा
एमपी के नए डीजीपी: 20 नवंबर को यूपीएससी की बैठक, रेस में आईपीएस वरुण कपूर, उपेंद्र जैन और प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव

By Sumit Kumar

एमपी के नए डीजीपी: 20 नवंबर को यूपीएससी की बैठक, रेस में आईपीएस वरुण कपूर, उपेंद्र जैन और प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव
ACB जांच की निष्पक्षता पर डोटासरा उठाए सवाल, कहा- सीनियर IAS के खिलाफ कैसे होगी जांच?

By Jageshwar Prasad

ACB जांच की निष्पक्षता पर डोटासरा उठाए सवाल, कहा- सीनियर IAS के खिलाफ कैसे होगी जांच?
छत्तीसगढ़ के गांवों में अब घर के पास मिलेगी बैंकिंग सुविधा, 33 जिलों में खुलेंगे 600 से ज्यादा केंद्र

By Umeshwari Baghel

छत्तीसगढ़ के गांवों में अब घर के पास मिलेगी बैंकिंग सुविधा, 33 जिलों में खुलेंगे 600 से ज्यादा केंद्र
पुलिस हाउसिंग के दो अफसरों की पदोन्नति पर सवाल, PWD के पत्र से नया मोड़, गृह विभाग ने मांगी जानकारी

By Ramanand Tiwari

पुलिस हाउसिंग के दो अफसरों की पदोन्नति पर सवाल, PWD के पत्र से नया मोड़, गृह विभाग ने मांगी जानकारी
राजस्थान से दिवाली-छठ पर घर जाना होगा आसान, 47 जोड़ी ट्रेनों में लगेंगे 137 अतिरिक्त कोच

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान से दिवाली-छठ पर घर जाना होगा आसान, 47 जोड़ी ट्रेनों में लगेंगे 137 अतिरिक्त कोच