कहीं आपके बच्चे को तो नहीं है मोबाइल देखने की बुरी आदत, अगर है तो पढ़िए लीजिए ये खबर...

Sandeep Kumar | Aug 04, 2024, 22:19 IST
Share
STYLESHEET THESOOTR - 2024-08-04T215407.735
STYLESHEET THESOOTR - 2024-08-04T215407.735

यूनेस्को द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले डिवाइस बच्चों के एकेडमिक परफोर्मेंस को प्रभावित करते हैं। ये हम नहीं कहते हैं कि बल्कि यूएन की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है...

कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में एजुकेशन व्यवस्था रातोंरात बदल गई और पूरा सिस्टम ऑनलाइन हो गया, लेकिन डेटा से पता चलता है कि इससे स्टूडेंट्स की लर्निंग प्रभावित होती है और ज्यादा टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से उनका एकेडमिक परफोर्मेंस खराब होता है।

विशेष रूप से, ग्लोबल एजुकेशन मॉनिटरिंग (GEM) रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि अगर आप मोबाइल फोन बच्चों के आसपास रखते हैं तो इससे उनका ध्यान भटकता है, और इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।

1bead866-e28
1bead866-e28


यूनेस्को का दावा

यूनेस्को का कहना है कि इस बात की जानकारी होने के बावजूद, 25 प्रतिशत से भी कम देशों ने शैक्षिक सेटिंग्स में स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। यूनेस्को द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले डिवाइस बच्चों के एकेडमिक परफोर्मेंस को प्रभावित करते हैं।

c4e6a473-720
c4e6a473-720


फिर से ध्यान केंद्रित करने में लगता है समय

रिपोर्ट में कहा गया है कि मोबाइल फोन हो या कंप्यूटर, उससे बच्चों का ध्यान भटक सकता है और ऐसे में स्कूल या घर उनके सीखने का माहौल प्रभावित होता है। रिसर्च से पता चलता है कि कोई भी स्टूडेंट का ध्यान अगर एक बार टेकनोलॉजी की वजह से भटक जाता है तो उसे फिर से ध्यान केंद्रित करने में 20 मिनट का समय लग सकता है।

सिर्फ एजुकेशन के लिए हो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षकों को क्लासरूम में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से संबंधित बड़ी चुनौतियों का सामा करना पड़ता है। मसलन, जब स्टूडेंट्स गैर-एजुकेशन वेबसाइट जैसे सोशल मीडिया वगैरह का इस्तेमाल करते हैं तो क्लासरूम में शोर होता है।

टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सिर्फ शिक्षा के लिए

यूएन एजुकेशन डिपार्टमेंट का कहना है कि क्लासरूम में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सिर्फ शिक्षा के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमीर देशों में क्लासरूम और एजुकेशन व्यवस्था बदल गई है। स्क्रीन ने पेपर की जगह ले ली और पेन ने कीबोर्ड की।

thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

sandeep mishr
sandeep mishr


Tags:
  • बच्चों के लिए मोबाइल खतरनाक
  • यूनेस्को का दावा
  • ग्लोबल एजुकेशन मॉनिटरिंग
  • मोबाइल देखने की बुरी आदत
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा