/sootr/media/media_files/2026/01/14/kharmas-2026-2026-01-14-14-23-58.jpg)
News In Short
- सूर्य देव आज 14 जनवरी 2026 (Makar Sankranti) को मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
- खरमास खत्म होने के बावजूद जनवरी में शादियां शुरू नहीं होंगी।
- हिंदू धर्म में सुख और वैवाहिक आनंद के लिए शुक्र का उदय होना अनिवार्य है।
- पंचांग के मुताबिक 1 फरवरी 2026 को शुक्र देव का उदय होगा।
- सूर्य जब बृहस्पति की राशियों में होते हैं तो ऊर्जा कम होने से ये समय मांगलिक कार्यों के लिए वर्जित है।
News In Detail
हिंदू धर्म में समय और ग्रहों की चाल का बहुत अधिक महत्व माना जाता है। साल 2026 की शुरुआत में ही एक बहुत ही अनोखा ज्योतिषीय संयोग बन रहा है।
आज 14 जनवरी मकर संक्रांति को सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा। लेकिन ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, खरमास समाप्त होने के बाद भी शादियां शुरू नहीं होंगी। आइए जानें ऐसा क्यों हो रहा है।
/sootr/media/post_attachments/assets/images/2024/12/09/kharmas_0cdc2c8b4de5f0f52851f3bd51b0cd98-392656.jpeg?w=750)
14 जनवरी को खत्म होगा खरमास
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, सूर्य देव 14 जनवरी 2026 मकर संक्रांति को अपने पुत्र शनि की राशि मकर में जाएंगे। इस दिन मकर संक्रांति मनाई जाएगी। इसके साथ हीं खरमास का प्रभाव पूरी तरह खत्म होगा।
आमतौर पर संक्रांति के बाद से ही शादियों के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाते हैं। मगर इस साल शुक्र तारा अस्त होने के कारण स्थिति थोड़ी अलग रहने वाली है। शुक्र ग्रह को ज्योतिष में सुख, संपदा और वैवाहिक आनंद का कारक मानते हैं।
Important Facts
/sootr/media/post_attachments/static-hindinews/2026/01/shadi25-681009.jpg?impolicy=website&width=770&height=431)
शुक्र तारा अस्त होने का वैवाहिक जीवन पर असर
विवाह के लिए शुक्र और बृहस्पति दोनों ग्रहों का उदित होना बेहद जरूरी है। शुक्र देव पिछले 53 दिनों से अस्त चल रहे हैं। शुक्र देव अभी शांत अवस्था में हैं।
जब तक शुक्र का उदय नहीं होता, तब तक विवाह संस्कार संपन्न नहीं होते। शुक्र के अस्त होने पर दाम्पत्य जीवन में सुखों की भारी कमी बनी रहती है। यही कारण है कि जनवरी के महीने में कोई भी विवाह मुहूर्त नहीं निकलेगा।
/sootr/media/post_attachments/wp-content/uploads/2026/01/image-2-8-607940.jpg)
फरवरी 2026 से गूंजेगी शहनाई
पंचांग के मुताबिक, शुक्र देव का उदय 1 फरवरी 2026 को होने वाला है। इसके बाद ही पंडित और ज्योतिषाचार्य विवाह के शुभ मुहूर्त की गणना शुरू करेंगे। यानी कि शादी की शहनाइयां सुनने के लिए आपको फरवरी तक इंतजार करना होगा।
फरवरी के पहले सप्ताह से ही गृह प्रवेश और मुंडन जैसे कार्य शुरू होंगे। तब तक केवल दान-पुण्य और भजन-कीर्तन करना ही सबसे उत्तम फलदायी माना जाएगा।
Sootr Knowledege
/sootr/media/post_attachments/uploads/images/693fd643b0dc8_file-635520.jpeg)
क्या होता है खरमास और क्यों रुकते हैं शुभ काम
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, जब सूर्य देव बृहस्पति की राशि धनु या मीन में जाते हैं। इस एक महीने की विशेष अवधि को ही हम खरमास या अधर्मास कहते हैं। माना जाता है कि इस समय सूर्य की ऊर्जा काफी ज्यादा कम हो जाती है।
देवगुरु बृहस्पति की राशि में होने के कारण सूर्य थोड़े शिथिल पड़ जाते हैं। शास्त्रों के मुताबिक, इस दौरान विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश वर्जित माने जाते हैं। इस महीने में किए गए शुभ कार्यों का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
FAQ
ये खबर भी पढ़ें...
पूर्णिमा 2026 पर लक्ष्मी-नारायण की कृपा पाने के लिए ऐसे करें पूजा, जानें शुभ मुहूर्त
पूजा की थाली से लेकर मन की शांति तक, जानें कपूर जलाने के फायदे
मैहर के शारदा देवी मंदिर में गिरा था सती का हार, आज भी आल्हा सबसे पहले करने आते हैं पूजा
श्री महाकाल महोत्सव का आगाज, सीएम करेंगे शुभारंभ, शिव स्तुति से गूंजेगी नगरी
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us