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News in short
सीएम मोहन यादव आज (14 जनवरी) शाम 7 बजे पांच दिवसीय श्री महाकाल महोत्सव का शुभारंभ करेंगे।
शुभारंभ संध्या पर प्रसिद्ध गायक शंकर महादेवन अपने बेटों के साथ 'शिवोऽहम्' की विशेष संगीतमय प्रस्तुति देंगे।
महोत्सव में प्रतिदिन शाम को भारिया, गोंड और भील जनजातियों के पारंपरिक लोकनृत्यों का जीवंत प्रदर्शन होगा।
दोपहर 4 बजे देवास गेट से शिव बारात निकलेगी, जो पूरे शहर में शिव-भक्ति का संदेश फैलाएगी।
इस उत्सव का समापन 18 जनवरी को इंडोनेशिया और श्रीलंका के अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के नृत्य नाटिका से होगा।
News in detail
आज से उज्जैन में आयोजित पांच दिवसीय 'श्री महाकाल महोत्सव' का शुभारंभ करूंगा।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 14, 2026
कला, संस्कृति और विमर्श को समर्पित यह दिव्य महोत्सव हमारी जड़ों एवं मूल्यों से साक्षात्कार कराएगा।
जय जय महाकाल! pic.twitter.com/lmShlRtwI5
बाबा महाकाल की पावन नगरी उज्जैन आज (14 जनवरी) से एक शानदार उत्सव का हिस्सा बनने जा रही है। मकर संक्रांति के खास मौके पर श्री महाकाल महालोक में पांच दिन तक चलने वाला श्री महाकाल महोत्सव शुरू होने जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शाम 7:00 बजे दीप जलाकर इस उत्सव की शुरुआत करेंगे।
यह महोत्सव 14 जनवरी से 18 जनवरी 2026 तक महाकाल लोक और त्रिवेणी संग्रहालय में होगा। इस आयोजन का मुख्य मकसद मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और भगवान शिव की महिमा को लोगों तक पहुंचाना है।
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शंकर महादेवन की शिवोऽहम् प्रस्तुति
महोत्सव का शानदार उद्घाटन आज शाम 7:00 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इस मौके पर फेमस प्लेबैक सिंगर पद्मश्री शंकर महादेवन (Shankar Mahadevan ) अपनी प्रस्तुति देंगे। वे इस कार्यक्रम में अपने बेटे सिद्धार्थ और शिवम के साथ मंच पर होंगे।
वे 'शिवोऽहम्' नामक विशेष म्यूजिकल पेश करेंगे, जिसमें भगवान शिव की स्तुति होगी। सुरों की ये मधुर लहरियां महाकाल लोक को पूरी तरह से शिव भक्ति में डुबो देंगी। इस कार्यक्रम में राज्य के कई मंत्री और नागरिक भी शामिल होंगे।
जय जय श्री महाकाल!
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) January 14, 2026
बाबा महाकाल की नगरी में श्रद्धा और संस्कृति का उत्सव
उज्जैन में श्री महाकाल महोत्सव 2026 का आयोजन@DrMohanYadav51@minculturemp@TrustsReligious@tourismdeptmp#CMMadhyaPradesh#UJJAINpic.twitter.com/UG66QKDp2b
लोक कला और जनजातीय संस्कृतियों का मिलन
महोत्सव में हमें हमारी प्राचीन लोक कलाओं और जनजातीय संस्कृतियों का शानदार मेल देखने को मिलेगा। हर दिन शाम 4:00 से 6:00 बजे तक जनजातीय लोकनृत्यों की मस्ती देखने को मिलेगी। इसमें भारिया जनजाति का भड़म नृत्य और गोंड जनजाति का ठाठ्या नृत्य खास आकर्षण होंगे।
इसके अलावा भील जनजाति का भगोरिया नृत्य दर्शकों को मध्यप्रदेश की शानदार परंपराओं से परिचित कराएगा। यह महोत्सव सिर्फ संगीत का ही नहीं, बल्कि हमारी पुरानी लोक कलाओं का भी जीवंत प्रदर्शन है।
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कला यात्रा और शिव बारात का दिव्य दर्शन
आज दोपहर 4:00 बजे देवास गेट से एक शानदार कला यात्रा शुरू होगी। इस यात्रा में शिव बारात की खूबसूरत प्रस्तुति होगी। ये बारात शहर के प्रमुख चौकों से होकर जाएगी और इंदौर गेट होते हुए सीधे श्री महाकाल लोक तक पहुंचेगी।
इस कला यात्रा के जरिए भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और मध्यप्रदेश के उदय का संदेश दिया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक होगी।
Important Facts
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महोत्सव का पांच दिवसीय विशेष कार्यक्रम
14 जनवरी (आज): शंकर महादेवन की दिव्य संगीतमय प्रस्तुति 'शिवोऽहम्' से भव्य शुभारंभ।
15 जनवरी: मुंबई का प्रसिद्ध 'द ग्रेट इंडियन क्वायर' भगवान शिव पर आधारित प्रस्तुति देगा।
16 जनवरी: सुप्रसिद्ध गायिका सोना महापात्रा अपनी गायकी से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देंगी।
17 जनवरी: इंदौर के श्रेयश शुक्ला और विपिन अनेजा के बैंड द्वारा सुगम संगीत की शाम।
18 जनवरी: अंतरराष्ट्रीय कलाकारों द्वारा शिव केंद्रित नृत्य नाटिका के साथ महोत्सव का समापन होगा।
निष्कर्ष
यह महोत्सव उज्जैन की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को पूरी दुनिया में एक नई पहचान दिलाने वाला है। विकास और भक्ति का यह मेल न सिर्फ स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी हमारी गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का काम करेगा। कुल मिलाकर, 18 जनवरी तक चलने वाला यह उत्सव हर शिव भक्त और कला प्रेमी के लिए एक यादगार अनुभव बनने वाला है।
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