आज से शुरू हो रहा खरमास, एक महीने तक नहीं बजेगी शहनाइयां, न करें ये गलतियां
Kaushiki | Feb 22, 2026, 15:44 IST
kharmas-2026
आज 15 मार्च से खरमास शुरू हो रहा है। इस दौरान शादी और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य वर्जित रहेंगे। 14 अप्रैल को मेष संक्रांति के साथ इसका समापन होगा।
Kharmas 2026: हिंदू धर्म में समय का बहुत महत्व माना जाता है। शुभ और अशुभ मुहूर्त देखकर ही काम किए जाते हैं। साल 2026 का पहला खरमास शुरू होने हो चुका है।
ज्योतिष के मुताबिक, खरमास लगते ही मांगलिक कार्य रुक जाते हैं। ये समय आध्यात्मिक साधना के लिए तो अच्छा है, लेकिन सांसारिक खुशियों के लिए इसे शुभ नहीं मानते हैं।
खरमास का समापन अगले महीने 14 अप्रैल को होगा। उस दिन मंगलवार को सुबह 9:38 बजे सूर्य बदलेंगे। सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष में जाएंगे।
इसे मेष संक्रांति कहा जाता है और शुभ दिन लौटेंगे। इसके बाद ही शादियां और मुंडन संस्कार शुरू होंगे। तब तक भक्तों को थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।
![Kharmas 2024 Date: खरमास 14 मार्च से शुरू, अगले एक महीने तक इन शुभ-मांगलिक कार्यों पर रहेगी पाबंदी - Kharmas 2024 Date shubh and manglik karya stop for a month malmas significance]()
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, खरमास में विवाह करना सबसे अधिक वर्जित है। इस समय गृह प्रवेश की पूजा भी नहीं करानी चाहिए। नई गाड़ी या प्रॉपर्टी खरीदना भी शुभ नहीं होता।
जनेऊ संस्कार और मुंडन भी इस महीने टाल दें। नया व्यापार शुरू करने से बचना ही बेहतर होगा। किसी भी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत इस दौरान न करें। शास्त्रों के मुताबिक, इस समय सूर्य का तेज कम होता है। इसलिए इस दौरान किए गए काम सफल नहीं होते।
खरमास के पीछे एक बहुत ही रोचक कथा है। सूर्य देव सात घोड़ों के रथ पर सवार रहते हैं। वे बिना रुके पूरे ब्रह्मांड का चक्कर लगाते हैं। एक बार उनके घोड़े बहुत ज्यादा थक गए थे।
घोड़ों को प्यास लगी और वे बहुत व्याकुल थे। सूर्य देव ने उन्हें आराम देने का फैसला किया। उन्होंने रथ में दो खर यानी गधे जोड़ दिए। गधों की चाल घोड़ों के मुकाबले बहुत धीमी थी। इस वजह से सूर्य देव की गति धीमी पड़ गई। इसी धीमी गति वाले महीने को खरमास कहते हैं। मार्च में नहीं होंगे मांगलिक कार्य
खरमास में दान-पुण्य का बहुत अधिक महत्व होता है। इस महीने सूर्य देव की उपासना जरूर करनी चाहिए। सुबह जल्दी उठकर सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। यह समय मंत्र साधना के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।
इस समय तामसिक भोजन और शराब से दूरी बनाए रखना चाहिए। जितना हो सके सादा जीवन व्यतीत करना चाहिए। गरीबों को अन्न और वस्त्र दान करना फलदायी होता है। भगवान विष्णु की पूजा से कष्ट दूर होते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
ये खबरें भी पढ़ें....
खरमास और मलमास में क्या है अंतर, जानिए कब आते हैं ये मास और क्यों हैं खास
भद्रा और चंद्र ग्रहण के साये में होगा होलिका दहन 2026, जानें पूजा का सही मुहूर्त
होली के बाद क्यों मनाया जाता है भाई दूज का पर्व, जानें इसका गहरा धार्मिक महत्व
राधा-कृष्ण के प्रेम का प्रतीक फुलेरा दूज, फूलों की होली से जुड़ी है अनोखी कथा
ज्योतिष के मुताबिक, खरमास लगते ही मांगलिक कार्य रुक जाते हैं। ये समय आध्यात्मिक साधना के लिए तो अच्छा है, लेकिन सांसारिक खुशियों के लिए इसे शुभ नहीं मानते हैं।
मार्च में कब से शुरू हो रहा खरमास
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, खरमास आज (15 मार्च 2026) से शुरू हो चुका है। आज रविवार है और दोपहर 1:08 बजे सूर्य का गोचर होगा। सूर्य देव शनि की राशि कुंभ से निकलेंगे। वे गुरु की राशि मीन में प्रवेश कर जाएंगे। इसे मीन संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है। संक्रांति के साथ ही खरमास का प्रारंभ हो जाएगा। यह अवधि पूरे एक महीने तक चलने वाली है।
खरमास 2026 का समापन कब होगा
इसे मेष संक्रांति कहा जाता है और शुभ दिन लौटेंगे। इसके बाद ही शादियां और मुंडन संस्कार शुरू होंगे। तब तक भक्तों को थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।
Kharmas 2024 Date: खरमास 14 मार्च से शुरू, अगले एक महीने तक इन शुभ-मांगलिक कार्यों पर रहेगी पाबंदी - Kharmas 2024 Date shubh and manglik karya stop for a month malmas significance
खरमास में किन कार्यों की होती है मनाही
जनेऊ संस्कार और मुंडन भी इस महीने टाल दें। नया व्यापार शुरू करने से बचना ही बेहतर होगा। किसी भी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत इस दौरान न करें। शास्त्रों के मुताबिक, इस समय सूर्य का तेज कम होता है। इसलिए इस दौरान किए गए काम सफल नहीं होते।
क्या है खरमास की पौराणिक कथा
घोड़ों को प्यास लगी और वे बहुत व्याकुल थे। सूर्य देव ने उन्हें आराम देने का फैसला किया। उन्होंने रथ में दो खर यानी गधे जोड़ दिए। गधों की चाल घोड़ों के मुकाबले बहुत धीमी थी। इस वजह से सूर्य देव की गति धीमी पड़ गई। इसी धीमी गति वाले महीने को खरमास कहते हैं। मार्च में नहीं होंगे मांगलिक कार्य
खरमास में क्या-क्या करना चाहिए
इस समय तामसिक भोजन और शराब से दूरी बनाए रखना चाहिए। जितना हो सके सादा जीवन व्यतीत करना चाहिए। गरीबों को अन्न और वस्त्र दान करना फलदायी होता है। भगवान विष्णु की पूजा से कष्ट दूर होते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
ये खबरें भी पढ़ें....
खरमास और मलमास में क्या है अंतर, जानिए कब आते हैं ये मास और क्यों हैं खास
भद्रा और चंद्र ग्रहण के साये में होगा होलिका दहन 2026, जानें पूजा का सही मुहूर्त
होली के बाद क्यों मनाया जाता है भाई दूज का पर्व, जानें इसका गहरा धार्मिक महत्व
राधा-कृष्ण के प्रेम का प्रतीक फुलेरा दूज, फूलों की होली से जुड़ी है अनोखी कथा
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari