एमपी के करुणाधाम आश्रम में बनेगा भव्य शिवालय, 4 साल में तैयार होगा 150 फीट ऊंचा शिखर
Kaushiki | Apr 24, 2026, 13:43 IST
karunadham-ashram
भोपाल के करुणाधाम आश्रम में भव्य शिवालय का भूमि पूजन आज होगा। 55 हजार वर्गफीट में धौलपुर पत्थरों से यह मंदिर बनेगा। इसमें आधुनिक सुविधाएं भी होंगी।
Latest Religious News: मध्यप्रदेश भोपाल का प्रसिद्ध करुणाधाम आश्रम आज (24 अप्रैल) एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पल का गवाह बनने जा रहा है। शहर के प्रसिद्ध करुणाधाम आश्रम में भव्य शिवालय का निर्माण कार्य शुरू होगा।
आश्रम में भव्य शिवार्चना केंद्र (शिवालय) के निर्माण के लिए आज विधि-विधान से भूमि पूजन संपन्न होगा। ये विशाल मंदिर लगभग 55 हजार वर्गफीट में फैला होगा। इसे राजस्थान के प्रसिद्ध धौलपुर पत्थरों से प्राचीन भारतीय शैली में तैयार किया जाएगा।
इसमें 150 फीट ऊंचे शिखर और मॉडर्न एमेनिटीज होंगे। जैसे बेसमेंट पार्किंग और लाइब्रेरी के साथ, ये प्रोजेक्ट अगले चार साल में भोपाल के कल्चरल प्राइड को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
मंदिर निर्माण की शुरुआत एक पवित्र अनुष्ठान के साथ की जा रही है। भूमि पूजन समारोह में उज्जैन के प्रकांड विद्वान डॉ. केदारनाथ शुक्ल मौजूद रहेंगे। उनके साथ आश्रम के पीठाधीश्वर सुदेश शांडिल्य महाराज भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
यह पूरा कार्यक्रम पूरी तरह से वैदिक परंपराओं पर आधारित होने वाला है। विद्वानों की मौजूदगी में होने वाले इस पूजन से क्षेत्र में नई ऊर्जा मिलेगी। भक्तों के लिए यह पल किसी उत्सव से कम नहीं होने वाला है।
![Have darshan of Maa Kalratri in Karunadham, Bhopal.]()
इस शिवालय का निर्माण बहुत ही भव्य और विशाल स्तर पर किया जाएगा। ये मंदिर लगभग 55 हजार वर्गफीट के विस्तृत क्षेत्र में फैला होगा। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें धौलपुर के पत्थरों का उपयोग होगा।
राजस्थान के ये प्रसिद्ध पत्थर अपनी मजबूती और खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं। मंदिर को प्राचीन भारतीय स्थापत्य कला की शैली में ही तैयार किया जाएगा।
इस भव्य शिवालय की ऊंचाई सभी को अपनी ओर आकर्षित करने वाली है। मंदिर का शिखर जमीन से 150 फीट की शानदार ऊंचाई तक जाएगा।
इतनी ऊंचाई की वजह से इसे काफी दूर से भी देखा जा सकेगा। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 20 से 22 करोड़ रुपए होगी। पूरे मंदिर को पूरी तरह तैयार होने में लगभग चार साल लगेंगे।
![Special preparation for Basant Panchami in Karunadham Ashram, Bhopal]()
करुणाधाम आश्रम प्रबंधन ने इसे केवल मंदिर तक सीमित नहीं रखा है। यहां श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक स्पिरिचुअल इको-सिस्टम तैयार होगा। मंदिर के नीचे एक बड़ी बेसमेंट पार्किंग की सुविधा भी दी जाएगी।
इससे दर्शन के लिए आने वाले लोगों को पार्किंग की समस्या नहीं होगी। साथ ही परिसर में पर्यावरण का विशेष रूप से ध्यान रखा गया है। यहां सुंदर फाउंटेन, पार्क और घनी हरियाली भी विकसित की जाएगी।
आश्रम में भक्तों के मानसिक सुकून और ज्ञान के लिए विशेष इंतजाम होंगे। यहां आधुनिक पुस्तकालय बनाया जाएगा जहां धार्मिक ग्रंथ उपलब्ध होंगे।
रिसर्च करने वाले छात्रों के लिए यह जगह बहुत उपयोगी होगी। इसके अलावा एकांत साधना के लिए विशेष ध्यान कक्ष बनेंगे। भक्त यहां बैठकर शांतिपूर्वक भगवान शिव की आराधना और ध्यान कर सकेंगे।
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आश्रम में भव्य शिवार्चना केंद्र (शिवालय) के निर्माण के लिए आज विधि-विधान से भूमि पूजन संपन्न होगा। ये विशाल मंदिर लगभग 55 हजार वर्गफीट में फैला होगा। इसे राजस्थान के प्रसिद्ध धौलपुर पत्थरों से प्राचीन भारतीय शैली में तैयार किया जाएगा।
इसमें 150 फीट ऊंचे शिखर और मॉडर्न एमेनिटीज होंगे। जैसे बेसमेंट पार्किंग और लाइब्रेरी के साथ, ये प्रोजेक्ट अगले चार साल में भोपाल के कल्चरल प्राइड को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होगा भूमि पूजन
यह पूरा कार्यक्रम पूरी तरह से वैदिक परंपराओं पर आधारित होने वाला है। विद्वानों की मौजूदगी में होने वाले इस पूजन से क्षेत्र में नई ऊर्जा मिलेगी। भक्तों के लिए यह पल किसी उत्सव से कम नहीं होने वाला है।
Have darshan of Maa Kalratri in Karunadham, Bhopal.
धौलपुर के पत्थरों से निखरेगी प्राचीन शैली
राजस्थान के ये प्रसिद्ध पत्थर अपनी मजबूती और खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं। मंदिर को प्राचीन भारतीय स्थापत्य कला की शैली में ही तैयार किया जाएगा।
इस भव्य शिवालय की ऊंचाई सभी को अपनी ओर आकर्षित करने वाली है। मंदिर का शिखर जमीन से 150 फीट की शानदार ऊंचाई तक जाएगा।
इतनी ऊंचाई की वजह से इसे काफी दूर से भी देखा जा सकेगा। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 20 से 22 करोड़ रुपए होगी। पूरे मंदिर को पूरी तरह तैयार होने में लगभग चार साल लगेंगे।
Special preparation for Basant Panchami in Karunadham Ashram, Bhopal
ज्ञान और साधना का विशेष केंद्र
इससे दर्शन के लिए आने वाले लोगों को पार्किंग की समस्या नहीं होगी। साथ ही परिसर में पर्यावरण का विशेष रूप से ध्यान रखा गया है। यहां सुंदर फाउंटेन, पार्क और घनी हरियाली भी विकसित की जाएगी।
आश्रम में भक्तों के मानसिक सुकून और ज्ञान के लिए विशेष इंतजाम होंगे। यहां आधुनिक पुस्तकालय बनाया जाएगा जहां धार्मिक ग्रंथ उपलब्ध होंगे।
रिसर्च करने वाले छात्रों के लिए यह जगह बहुत उपयोगी होगी। इसके अलावा एकांत साधना के लिए विशेष ध्यान कक्ष बनेंगे। भक्त यहां बैठकर शांतिपूर्वक भगवान शिव की आराधना और ध्यान कर सकेंगे।
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