निर्जला एकादशी पर शनि-शुक्र का नवपंचम राजयोग, जानें क्यों खास है ये योग
Kaushiki | Jun 17, 2026, 16:00 IST
navpancham rajyog 2026
निर्जला एकादशी पर 25 जून 2026 को शनि और शुक्र मिलकर नवपंचम राजयोग बनाएंगे। दोनों ग्रह एक-दूसरे से 120 डिग्री पर होंगे। इससे वृषभ, मिथुन, कन्या और कुंभ राशि वालों को बड़ा लाभ होगा। जानिए देश-दुनिया पर इसका असर और 12 राशियों के महाउपाय।
Navpancham Rajyog 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल हमारे जीवन को पूरी तरह प्रभावित करती है। जब भी दो बड़े ग्रह एक विशेष दूरी पर आते हैं, तो नए योग का निर्माण होता है। इस साल निर्जला एकादशी पर एक ऐसा ही बहुत दुर्लभ और पवित्र संयोग बनने जा रहा है। इस खास दिन आकाशमंडल में नवपंचम राजयोग का निर्माण होगा।
यह अद्भुत राजयोग दो परम मित्र ग्रहों के आपस में मिलने से बनने जा रहा है। ये दो शक्तिशाली ग्रह न्याय के देवता शनि और सुख-वैभव के दाता शुक्र देव हैं।
ज्योतिष विद्वानों के मुताबिक, यह योग इंसानी जीवन में बड़े और सकारात्मक बदलाव लेकर आता है। आइए जानें यह राजयोग आखिर क्या है और क्यों बनता है।
![Navapanchama Rajayoga]()
ज्योतिष शास्त्र में नवपंचम राजयोग को बहुत शुभ और शक्तिशाली माना गया है। यह मूल रूप से दो ग्रहों के बीच का एक त्रिकोणीय संबंध होता है। जब दो ग्रह कुंडली में एक-दूसरे से पांचवें और नौवें भाव में बैठते हैं, तब इस योग का निर्माण होता है।
आसान शब्दों में कहें तो जब इन ग्रहों के बीच ब्रह्मांड में 120 डिग्री का कोण बनता है, तब यह पवित्र योग सक्रिय होता है। इस बार 25 जून 2026 को शनि और शुक्र इसी विशेष स्थिति में नजर आने वाले हैं।
ज्योतिष में शनि और शुक्र आपस में बहुत गहरे और पक्के मित्र माने जाते हैं। इसलिए इस राजयोग का इंसानी जीवन पर बहुत ही अनुकूल, आर्थिक और सकारात्मक असर होने वाला है।
![देवशयनी एकादशी पर 30 साल बाद शनि-शुक्र का महासंयोग, 3 राशियों की खुलेगी किस्मत]()
ज्योतिष विद्वानों के मुताबिक, जब शनि और शुक्र जैसे दो बड़े मित्र ग्रह त्रिकोणीय संबंध बनाते हैं, तो उसका व्यापक असर होता है। इस राजयोग के प्रभाव से देश की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
व्यापारिक बाजार में तेजी आएगी और नए स्टार्टअप को बहुत बड़ी सफलता मिल सकती है। कला, सिनेमा, डिजिटल कंटेंट और मीडिया के क्षेत्र में पूरी दुनिया में एक नई क्रांति आएगी।
देश की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत होगी। इसके प्रभाव से सरकार कुछ बहुत बड़े और कड़े फैसले ले सकती है। शेयर बाजार में अचानक तेजी आने से निवेशकों को बड़ा मुनाफा होने की उम्मीद है।
दुनिया भर में तकनीकी विकास बहुत तेजी से बढ़ेगा और नए आविष्कार सामने आएंगे। आम लोगों के रहन-सहन और सुख-सुविधाओं में भी इस दौरान बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
![Nirjala Ekadashi Fast For Longevity and Prosperity Know date time shubh muhurt and puja vidhi- निर्जला एकादशी व्रत: मान्यता अनुसार दीर्घायु और समृद्धि के लिए इस दिन नहीं पिया जाता ...]()
सनातन धर्म में निर्जला एकादशी को सभी 24 एकादशियों में सबसे कठिन और महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन बिना जल ग्रहण किए (बिना पानी पिए) पूर्ण उपवास रखने का नियम है, इसलिए इसे 'निर्जला' कहते हैं। मान्यता है कि केवल इस एक एकादशी का व्रत रखने से साल भर की सभी एकादशियों का पुण्य फल मिल जाता है।
व्रत के दिन क्या करें:
एकादशी तिथि केइस महासंयोग का असर सभी 12 राशियों के जीवन पर अलग-अलग रूप से पड़ेगा। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, कुछ राशियों को भारी लाभ होगा तो कुछ को थोड़ा संभलकर रहना होगा। राजयोग राशि जानें...
क्या होता है आर्द्रा नक्षत्र, 22 जून को इसी नक्षत्र में आ रहे हैं सूर्य देव
गीता में कृष्ण ने क्यों कहा मैं वृक्षों में पीपल हूं, जानें पीपल पूजा के नियम
इस मंदिर में महिलाएं पीरियड्स में भी करती हैं पूजा, गर्भगृह में पुरुषों का प्रवेश वर्जित
हिंदू धर्म में पूजा करते समय सही आसन पर बैठना क्यों है जरूरी, यहां जानें जरूरी नियम
यह अद्भुत राजयोग दो परम मित्र ग्रहों के आपस में मिलने से बनने जा रहा है। ये दो शक्तिशाली ग्रह न्याय के देवता शनि और सुख-वैभव के दाता शुक्र देव हैं।
ज्योतिष विद्वानों के मुताबिक, यह योग इंसानी जीवन में बड़े और सकारात्मक बदलाव लेकर आता है। आइए जानें यह राजयोग आखिर क्या है और क्यों बनता है।
Navapanchama Rajayoga
कैसे बनता है नवपंचम राजयोग
आसान शब्दों में कहें तो जब इन ग्रहों के बीच ब्रह्मांड में 120 डिग्री का कोण बनता है, तब यह पवित्र योग सक्रिय होता है। इस बार 25 जून 2026 को शनि और शुक्र इसी विशेष स्थिति में नजर आने वाले हैं।
ज्योतिष में शनि और शुक्र आपस में बहुत गहरे और पक्के मित्र माने जाते हैं। इसलिए इस राजयोग का इंसानी जीवन पर बहुत ही अनुकूल, आर्थिक और सकारात्मक असर होने वाला है।
देवशयनी एकादशी पर 30 साल बाद शनि-शुक्र का महासंयोग, 3 राशियों की खुलेगी किस्मत
देश और दुनिया पर क्या असर होगा
व्यापारिक बाजार में तेजी आएगी और नए स्टार्टअप को बहुत बड़ी सफलता मिल सकती है। कला, सिनेमा, डिजिटल कंटेंट और मीडिया के क्षेत्र में पूरी दुनिया में एक नई क्रांति आएगी।
देश की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत होगी। इसके प्रभाव से सरकार कुछ बहुत बड़े और कड़े फैसले ले सकती है। शेयर बाजार में अचानक तेजी आने से निवेशकों को बड़ा मुनाफा होने की उम्मीद है।
दुनिया भर में तकनीकी विकास बहुत तेजी से बढ़ेगा और नए आविष्कार सामने आएंगे। आम लोगों के रहन-सहन और सुख-सुविधाओं में भी इस दौरान बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
Nirjala Ekadashi Fast For Longevity and Prosperity Know date time shubh muhurt and puja vidhi- निर्जला एकादशी व्रत: मान्यता अनुसार दीर्घायु और समृद्धि के लिए इस दिन नहीं पिया जाता ...
निर्जला एकादशी व्रत क्या है
व्रत के दिन क्या करें:
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु की पूजा का संकल्प लें।
- 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का मानसिक जप करें।
- भगवान विष्णु को पीले फूल, पंचामृत और तुलसी दल अर्पित करें।
- इस दिन जल से भरे घड़े (कलश), पंखा, खरबूजा, वस्त्र और छाते का दान करना बेहद शुभ माना जाता है।
- द्वादशी के दिन शुभ मुहूर्त में पारण (व्रत खोलना) करके ही अन्न-जल ग्रहण करें।
सभी 12 राशियों पर इसका लाभ और हानि
मेष राशि (Aries)
आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। हालांकि, आपको अपने गुप्त शत्रुओं से थोड़ा संभलकर रहना होगा। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से विवाद से बचें और अपने गुस्से पर पूरा काबू रखें।वृषभ राशि (Taurus)
आपके करियर में बहुत बड़ा उछाल आने के संकेत साफ दिख रहे हैं। बिजनेस में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। आपको पैतृक संपत्ति से अचानक बड़ा लाभ मिलेगा।मिथुन राशि (Gemini)
आपकी राशि के लिए यह समय आर्थिक मजबूती लेकर आएगा। नौकरी में नए अवसर मिलेंगे। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। सुख-सुविधाओं की चीजों पर धन खर्च होगा।कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि के लोगों को अपनी सेहत का थोड़ा ध्यान रखना होगा। परिवार में किसी बात को लेकर मानसिक तनाव बढ़ सकता है। धन के लेन-देन में सावधानी बरतें।सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि वालों के लिए यह गोचर बंद रास्ते खोलने वाला साबित होगा। अटके हुए काम समय पर पूरे होंगे। व्यापार में नए पार्टनर्स जुड़ेंगे, जिससे बड़ा लाभ होगा।कन्या राशि (Virgo)
आपके कार्यक्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। नई नौकरी की तलाश पूरी होगी। अधिकारी वर्ग आपके काम से खुश रहेंगे। लंबी दूरी की यात्रा सुखद रहेगी।तुला राशि (Libra)
तुला राशि वालों का झुकाव धार्मिक कार्यों की तरफ अधिक बढ़ेगा। भाग्य का आपको पूरा साथ मिलेगा। आर्थिक तंगी दूर होगी और मन बेहद प्रसन्न रहेगा।वृश्चिक राशि (Scorpio)
आपको अपनी वाणी और गुस्से पर बहुत नियंत्रण रखना होगा। अचानक धन खर्च होने से बजट बिगड़ सकता है। वाहन चलाते समय पूरी सावधानी बरतें।धनु राशि (Sagittarius)
जीवनसाथी के साथ रिश्ते बहुत मजबूत और मधुर होंगे। व्यापार में आ रही अड़चनें अब दूर होने लगेंगी। दोस्तों के सहयोग से बड़ा फायदा मिल सकता है।मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि के जातक अपने शत्रुओं पर पूरी तरह विजय प्राप्त करेंगे। नौकरी में आपका प्रभाव बढ़ेगा। कोई पुराना कर्ज उतारने में आप पूरी तरह सफल रहेंगे।कुंभ राशि (Aquarius)
छात्रों के लिए यह समय बहुत ही शानदार रहने वाला है। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिलेगी। संतान पक्ष से कोई अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है।मीन राशि (Pisces)
मकान या जमीन खरीदने के मजबूत योग बन रहे हैं। माता की सेहत में अच्छा सुधार देखने को मिलेगा। सुख-सुविधाओं पर धन खर्च होगा, मन शांत रहेगा।
शुभ फल पाने के लिए करें ये उपाय
- शनि देव की पूजा:
हर शनिवार को शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इससे शनि देव की कृपा बनी रहेगी। - शुक्र देव के मंत्र:
शुक्रवार के दिन "ॐ शुं शुक्राय नमः" मंत्र का 108 बार जप करें। इससे सुख-समृद्धि बढ़ेगी। - हनुमान चालीसा का पाठ:
नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने से कुंडली के सभी दोष शांत होते हैं। - सफेद वस्तुओं का दान:
शुक्रवार को किसी जरूरतमंद को चावल, चीनी या सफेद वस्त्र का दान करना बेहद शुभ होता है। - काली गाय की सेवा:
शनिवार के दिन काली गाय को चारा या बूंदी के लड्डू खिलाने से मानसिक शांति मिलती है। - पक्षियों को दाना डालें:
रोज सुबह पक्षियों को सात अनाज (सप्तधान्य) खिलाएं। इससे जीवन की सभी आर्थिक परेशानियाँ दूर होती हैं।
FAQ
- निर्जला एकादशी पर बनने वाला नवपंचम राजयोग किन दो ग्रहों से बन रहा है?
ज्योतिष विशेषज्ञों के मुताबिक, यह दुर्लभ नवपंचम राजयोग न्याय के देवता शनि देव और सुख-वैभव के दाता शुक्र ग्रह के एक विशेष कोण पर मिलने से बन रहा है। - नवपंचम राजयोग बनने की असली तकनीकी या ज्योतिषीय वजह क्या होती है?
जब कोई भी दो ग्रह गोचर करते हुए एक-दूसरे से पांचवें और नौवें भाव में स्थित होते हैं और उनके बीच ठीक 120 डिग्री का कोण बनता है, तब यह योग बनता है। - इस राजयोग से मुख्य रूप से किन चार राशियों को सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है?
इस राजयोग के शुभ प्रभाव से मुख्य रूप से चार राशियां लाभान्वित होंगी, जिनके नाम वृषभ, मिथुन, कन्या और कुंभ राशि हैं।
क्या होता है आर्द्रा नक्षत्र, 22 जून को इसी नक्षत्र में आ रहे हैं सूर्य देव
गीता में कृष्ण ने क्यों कहा मैं वृक्षों में पीपल हूं, जानें पीपल पूजा के नियम
इस मंदिर में महिलाएं पीरियड्स में भी करती हैं पूजा, गर्भगृह में पुरुषों का प्रवेश वर्जित
हिंदू धर्म में पूजा करते समय सही आसन पर बैठना क्यों है जरूरी, यहां जानें जरूरी नियम
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman