297 साल बाद रक्षाबंधन 2025 में बन रहे ग्रहों के दुर्लभ संयोग, जानें इस बार राखी क्यों है खास?
Kaushiki | Aug 06, 2025, 16:17 IST
Rakshabandhan 2025
इस साल रक्षाबंधन 2025 पर 297 साल बाद ग्रहों का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे यह दिन और भी ज्यादा खास हो गया है। 9 अगस्त को पूरा दिन भद्रा-रहित रहेगा, जिससे बहनें बिना किसी चिंता के दिनभर राखी बांध सकेंगी।
भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन का पावन पर्व इस साल 9 अगस्त शनिवार को मनाया जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक इस बार का रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन के स्नेह तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बेहद खास और दुर्लभ दिन है। इस बार राखी 2025 पर 297 साल बाद ग्रहों का एक ऐसा दुर्लभ संयोग भी बन रहा है जो इसे और भी ज्यादा महत्वपूर्ण बना रहा है।
यह एक ऐसा मौका है जब बहन की प्रार्थना और भाई की सुरक्षा के वचन को ग्रहों और नक्षत्रों का भी पूरा आशीर्वाद मिलेगा। इस दिन राखी बांधने से न सिर्फ रिश्तों में मजबूती आएगी, बल्कि सुख, समृद्धि और सौभाग्य में भी बढ़ोतरी होगी।
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस बार का राखी कई शुभ योगों के साथ आ रहा है। ऐसा दुर्लभ ग्रहों की स्थिति 1728 में बनी थी, यानी पूरे 297 साल बाद यह संयोग फिर से देखने को मिल रहा है। इन योगों के प्रभाव से यह दिन सभी के लिए अत्यंत फलदायी और मंगलकारी रहेगा।
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, ग्रहों की स्थिति ऐसी रहेगी,
ये खबर भी पढ़ें...8 या 9 अगस्त, कब है सावन पूर्णिमा 2025? इस दिन कैसे करें पूजा और व्रत की तैयारी
पंचांग के मुताबिक, राखी 2025 का त्योहार 9 अगस्त शनिवार को मनाया जाएगा। हालांकि सावन महीना की पूर्णिमा तिथि (रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त)8 अगस्त से ही शुरू हो रही है, लेकिन उदया तिथि के मुताबिक 9 अगस्त को ही त्योहार मनाया जाएगा।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
रक्षाबंधन कब है? | sawan | धर्म ज्योतिष न्यूज
यह एक ऐसा मौका है जब बहन की प्रार्थना और भाई की सुरक्षा के वचन को ग्रहों और नक्षत्रों का भी पूरा आशीर्वाद मिलेगा। इस दिन राखी बांधने से न सिर्फ रिश्तों में मजबूती आएगी, बल्कि सुख, समृद्धि और सौभाग्य में भी बढ़ोतरी होगी।
297 साल बाद बन रहा दिव्य शुभ योग
- आयुष्मान योग (Ayushman Yog): यह योग दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इस योग में राखी बांधने से भाई की लंबी उम्र की कामना पूरी होती है।
- सर्वार्थसिद्धि योग (Sarvarthasiddhi Yog): इस योग में किए गए सभी कार्य सफल होते हैं। यह योग भाई के जीवन में हर क्षेत्र में सफलता और तरक्की लाता है।
- सिद्धि योग (Siddhi Yog): यह योग आध्यात्मिक कार्यों और संकल्पों को सिद्ध करने के लिए बहुत प्रभावी होता है। यह योग भाई-बहन के रिश्ते में पवित्रता और विश्वास को और गहरा करता है।
- सौभाग्य योग (Saubhagya Yog): जैसा कि नाम से ही पता चलता है, यह योग सौभाग्य और समृद्धि लाता है। यह भाई के जीवन में सुख-शांति और खुशहाली सुनिश्चित करता है।
- इसके अलावा इस दिन शनैश्चरी पूर्णिमा, मकर राशि का चंद्रमा, श्रवण एवं धनिष्ठा नक्षत्र और प्रीति योग भी बन रहे हैं, जो इस दिन की शुभता को कई गुना बढ़ा रहे हैं।
ग्रहों की स्थिति
- सूर्य (Sun): कर्क राशि में
- चंद्रमा (Moon): मकर राशि में
- मंगल (Mars): कन्या राशि में
- बुध (Mercury): कर्क राशि में
- गुरु (Jupiter) और शुक्र (Venus): मिथुन राशि में
- राहु (Rahu): कुंभ राशि में
- केतु (Ketu): सिंह राशि में
भद्रा का नहीं रहेगा सायाज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, राखी पर सबसे ज्यादा जिस चीज का ध्यान रखा जाता है, वह है भद्रा काल। भद्रा काल में राखी बांधना अशुभ माना जाता है। लेकिन इस साल आपको इसकी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। इस बार भद्रा (रक्षाबंधन भद्रा का साया) का साया राखी से एक दिन पहले, यानी 8 अगस्त की रात में ही समाप्त हो जाएगा। इसका मतलब है कि 9 अगस्त को पूरा दिन भद्रा-रहित रहेगा। इस कारण बहनें बिना किसी मुहूर्त की चिंता किए, पूरे दिन कभी भी अपने भाइयों को राखी बांध सकेंगी। यह एक बहुत बड़ी राहत की बात है, खासकर उन लोगों के लिए जो दूर रहते हैं और जिनके पास समय कम होता है। |
राखी बांधने का सही समय
शुभ मुहूर्त की जानकारी:
- पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: 8 अगस्त, शुक्रवार, दोपहर 2:12 बजे
- पूर्णिमा तिथि का समापन: 9 अगस्त, शनिवार, दोपहर 1:24 बजे
- राखी बांधने का शुभ समय: 9 अगस्त को सुबह से लेकर दोपहर 1:24 बजे तक का पूरा समय राखी बांधने के लिए शुभ रहेगा।
इस दौरान राखी बांधने से भाई-बहन के रिश्ते में और भी ज्यादा मजबूती और सकारात्मकता आएगी।
सिर्फ भाई-बहन नहीं, गुरुओं को भी बांधे रक्षा सूत्र
- राखी का पर्व सिर्फ भाई-बहन के लिए ही नहीं है। भारतीय संस्कृति में इस दिन का और भी गहरा महत्व है।
- इस दिन गुरुओं को भी रक्षा सूत्र बांधा जाता है।
- यह गुरुओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक तरीका है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
रक्षाबंधन कब है? | sawan | धर्म ज्योतिष न्यूज
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari