अब किताबें भी देंगी आपके सवालों के जवाब, Amazon, Google ने लॉन्च किए चैटबॉट फीचर
Manya Jain | Jul 29, 2026, 12:45 IST
ai reading book chat bots tool launch
नई पीढ़ी के AI टूल अब किताब पढ़ते समय सीधे सवाल-जवाब की सुविधा दे रहे हैं। Amazon, Google और कई स्टार्टअप इस रेस में शामिल हैं, लेकिन कॉपीराइट और लेखकों की कमाई पर विवाद गहराया है।
अब किताबें पढ़ते समय पाठक सीधे सवाल पूछ सकते हैं। कई कंपनियों ने AI (Artificial Intelligence – कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित चैटबॉट टूल बनाए हैं। ये टूल किताब के कंटेंट पर आधारित जवाब देते हैं। Amazon, Google और कई स्टार्टअप इस तकनीक पर काम कर रहे हैं। लेकिन कॉपीराइट और लेखकों की कमाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सोचिए, आप किताब पढ़ रहे हैं और किसी किरदार का मकसद समझ नहीं आ रहा। अब आप सीधे किताब से यह सवाल पूछ सकते हैं। सिनाई.एआई (Sinai.ai) नाम की कंपनी इसी आइडिया पर काम कर रही है। कंपनी के सीईओ अहमद कमेल कहते हैं कि किताब को अब एक जीवित चीज़ की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है, और यह अनुभव पहले से बिल्कुल अलग है।
इन टूल में यूज़र्स को ई-बुक या ऑडियोबुक के साथ एक AI चैटबॉट भी मिलता है। किसी किरदार की सोच, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि या किसी विचार को समझना हो, तो बस सवाल पूछना होता है। इसके लिए अलग से रिसर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती।
फ्रांस के स्टार्टअप माय स्मार्ट बुक (My Smart Book) ने अप्रैल के मध्य में ऐसा ही एक टूल लॉन्च किया। सिनाई की तरह इसका चैटबॉट भी सिर्फ किताब के असली टेक्स्ट पर आधारित जवाब देता है। यह बाहरी जानकारी का इस्तेमाल नहीं करता।
Amazon की ऑडियोबुक कंपनी ऑडिबल (Audible) ने पिछले साल पतझड़ में "आस्क अ क्वेश्चन" फीचर लॉन्च किया था। सुनते-सुनते बटन दबाकर सवाल पूछा जा सकता है और जवाब सुनने के बाद कहानी वहीं से आगे बढ़ती है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि यह फीचर खासतौर पर उसी ऑडियोबुक से जुड़े सवालों के जवाब के लिए बनाया गया है।
Amazon के किंडल (Kindle) में भी "आस्क दिस बुक" नाम का एक फीचर है। इसे एक "एक्सपर्ट रीडिंग असिस्टेंट" बताया गया है, जो पढ़ाई का फ्लो बिगाड़े बिना कहानी से जुड़े सवालों के जवाब देता है। AI वॉइस टेक्नोलॉजी में तेजी से उभरती कंपनी इलेवनलैब्स (ElevenLabs) ने भी "इलेवनरीडर वॉइस चैट" नाम का टूल बनाया है। कंपनी का दावा है कि यह किसी भी किताब को दो-तरफा बातचीत में बदल देता है।
अब सवाल यह है कि इस नई तकनीक को बनाने का हक और पैसा किसे मिलेगा। सिनाई.एआई का कहना है कि वह सिर्फ वही किताबें इस्तेमाल करती है जो पब्लिक डोमेन में हैं। बाकी किताबों के लिए लेखक, उनकी एस्टेट या पब्लिशर से पहले इजाज़त ली जाती है।
आईचैटबुक (iChatbook) नाम की एक और कंपनी अलग तरीका अपनाती है। फाउंडर ब्रायन यांग बताते हैं कि उनका चैटबॉट किताबों की लाइब्रेरी नहीं, बल्कि विचारों और तथ्यों की लाइब्रेरी है। यह किताब का असली टेक्स्ट नहीं देता, बल्कि मुख्य विचारों को आसान भाषा में समझाता है। इससे कॉपीराइट की कई दिक्कतें अपने आप टल जाती हैं, और यांग मानते हैं कि यह छात्रों के लिए भी उपयोगी हो सकता है।
लेकिन हर प्लेटफॉर्म इतना सतर्क नहीं है। माय-रीडर (Myreader) जैसे टूल यूज़र्स को कोई भी किताब अपलोड करने देते हैं, चाहे वह कॉपीराइट में हो या नहीं। गूगल का नोटबुकएलएम (NotebookLM), जिसे अब जेमिनी नोटबुक नाम दिया गया है, भी कॉपीराइट की जांच नहीं करता। चैटजीपीटी आधारित टूल बुकवर्म एआई (BookWorm AI) भी इसी तरह काम करता है।
सिनाई.एआई ने "एआई राइट्स" नाम का एक सिस्टम भी बनाया है। इसके तहत जब भी किसी लेखक या पब्लिशर की किताब चैटबॉट में इस्तेमाल होती है, उन्हें भुगतान मिलता है।
हर कोई इस बदलाव से खुश नहीं है। दिसंबर में ऑथर्स गिल्ड (Authors Guild) ने Amazon के "आस्क दिस बुक" टूल की कड़ी आलोचना की थी। गिल्ड ने कहा कि यह टूल बिना लाइसेंस के काम करता है और इससे लेखकों या पब्लिशर्स को कोई नई कमाई नहीं होती। गिल्ड ने यह भी कहा कि इसमें ऑप्ट-इन या ऑप्ट-आउट का कोई विकल्प नहीं है, और यह एक खतरनाक मिसाल कायम करता है।
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किताब से सीधी बातचीत का आइडिया
इन टूल में यूज़र्स को ई-बुक या ऑडियोबुक के साथ एक AI चैटबॉट भी मिलता है। किसी किरदार की सोच, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि या किसी विचार को समझना हो, तो बस सवाल पूछना होता है। इसके लिए अलग से रिसर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती।
कई कंपनियां आईं मैदान में
Amazon की ऑडियोबुक कंपनी ऑडिबल (Audible) ने पिछले साल पतझड़ में "आस्क अ क्वेश्चन" फीचर लॉन्च किया था। सुनते-सुनते बटन दबाकर सवाल पूछा जा सकता है और जवाब सुनने के बाद कहानी वहीं से आगे बढ़ती है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि यह फीचर खासतौर पर उसी ऑडियोबुक से जुड़े सवालों के जवाब के लिए बनाया गया है।
Amazon के किंडल (Kindle) में भी "आस्क दिस बुक" नाम का एक फीचर है। इसे एक "एक्सपर्ट रीडिंग असिस्टेंट" बताया गया है, जो पढ़ाई का फ्लो बिगाड़े बिना कहानी से जुड़े सवालों के जवाब देता है। AI वॉइस टेक्नोलॉजी में तेजी से उभरती कंपनी इलेवनलैब्स (ElevenLabs) ने भी "इलेवनरीडर वॉइस चैट" नाम का टूल बनाया है। कंपनी का दावा है कि यह किसी भी किताब को दो-तरफा बातचीत में बदल देता है।
कॉपीराइट और भुगतान का पेंच
आईचैटबुक (iChatbook) नाम की एक और कंपनी अलग तरीका अपनाती है। फाउंडर ब्रायन यांग बताते हैं कि उनका चैटबॉट किताबों की लाइब्रेरी नहीं, बल्कि विचारों और तथ्यों की लाइब्रेरी है। यह किताब का असली टेक्स्ट नहीं देता, बल्कि मुख्य विचारों को आसान भाषा में समझाता है। इससे कॉपीराइट की कई दिक्कतें अपने आप टल जाती हैं, और यांग मानते हैं कि यह छात्रों के लिए भी उपयोगी हो सकता है।
लेकिन हर प्लेटफॉर्म इतना सतर्क नहीं है। माय-रीडर (Myreader) जैसे टूल यूज़र्स को कोई भी किताब अपलोड करने देते हैं, चाहे वह कॉपीराइट में हो या नहीं। गूगल का नोटबुकएलएम (NotebookLM), जिसे अब जेमिनी नोटबुक नाम दिया गया है, भी कॉपीराइट की जांच नहीं करता। चैटजीपीटी आधारित टूल बुकवर्म एआई (BookWorm AI) भी इसी तरह काम करता है।
सिनाई.एआई ने "एआई राइट्स" नाम का एक सिस्टम भी बनाया है। इसके तहत जब भी किसी लेखक या पब्लिशर की किताब चैटबॉट में इस्तेमाल होती है, उन्हें भुगतान मिलता है।
लेखकों में नाराज़गी
FAQ
- किताब से बात करने वाला AI टूल क्या है?
यह एक चैटबॉट है जो किताब के कंटेंट पर आधारित सवालों के जवाब देता है। पाठक पढ़ते या सुनते समय सीधे सवाल पूछ सकते हैं। यह किरदार, कहानी या पृष्ठभूमि समझने में मदद करता है। - कौन-कौन सी कंपनियां यह फीचर दे रही हैं?
Amazon के Kindle और Audible, Google का Gemini Notebook, ElevenLabs और Sinai.ai जैसी कंपनियां इसमें शामिल हैं। iChatbook और Myreader जैसे स्टार्टअप भी इस दिशा में काम कर रहे हैं। हर कंपनी का तरीका थोड़ा अलग है। - क्या लेखकों को इसका भुगतान मिलता है?
कुछ कंपनियां जैसे Sinai.ai लेखकों और पब्लिशर्स से इजाज़त लेकर भुगतान करती हैं। लेकिन Amazon के "Ask this Book" जैसे टूल पर Authors Guild ने आपत्ति जताई है। गिल्ड का कहना है कि इसमें लेखकों को कोई कमाई नहीं मिलती।
अब खाली नहीं होंगे बैंक खाते, IIT भिलाई का नया AI मॉडल ठगों पर कसेगा शिकंजा
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जिस इंटरनेट को गूगल ने बनाया, अब वही एआई के जाल में क्यों फंस रहा है?
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