CBSE 10th बोर्ड परीक्षा साल में 2 बार, 2026 से लागू होंगे बड़े बदलाव
Anjali Dwivedi | Nov 23, 2025, 21:06 IST
cbse board
CBSE ने 2026 से 10वीं बोर्ड परीक्षा साल में 2 बार लेने का फैसला किया है। इससे छात्रों पर दबाव कम होगा। फाइनल मार्कशीट में सबसे ज्यादा नंबर गिने जाएंगे। डिजिटल मूल्यांकन भी शुरू होगा।
Education news:केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है। एकेडमिक सेशन 2025-26 से यह बदलाव होगा। CBSE 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं में बड़े सुधार किए गए हैं। अब बोर्ड परीक्षा साल में 2 बार आयोजित की जाएगी। यह फैसला छात्रों का दबाव कम करेगा।
यह उनके प्रदर्शन में सुधार का मौका भी देगा। यह निर्णय नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के हिसाब से है। NEP रटने के बजाय समझ पर जोर देती है।
यह बदलाव सिर्फ परीक्षा की संख्या तक सीमित नहीं है। यह इवैल्यूएशन में ट्रांसपेरेंसी भी लाएगा। साथ ही डिजिटलीकरण को भी बढ़ावा देगा। सभी स्टूडेंट्स को यह नई गाइडलाइंस पता होनी चाहिए।
CBSE ने साफ कर दिया है। पहली बोर्ड परीक्षा सबके लिए जरूरी होगी। दूसरी परीक्षा मुख्य रूप से सुधार (Improvement) का मौका होगी। फाइनल मार्कशीट में दोनों प्रयासों के हाईएस्ट स्कोर दर्ज होंगे। इससे रिजल्ट हमेशा बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर बनेगा।
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CBSE की नई गाइडलाइंस आ गई हैं। साल 2026 से 10वीं की बोर्ड परीक्षा 2 बार होगी। पहली बोर्ड परीक्षा देना हर छात्र के लिए जरूरी है। इस पहली परीक्षा में कम से कम 3 विषयों की परीक्षा देनी ही होगी।
अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में शामिल नहीं होता या वह कम से कम तीन विषय पास नहीं करता। तब उसे 10वीं कक्षा में फेल माना जाएगा। इसलिए इस पहली परीक्षा में शामिल होना जरूरी है।
CBSE की दूसरी बोर्ड परीक्षा एक सुधार परीक्षा है। इसमें छात्र अधिकतम तीन विषयों की परीक्षा दे सकेंगे। इसका लक्ष्य छात्रों को उन्हीं विषयों पर ध्यान देना है। जिनमें वे अपने नंबर सुधारना चाहते हैं। 10th Boardकी यह सुधार परीक्षा एक बेहतरीन मौका है। फाइनल मार्कशीट में दोनों परीक्षाओं के हाईएस्ट स्कोर गिने जाएंगे।
परीक्षा में ट्रांसपेरेंसी और एक्यूरेसी जरूरी है। इसके लिए CBSE डिजिटल इवैल्यूएशन की तैयारी कर रहा है। आंसर सीट के हर पन्ने पर एक बार कोड होगा। इससे छात्रों की पहचान सटीक होगी। डिजिटल मूल्यांकन का पायलट प्रोजेक्ट हो चुका है।
आब साल में दो बार CBSE Board Exam होगी। मूल्यांकन भी दो बार होगा। इसलिए CBSE जांच शुल्क बढ़ा सकता है। इस बारे में डिटेल्ड जानकारी बाद में आएगी।
CBSE Board Exam 2026 परीक्षा नियंत्रक ने यह साफ किया है। बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी है। कम अटेंडेंस होने पर परीक्षा नहीं दे पाएंगे। CBSE ने स्कूलों से अपील की है। वे छात्रों और पेरेंट्स को नए नियमों के बारे में बताएं। स्कूलों की जिम्मेदारी है कि वे छात्रों की मदद करें। उन्हें इन बदलावों को अपनाने में सहयोग दें।
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यह उनके प्रदर्शन में सुधार का मौका भी देगा। यह निर्णय नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के हिसाब से है। NEP रटने के बजाय समझ पर जोर देती है।
यह बदलाव सिर्फ परीक्षा की संख्या तक सीमित नहीं है। यह इवैल्यूएशन में ट्रांसपेरेंसी भी लाएगा। साथ ही डिजिटलीकरण को भी बढ़ावा देगा। सभी स्टूडेंट्स को यह नई गाइडलाइंस पता होनी चाहिए।
पहली बोर्ड परीक्षा जरूरी, दूसरी सुधार के लिए
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CBSE बोर्ड की दोनों परीक्षाएं देना जरूरी
अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में शामिल नहीं होता या वह कम से कम तीन विषय पास नहीं करता। तब उसे 10वीं कक्षा में फेल माना जाएगा। इसलिए इस पहली परीक्षा में शामिल होना जरूरी है।
दूसरी परीक्षा सिर्फ सुधार के लिए
डिजिटल इवैल्यूएशन और फीस में ग्रोथ
आब साल में दो बार CBSE Board Exam होगी। मूल्यांकन भी दो बार होगा। इसलिए CBSE जांच शुल्क बढ़ा सकता है। इस बारे में डिटेल्ड जानकारी बाद में आएगी।
अटेंडेंस पर रखें फोकस
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