NCERT बना 'डीम्ड यूनिवर्सिटी, शिक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला

सरकार अब स्कूल छोड़ने वाले बच्चों को रोकने के लिए NIOS और NCERT को मजबूत कर रही है। इससे पढ़ाई आसान होगी और सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों को मदद मिलेगी।

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Manya Jain
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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने भारत की शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाने के लिए नई योजनाएं शुरू की हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि स्कूल की शिक्षा सबके लिए आसान हो।

सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि बच्चे स्कूल ड्रॉप न करें। इसके लिए नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) को और बढ़ाया जाएगा। एनसीईआरटी को भी मजबूत किया जाएगा ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। इससे सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले छात्रों को भी फायदा हो सकता है।

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NIOS ओपन स्कूलिंग: पढ़ाई के साथ कमाई का नया मॉडल 

वर्तमान में, NIOS में लगभग 6 लाख छात्र पंजीकृत हैं, जबकि CBSE के पास 2.5 करोड़ से अधिक छात्र हैं। इस बड़े अंतर को पाटने के लिए सरकार एक विशेष योजना पर काम कर रही है।

  • सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण: जो छात्र आर्थिक तंगी या फेल होने के कारण पढ़ाई छोड़ देते हैं, उन्हें फिर से मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।

  • इंडस्ट्री का सहयोग: ओपन स्कूलिंग सिस्टम (Deemed University) को उद्योगों के साथ जोड़ा जाएगा ताकि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल (Practical Skills) सीख सकें और नौकरी के लिए तैयार हो सकें।

  • NIOS और CBSE का कोआर्डिनेशन : दोनों बोर्ड मिलकर काम करेंगे ताकि स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें ओपन लर्निंग में प्रवेश दिलाया जा सके।

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NCERT बनेगा 'डीम्ड यूनिवर्सिटी' 

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (top education news ) को अब 'डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी' (Deemed to be University) का दर्जा दिया जा रहा है। यह प्रक्रिया अगले दो हफ्तों में पूरी होने की उम्मीद है।

इस बदलाव के फायदे (Benefits of Deemed Status):

  • स्पेशल कोर्सेज: NCERT अब करिकुलम डिजाइनिंग, साइकोमेट्रिक असेसमेंट और शिक्षा-विज्ञान जैसे विशिष्ट विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) और रिसर्च प्रोग्राम शुरू कर पाएगा।

  • ग्लोबल स्टैंडर्ड: टीचिंग स्टैंडर्ड्स को वैश्विक स्तर (Global Parameters) के हिसाब से विकसित किया जाएगा।

  • इनोवेशन: स्कूली शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण (Teacher Education) के क्षेत्र में नए अनुसंधान और नवाचारों को बढ़ावा मिलेगा।

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टीचिंग एजुकेशन में AI का प्रवेश 

  1. परमानेंट फीचर: AI को शिक्षक शिक्षा (Teacher Education) के एक स्थायी हिस्से के रूप में शामिल किया जाएगा।

  2. NCTE का नया मानक: नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) अब AI को पाठ्यक्रम में अनिवार्य (Compulsory) बनाने के लिए नए स्टैंडर्ड तैयार कर रही है। इससे शिक्षक आधुनिक तकनीक के माध्यम से छात्रों को बेहतर ढंग से पढ़ा पाएंगे।

PM श्री स्कूलों का विस्तार 'प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया' (PM Shri Schools) योजना के तहत 13 हजार 700 स्कूलों में सफलता मिलने के बाद, अब सरकार का लक्ष्य देश के 1.27 लाख स्कूलों को इसी मॉडल पर विकसित करना है। इससे पूरे देश में शैक्षिक गुणवत्ता (Educational Quality) और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा।

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