कॉर्पोरेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए बजट 2026 में क्या है खास, यहां जानिए

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में बजट 2026 पेश किया है। इसमें कॉर्पोरेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं। आइए जानते हैं इस बजट में कॉर्पोरेट सेक्टर को क्या-क्या मिला है...

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Kaushiki
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अगर आप एक कॉर्पोरेट प्रोफेशनल हैं, तो बजट 2026-27आपके लिए कई अवसरों का दरवाजा खोलता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (1 फरवरी) संसद में अपना 9वां बजट पेश किया है। वित्त मंत्री ने इस बजट में कॉर्पोरेट सेक्टर और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को मजबूत करने का ऐलान किया है।

इसमें हाई-स्पीड कनेक्टिविटी, स्वदेशी चिप मैन्युफैक्चरिंग और बायो-फार्मा रिसर्च को बढ़ावा देने का ऐलान किया है। साथ ही, नए फ्रेट कॉरिडोर और गारंटी फंड के जरिए प्राइवेट इन्वेस्टर्स के जोखिम को कम किया जाएगा।

टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष फोकस

सरकार अब मेट्रो शहरों से हटकर छोटे शहरों (Tier-2 & Tier-3) के विकास पर ध्यान दे रही है। जिन शहरों की आबादी 5 लाख से ज्यादा है, वहां इंफ्रास्ट्रक्चर को और भी आधुनिक बनाया जाएगा। 'आत्मनिर्भर भारत निधि' में 2 हजार करोड़ का इजाफा किया गया है ताकि छोटे शहरों में भी बुनियादी सुविधाएं विश्वस्तरीय हो सकें।

यूनिवर्सिटी टाउनशिप और शिक्षा का नया मॉडल

वित्त मंत्री ने एक बहुत ही अनोखी यूनिवर्सिटी टाउनशिप योजना का एलान किया है। देश के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब्स के पास 5 ऐसी टाउनशिप बनाई जाएंगी। 

यहां कॉलेज, रिसर्च लैब और रहने की जगह एक ही कैंपस में होगी। इससे कंपनियों को उनके पास ही स्किल्ड युवा मिल जाएंगे और पढ़ाई पूरी होते ही छात्रों को अच्छी नौकरी मिल सकेगी।

कॉरपोरेट मित्र: इंडस्ट्रीज के लिए नई संजीवनी

MSMEs (छोटे उद्योगों) की मदद के लिए सरकार कॉरपोरेट मित्र नाम की एक नई कैडर तैयार करेगी। ICAI और ICSI जैसे संस्थानों की मदद से युवाओं को शॉर्ट-टर्म कोर्स कराए जाएंगे।

ये कॉरपोरेट मित्र छोटे व्यापारियों को कम खर्चे में सरकारी नियमों और कागजी कार्रवाई को पूरा करने में मदद करेंगे। इससे छोटे बिजनेस का बोझ कम होगा और वे तेजी से आगे बढ़ पाएंगे।

कॉर्पोरेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े ऐलान

  • हाईस्पीड रेल कॉरिडोर: 

    मुंबई-पूना, हैदराबाद-बेंगलुरु और वाराणसी-सिलिगुड़ी समेत देश में 7 नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। यह कनेक्टिविटी बिजनेस और ट्रेवल की रफ्तार को कई गुना बढ़ा देगी।

  • रेयर-अर्थ कॉरिडोर: 

    ओडिशा, केरल और आंध्र प्रदेश में रेयर-अर्थ कॉरिडोर बनेंगे। इनका उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स (digital infrastructure) और डिफेंस के लिए जरूरी रेयर  मिनरल्स की सप्लाई सुरक्षित करना है।

  • बायो-फार्मा शक्ति योजना: 

    फार्मा सेक्टर को मजबूती देने के लिए 10 हजार करोड़ का निवेश होगा। इसके तहत रिसर्च के लिए तीन नए नेशनल संस्थान भी खोले जाएंगे।

  • क्लीनिकल रिसर्च साइट्स: 

    साइंटिफिक रिव्यू और दवाइयों के परीक्षण के लिए देशभर में 1000 नई क्लीनिकल साइट्स स्थापित की जाएंगी।

  • सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: 

    भारत अपना ISM 2.0 लॉन्च करेगा। इसका फोकस स्वदेशी चिप डिजाइन और इंडियन आईपी (Intellectual Property) बनाने पर होगा।

  • इलेक्ट्रॉनिक्स बजट में बढ़ोत्तरी: 

    मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स (कॉर्पोरेट इंडिया) के प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए बजट बढ़ाकर 40 हजार करोड़ कर दिया गया है।

  • रेयर अर्थ डेडिकेटेड फैसिलिटी: 

    तमिलनाडु और ओडिशा जैसे राज्यों में इन खास मटेरियल्स के लिए स्पेशल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी तैयार की जाएगी।

  • स्वदेशी सी-प्लेन: 

    देश के तटीय इलाकों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए सी-प्लेन बनाने वाली कंपनियों को सरकार सीधा सपोर्ट और इंसेंटिव देगी।

  • इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड: 

    प्राइवेट डेवलपर्स (corporate) के जोखिम को कम करने के लिए सरकार पार्शियल गारंटी देगी। इससे निजी निवेश (Private Investment) बढ़ेगा।

  • रियल एस्टेट रिसाइक्लिंग: 

    रियल एस्टेट सेक्टर में सस्टेनेबिलिटी लाने के लिए पुरानी बिल्डिंग्स और मटेरियल की रिसाइक्लिंग की नई योजना शुरू होगी।

  • कार्गो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर: 

    पूर्व में दंकुनी से पश्चिम में सूरत तक नया फ्रेट कॉरिडोर बनेगा। यह सीधा पोर्ट्स (Ports) से जुड़कर माल ढुलाई को सस्ता बनाएगा।

  • इलेक्ट्रिक मोबिलिटी: 

    पब्लिक ट्रांसपोर्ट को क्लीन बनाने के लिए देशभर की सड़कों पर 4000 नई ई-बसें (E-Buses) उतारी जाएंगी।

  • फॉरेन असेट्स डिस्क्लोज स्कीम

    विदेशों में कमाई और संपत्ति की घोषणा के लिए 6 महीने की वन-टाइम डिस्क्लोजर स्कीम लाई गई है।

  • क्रेडिट गारंटी: 

    कर्जदारों के वित्तीय जोखिम को कम करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड के जरिए क्रेडिट सपोर्ट दिया जाएगा।

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