Meta Layoffs: मेटा ने शुरू की 8000 पदों पर छंटनी, जानिए क्या है जुकरबर्ग का प्लान
Kaushiki | May 12, 2026, 16:01 IST
Meta Layoffs
मेटा आज 20 मई 2026 को अपने आठ हजार कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने एआई को इसका मुख्य कारण बताया है। निकाले गए कर्मचारियों को 16 हफ्ते की बेसिक सैलरी और हेल्थ इंश्योरेंस जैसे फायदे दिए जाएंगे।
समझें क्या है पूरा मामला
- फेसबुक की कंपनी मेटा आज से (20 मई) आठ हजार कर्मचारियों को निकालने वाली है।
- ये संख्या मेटा के कुल वर्कफोर्स का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा है।
- कंपनी ने खर्च बचाने और एआई में निवेश बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया।
- निकाले गए कर्मचारियों को कंपनी एक अच्छा सेवरेंस पैकेज देने का वादा कर रही है।
- मार्क जुकरबर्ग का मानना है कि अब छोटी टीमें एआई की मदद से ज्यादा काम कर सकती हैं।
मेटा में फिर बड़ी छंटनी की तैयारी
मेटा की चीफ पीपल ऑफिसर जेनेल गेल ने एक इंटरनल मेमो के जरिए ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी अपने फ्रेमवर्क में कुछ बड़े बदलाव कर रही है। इस छंटनी का असर कंपनी के वैश्विक वर्कफोर्स के लगभग 10 प्रतिशत हिस्से पर पड़ेगा।
इस लेऑफ का प्रोसेस आज 20 मई को सिंगापुर हब से शुरू हुआ। यहां सुबह 4 बजे कर्मचारियों को ईमेल मिले। इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट टीमों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। कंपनी अब इंसानी Salary के बजाय सारा पैसा AI infrastructure पर खर्च करेगी। आइए जानें क्या है पूरा मामला....
कर्मचारियों को क्या-क्या मिलेगा
इसके अलावा, कंपनी में बिताए हर साल के बदले दो हफ्ते की अतिरिक्त सैलरी दी जाएगी। अमेरिका के बाहर रहने वाले कर्मचारियों को भी समान फायदे मिलेंगे। मेटा अगले 18 महीनों तक कर्मचारियों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य बीमा का खर्च उठाएगी।
कंपनी नई नौकरी खोजने में भी स्टाफ की मदद करेगी। जिन लोगों को वीजा से जुड़ी सहायता चाहिए, कंपनी उन्हें इमिग्रेशन सपोर्ट भी प्रदान करेगी। प्रभावित लोगों को उनके पर्सनल ईमेल पर जानकारी मिल जाएगी।
क्यों जरूरी हुई ये छंटनी
जुकरबर्ग के मुताबिक, मेटा अब एक एआई-फोकस्ड कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसलिए कंपनी को बहुत बड़ी टीमों की अब जरूरत नहीं है। वे चाहते हैं कि मेटा कम लोगों के साथ ज्यादा कुशल और तेज गति से काम करे। इस छंटनी से बचा हुआ पैसा कंपनी एआई रिसर्च में निवेश करेगी।
क्या एआई पूरी तरह छीन लेगा नौकरियां
मेटा की सीएफओ सुसान ली ने कहा कि कंपनी अभी आइडियल वर्कफोर्स साइज तय कर रही है। एआई के आने से काम के बोझ और समय में बड़ा बदलाव आया है।
कंपनी इस साल एआई पर रिकॉर्ड 125 से 145 अरब डॉलर खर्च करने की योजना बना रही है। इसके लिए कंपनी को अपनी पुरानी स्ट्रक्चर में कटौती करनी पड़ रही है। ये छंटनी किसी संकट का संकेत नहीं बल्कि कंपनी के नए विजन का हिस्सा है। मेटा अब पूरी तरह से एआई और फ्यूचर टेक्नोलॉजी पर दांव लगा रही है।
मेटा क्या है
सरल शब्दों में कहें तो मेटा एक ऐसा डिजिटल ईकोसिस्टम है जो कम्युनिकेशन, एंटरटेनमेंट और बिजनेस को भविष्य की तकनीक से जोड़ता है। सिर्फ चैटिंग और फोटो शेयरिंग ही नहीं, मेटा अब AI और Metaverse पर भी काम कर रही है। कंपनी का बिजनेस मॉडल मुख्य रूप से डिजिटल एडवरटाइजिंग पर टिका है। यहां यह ब्रांड्स को सही ग्राहकों तक पहुंचने में मदद करती है।
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