नवोदय का अनुशासन बना NEET-JEE का मास्टर मॉडल, 74 हजार छात्रों ने JEE और NEET में मारी बाजी
Kaushiki | Apr 22, 2025, 11:12 IST
Navodaya
जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) में अनुशासित दिनचर्या, डिजिटल क्लासरूम और फ्री कोचिंग की मदद से छात्र JEE और NEET जैसी परीक्षाओं में शानदार सफलता पा रहे हैं।
जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) के छात्र लगातार जेईई (JEE) और नीट (NEET) जैसी देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले तीन वर्षों में 74 हजार से अधिक छात्रों का चयन हुआ है, जिनमें से 56 हजार 9 सौ 74 छात्र केवल NEET में सफल हुए।
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बता दें कि, यहां दाखिला लेना आसान नहीं है। इसके लिए छात्र को कठिन प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) पास करनी होती है। इसके बाद उनका पूरा दिन सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक एक सख्त रूटीन के मुताबिक चलता है। शैक्षणिक के साथ-साथ खेलकूद, कला और व्यक्तित्व विकास पर भी खास ध्यान दिया जाता है।
विद्यालय की सबसे बड़ी खासियत इसका डिजिटल क्लासरूम सिस्टम (Digital Classroom System) है। इसमें
JNV की यह सफलता महंगी कोचिंग संस्थाओं पर निर्भर न होकर, सख्त अनुशासन, निःशुल्क सुविधा और विशेष प्रशिक्षण केंद्रों की वजह से संभव हुई है। छात्रों को देशभर के 20 से अधिक कोचिंग केंद्रों में भेजा जाता है, जिनमें विशेष रूप से दक्षणा वैली पुणे, दक्षणा बेंगलुरु और दक्षणा पुणे मेन हैं।
वहीं, जो छात्र दिन में पिछड़ जाते हैं, उनके लिए शाम 6:30 से 7:40 बजे तक सुपर क्लासेस (Super Classes) चलाई जाती हैं। ‘सदन प्रणाली (House System)’ के तहत प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जाता है। शिक्षक उनके मानसिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास पर फोकस करते हैं। छात्रावास में छात्रों को घर जैसा माहौल देने की कोशिश की जाती है। शिक्षक उनके मार्गदर्शक और अभिभावक की भूमिका निभाते हैं।
10वीं और 12वीं के बाद मेधावी छात्रों को देशभर के नवोदय एक्सीलेंस सेंटर में भेजा जाता है, जहां जेईई और नीट के लिए विशेष कोचिंग मिलती है। यहां छात्रों को कड़ी निगरानी और मार्गदर्शन में रखा जाता है, जिससे वे परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हैं।
साल-दर-साल जेईई और नीट चयन के आंकड़े
वर्ष JEE (Advanced + Main) NEET
2022 1083 + 4352 = 5435 19813
2023 1228 + 4726 = 5954 17809
2024 1010 + 4296 = 5306 19352
2024 में दक्षणा वैली और JNV बेंगलुरु से 530 छात्रों का चयन हुआ, जिनमें से 347 ने IIT और 109 ने NIT में प्रवेश पाया।
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डिसिप्लिन रूटीन
पूरी तरह डिजिटल क्लासरूम
- हाई-स्पीड इंटरनेट
- स्मार्ट बोर्ड
- ऑडियो-विजुअल सामग्री
- विषय विशेषज्ञ शिक्षक
- इनके जरिए विषयों को गहराई से समझाया जाता है। इससे छात्र बेहतर तरीके से सीखते और आत्मविश्वासी बनते हैं।
सुपर क्लासेस और हाउस सिस्टम
वहीं, जो छात्र दिन में पिछड़ जाते हैं, उनके लिए शाम 6:30 से 7:40 बजे तक सुपर क्लासेस (Super Classes) चलाई जाती हैं। ‘सदन प्रणाली (House System)’ के तहत प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जाता है। शिक्षक उनके मानसिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास पर फोकस करते हैं। छात्रावास में छात्रों को घर जैसा माहौल देने की कोशिश की जाती है। शिक्षक उनके मार्गदर्शक और अभिभावक की भूमिका निभाते हैं।
विशेष ट्रेनिंग
साल-दर-साल जेईई और नीट चयन के आंकड़े
वर्ष JEE (Advanced + Main) NEET
2022 1083 + 4352 = 5435 19813
2023 1228 + 4726 = 5954 17809
2024 1010 + 4296 = 5306 19352
2024 में दक्षणा वैली और JNV बेंगलुरु से 530 छात्रों का चयन हुआ, जिनमें से 347 ने IIT और 109 ने NIT में प्रवेश पाया।
क्या बनाता है नवोदय को खास
- सख्त अनुशासन: सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक निश्चित दिनचर्या
- निःशुल्क सुविधा: हॉस्टल, भोजन, कोचिंग सब फ्री
- फोकस्ड गाइडेंस: जेईई-नीट के लिए विशेष प्रशिक्षण
- प्रतिस्पर्धी माहौल: डेली अभ्यास और साप्ताहिक टेस्ट
- सामाजिक समावेशिता: रूरल बैकग्राउंड के छात्रों को समान अवसर
- JNV का यह मॉडल यह सर्टिफाइड करता है कि सरकारी स्कूलों से भी देश के सर्वश्रेष्ठ मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में पहुंचा जा सकता है।
- जरूरत सिर्फ सही रणनीति, सिस्टमेटिक गाइडेंस और अनुशासन की है।
JNV क्या है
जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) भारत सरकार के तहत चलाए जा रहे रेजिडेंशियल स्कूल हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों के टैलेंटेड छात्रों को निःशुल्क क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करते हैं। यहां छठी कक्षा में प्रवेश के लिए एक चयन परीक्षा (JNVST) होती है। छात्र-छात्राओं को हॉस्टल, भोजन, किताबें और शिक्षा सब कुछ मुफ्त दिया जाता है। पढ़ाई पूरी तरह अनुशासित माहौल में होती है, जहां डिजिटल क्लासरूम, अनुभवी शिक्षक और पर्सनल गाइडेंस उपलब्ध होता है। रोज का टाइम टेबल तय होता है—सुबह से रात तक पढ़ाई, खेल और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जाता है। यहां से कई छात्र JEE/NEET में भी सफल होते हैं। यहां
- रोज का काटाइम बाउंड रूटीन: सुबह 5 बजे से लेकर रात 10 बजे तक का हर घंटा तय होता है – प्रार्थना, पढ़ाई, खेल, स्वाध्याय और रिवीजन तक।
- शारीरिक और मानसिक विकास: खेल-कूद, योग और समूह गतिविधियों को समय का हिस्सा बनाया गया है।
- मोबाइल और बाहरी ध्यान भटकाव से दूर रखा जाता है, जिससे छात्रों की फोकस क्षमता बेहतर होती है।
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