बॉक्स ऑफिस पर कमाए सिर्फ 20 लाख, अब नेटफ्लिक्स पर टॉप ट्रेंड में Nukkad Natak
Kaushiki | Apr 25, 2026, 13:53 IST
Nukkad Natak
नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई नुक्कड़ नाटक गरीबी और दोस्ती की दिल छू लेने वाली कहानी है। थियेटर में फ्लॉप होने के बाद अब यह ओटीटी पर काफी पसंद की जा रही है।
Nukkad Natak: अक्सर बड़े बजट की फिल्मों के बीच छोटी फिल्में दब जाती हैं। लेकिन Nukkad Natak जैसी फिल्में साबित करती हैं कि जज्बा हो तो रास्ता मिल ही जाता है।
24 अप्रैल को Netflix पर एक बहुत ही खूबसूरत फिल्म रिलीज हुई है। इस फिल्म का नाम नुक्कड़ नाटक है। ये फिल्म गरीबी और पढ़ाई जैसे गंभीर मुद्दों पर बेस्ड है।
थियेटर्स में इस फिल्म ने सिर्फ 20 लाख रुपए कमाए थे। लेकिन अब ये फिल्म ओटीटी पर लोगों का दिल जीत रही है। इसकी सादगी और सच्ची कहानी ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
फिल्म का प्लॉट दो दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमता है। इनके नाम मौलश्री और शिवांग हैं। शिवांग को फिल्म में Gay दिखाया गया है। कॉलेज में शिवांग की काफी रैगिंग होती है।
तब मौलश्री निडर होकर उसे बचाने आती है। यहीं से दोनों की गहरी दोस्ती शुरू होती है। मौलश्री अपनी बातों को बेबाकी से रखती है। वे नुक्कड़ नाटक टीम की लीडर है। वहीं शिवांग अंदर से काफी डरा हुआ रहता है।
मौलश्री और शिवांग एक-दूसरे से बिल्कुल अलग (Netflix India) हैं। शिवांग अपने पिता से बहुत डरता है। उसे अपनी पहचान बताने में डर लगता है। मौलश्री उसे खुद को अपनाने में मदद करती है।
वह शिवांग को अपनी टीम में शामिल करती है। नुक्कड़ नाटक करते हुए शिवांग को खुशी मिलती है। दोनों मिलकर एक गरीब की मदद करना चाहते हैं। इसके लिए वे कैंटीन से सामान चोरी करते हैं। यहीं से कहानी में एक बड़ा मोड़ आता है।
ये Bollywoodफिल्म एलजीबीटीक्यू (LGBTQ) समुदाय के स्ट्रगल पर बात करती है। फिल्म दिखाती है कि एक सच्चा दोस्त क्या कर सकता है। मौलश्री और शिवांग की दोस्ती आपको जरूर रुलाएगी। इसका क्लाइमेक्स सीन बहुत ज्यादा इमोशनल करने वाला है।
![Nukkad Natak review: Indie film on activism has the intent but lacks consistency - India Today]()
फिल्म को तन्मय शेखर ने डायरेक्ट किया है। मौलश्री ने इसमें अपना ही किरदार निभाया है। शिवांग राजपाल ने भी बेहतरीन एक्टिंग की है। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 6.4 है।
इसे केवल 3-4 लोकेशन पर शूट किया गया है। यह साबित करता है कि बजट छोटा हो सकता है। पर फिल्म की सोच बहुत बड़ी होनी चाहिए। इस वीकेंड यह फिल्म देखना एक अच्छा अनुभव होगा।
सिनेमाघरों में ये फिल्म बहुत सीमित रिलीज हुई थी। ये देशभर में सिर्फ 15 स्क्रीन्स पर लगी थी। वहां इस फिल्म ने सिर्फ 20 लाख कमाए थे। फिल्म को प्रमोट करने में इम्तियाज अली आगे आए।
उन्होंने टीम का काफी हौसला बढ़ाया था। मौलश्री एक इंडिपेंडेंट फिल्ममेकर हैं। उन्होंने ये फिल्म बनाने में चार साल लगाए। हताश होकर वे मुंबई छोड़कर जा रही थीं। तब इम्तियाज अली ने उन्हें नई प्रेरणा (Filmmaker) दी।
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24 अप्रैल को Netflix पर एक बहुत ही खूबसूरत फिल्म रिलीज हुई है। इस फिल्म का नाम नुक्कड़ नाटक है। ये फिल्म गरीबी और पढ़ाई जैसे गंभीर मुद्दों पर बेस्ड है।
थियेटर्स में इस फिल्म ने सिर्फ 20 लाख रुपए कमाए थे। लेकिन अब ये फिल्म ओटीटी पर लोगों का दिल जीत रही है। इसकी सादगी और सच्ची कहानी ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
कैसी है फिल्म की स्टोरी
तब मौलश्री निडर होकर उसे बचाने आती है। यहीं से दोनों की गहरी दोस्ती शुरू होती है। मौलश्री अपनी बातों को बेबाकी से रखती है। वे नुक्कड़ नाटक टीम की लीडर है। वहीं शिवांग अंदर से काफी डरा हुआ रहता है।
दो अलग दुनिया का मिलन
वह शिवांग को अपनी टीम में शामिल करती है। नुक्कड़ नाटक करते हुए शिवांग को खुशी मिलती है। दोनों मिलकर एक गरीब की मदद करना चाहते हैं। इसके लिए वे कैंटीन से सामान चोरी करते हैं। यहीं से कहानी में एक बड़ा मोड़ आता है।
ये Bollywoodफिल्म एलजीबीटीक्यू (LGBTQ) समुदाय के स्ट्रगल पर बात करती है। फिल्म दिखाती है कि एक सच्चा दोस्त क्या कर सकता है। मौलश्री और शिवांग की दोस्ती आपको जरूर रुलाएगी। इसका क्लाइमेक्स सीन बहुत ज्यादा इमोशनल करने वाला है।
Nukkad Natak review: Indie film on activism has the intent but lacks consistency - India Today
कास्ट और डायरेक्शन की तारीफ
इसे केवल 3-4 लोकेशन पर शूट किया गया है। यह साबित करता है कि बजट छोटा हो सकता है। पर फिल्म की सोच बहुत बड़ी होनी चाहिए। इस वीकेंड यह फिल्म देखना एक अच्छा अनुभव होगा।
सिनेमाघरों में ये फिल्म बहुत सीमित रिलीज हुई थी। ये देशभर में सिर्फ 15 स्क्रीन्स पर लगी थी। वहां इस फिल्म ने सिर्फ 20 लाख कमाए थे। फिल्म को प्रमोट करने में इम्तियाज अली आगे आए।
उन्होंने टीम का काफी हौसला बढ़ाया था। मौलश्री एक इंडिपेंडेंट फिल्ममेकर हैं। उन्होंने ये फिल्म बनाने में चार साल लगाए। हताश होकर वे मुंबई छोड़कर जा रही थीं। तब इम्तियाज अली ने उन्हें नई प्रेरणा (Filmmaker) दी।
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