स्काई फोर्स रिव्यू: अक्षय कुमार और वीर पहाड़िया की परफेक्ट जोड़ी, एक इमोशनल युद्ध की कहानी
thesootr Desk | Jan 24, 2025, 14:18 IST
sky force review
‘स्काई फोर्स’ एक दिल छूने वाली युद्ध फिल्म है, जो वीरता, मानवता और सैनिकों के संघर्ष को खूबसूरती से दिखाती है। अक्षय कुमार और वीर पहाड़िया की शानदार एक्टिंग और बेहतरीन एक्शन सीक्वेंस इसे एक देखने लायक फिल्म बनाते हैं।
‘स्काई फोर्स’ एक दिल छूने वाली युद्ध ड्रामा फिल्म है, जो 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित है। फिल्म में एक युवा भारतीय वायुसेना अधिकारी की वीरता दिखाई जाती है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद पाकिस्तान की सेना को हरा देता है।
ये फिल्म युद्ध की कहानी नहीं बल्कि सैनिकों की मानवता, सम्मान और बलिदान की कहानी है। अलग-अलग युद्ध फिल्मों की तरह ये फिल्म पाकिस्तान को खलनायक बनाने की कोशिश नहीं करती।
इसके बजाय ये दोनों देशों के वायुसेना अधिकारियों के बीच के मानवीय संबंधों को उभारती है। ये फ्लैशबैक में जाते हुए दिखाती है कि, कैसे भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी ने अपने साहस से पाकिस्तान के एयरबेस पर हमला कर नया इतिहास लिखा।
इस फिल्म में अक्षय कुमार ने अपने किरदार में दमदार अभिनय किया है। हालांकि फिल्म में उनकी भूमिका से ज्यादा अहमियत वीर पहाड़िया की है। वीर की परफॉर्मेंस इतनी सहज और शानदार है कि, वो अक्षय के साथ बेहतरीन तालमेल बनाते हैं।
वीर का अभिनय बेमानी आत्मविश्वास या गुरूर से दूर, एक जमीन से जुड़े युवा अधिकारी के रूप में नजर आता है, जो फिल्म में दर्शकों को आकर्षित करता है
‘स्काई फोर्स’ के निर्देशक संदीप केवलानी और अभिषेक अनिल कपूर ने फिल्म को बहुत ही शानदार तरीके से पेश किया है। उन्होंने युद्ध के साथ-साथ व्यक्तित्व के मानसिक और भावनात्मक संघर्षों को भी अच्छे से उकेरा है।
फिल्म की शुरुआत 1971 के युद्ध से होती है। फिर फ्लैशबैक में 1965 के युद्ध की वीरता को दर्शाया जाता है। ये फिल्म न केवल साहस को दिखाती है, बल्कि ये भी दिखाती है कि युद्ध के दौरान सैनिकों के बीच किस तरह के रिश्ते बनते हैं।
‘स्काई फोर्स’ की एक्शन सीक्वेंस शानदार हैं। फिल्म के हवाई युद्ध दृश्यों ने वाकई शानदार प्रभाव छोड़ा है। हालांकि ये ज्यादा फिल्मी नहीं हैं, बल्कि रियलिस्टिक हैं। स्पेशल इफेक्ट्स भी सही जगहों पर यूज किए गए हैं और फिल्म की जरूरतों के हिसाब से ये दृश्य हैं।
फिल्म का संगीत भी अच्छा है। मनोज मुंतशिर का गाना 'माई' एक भावुक ट्रैक है, जिसे बी प्राक ने गाया है। ये गीत दर्शकों के दिलों को छूने में सफल होता है और फिल्म की भावनाओं को पूरी तरह से व्यक्त करता है।
अक्षय कुमार हमेशा अपनी विविधता के लिए जाने जाते हैं। ‘स्काई फोर्स’ में भी उनका अभिनय एक बार फिर शानदार साबित होता है। हालांकि अक्षय का करियर पहले की तरह मजबूती से चल नहीं रहा है, लेकिन इस फिल्म में उनका किरदार दर्शकों को फिर से सिनेमाघरों में खींचने में सक्षम हो सकता है। ये फिल्म अक्षय के करियर में एक नई शुरुआत हो सकती है।
ये फिल्म युद्ध की कहानी नहीं बल्कि सैनिकों की मानवता, सम्मान और बलिदान की कहानी है। अलग-अलग युद्ध फिल्मों की तरह ये फिल्म पाकिस्तान को खलनायक बनाने की कोशिश नहीं करती।
इसके बजाय ये दोनों देशों के वायुसेना अधिकारियों के बीच के मानवीय संबंधों को उभारती है। ये फ्लैशबैक में जाते हुए दिखाती है कि, कैसे भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी ने अपने साहस से पाकिस्तान के एयरबेस पर हमला कर नया इतिहास लिखा।
अक्षय कुमार और वीर पहाड़िया की जोड़ी:
वीर का अभिनय बेमानी आत्मविश्वास या गुरूर से दूर, एक जमीन से जुड़े युवा अधिकारी के रूप में नजर आता है, जो फिल्म में दर्शकों को आकर्षित करता है
निर्देशन और कहानी:
फिल्म की शुरुआत 1971 के युद्ध से होती है। फिर फ्लैशबैक में 1965 के युद्ध की वीरता को दर्शाया जाता है। ये फिल्म न केवल साहस को दिखाती है, बल्कि ये भी दिखाती है कि युद्ध के दौरान सैनिकों के बीच किस तरह के रिश्ते बनते हैं।
एक्शन और संगीत:
फिल्म का संगीत भी अच्छा है। मनोज मुंतशिर का गाना 'माई' एक भावुक ट्रैक है, जिसे बी प्राक ने गाया है। ये गीत दर्शकों के दिलों को छूने में सफल होता है और फिल्म की भावनाओं को पूरी तरह से व्यक्त करता है।
अक्षय कुमार का अभिनय:
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman