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भारतीय डाक विभाग दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है। हर साल हजारों युवा इसमें शामिल होना चाहते हैं। जीडीएस भर्ती 2026 को लेकर कई युवाओं ने तैयारी कर ली होगी। सबसे बड़ा सवाल सैलरी को लेकर होता है। जीडीएस की सैलरी टीआरसीए सिस्टम पर आधारित है। इसमें अलग-अलग पद और कार्यभार होते हैं। बीपीएम का शुरुआती सैलरी अधिक होता है। एबीपीएम और डाक सेवक का सैलरी कम है। सैलरी के साथ महंगाई भत्ता भी मिलता है। साइकिल और स्टेशनरी के लिए अलग पैसे मिलते हैं। हर साल सैलरी में कुछ बढ़ोतरी होती है। 5 साल बाद सैलरी काफी बढ़ जाता है। यह नौकरी ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बेहतरीन है।
इंडिया पोस्ट जीडीएस सैलरी स्ट्रक्चर
ग्रामीण डाक सेवकों का सैलरी अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह 'पे स्केल' पर आधारित न होकर समय संबंधी निरंतरता भत्ता (Time Related Continuity Allowance - TRCA) पर आधारित होता है। 2026 में, चयनित उम्मीदवारों को उनके कार्य घंटों (4 से 5 घंटे) के आधार पर भुगतान किया जाएगा।
| पद का नाम (Post Name) | न्यूनतम कार्य घंटे | मासिक सैलरी (TRCA) |
| शाखा पोस्टमास्टर (BPM) | 4 घंटे | 12 हजार रुपए |
| सहायक शाखा पोस्टमास्टर (ABPM) | 4 घंटे | 10 हजार रुपए |
| डाक सेवक (Dak Sevak) | 4 घंटे | 10 हजार रुपए |
बीपीएम के लिए सैलरी
शाखा पोस्टमास्टर (BPM) की जिम्मेदारी ग्रामीण केंद्रों के प्रबंधन की होती है, इसलिए उनका सैलरी थोड़ा अधिक होता है। नीचे दिए गए चार्ट में वर्किंग हॉर्स के अनुसार सैलरी से समझाया गया है।
| वर्किंग हॉर्स (Working Hours) | मूल सैलरी (Basic TRCA) | डीए (DA - अनुमानित) | सकल सैलरी (Gross Salary) | वार्षिक वृद्धि (Increment) |
| 3 घंटे तक | 2 हजार रुपए | 3 हजार 261 रुपए | 6 हजार रुपए | 50 रुपए |
| 3.5 घंटे तक | 3 हजार 200 रुपए | 3 हजार 808 रुपए | 7 हजार रुपए | 60 रुपए |
| 4 घंटे तक | 3 हजार 660 रुपए | 4 हजार 355 रुपए | 8 हजार रुपए | 70 रुपए |
| 5 घंटे तक | 4 हजार 575 रुपए | 5 हजार 444 रुपए | 10 हजार रुपए | 85 रुपए |
नोट: उपरोक्त डेटा में पीटीएक्स (PTX) और ईडीजीआईएस (EDGIS) जैसे मामूली कटौतियां भी शामिल होती हैं।
जीडीएस डीए और अन्य लाभ
भारतीय डाक विभाग में सैलरी के साथ कई फायदे मिलते हैं।
महंगाई भत्ता (DA): महंगाई के हिसाब से यह पैसा बढ़ता रहता है।
मकान किराया (HRA): दूर रहने वाले कर्मचारियों को किराया भत्ता मिलता है।
टीआरसीए (TRCA): काम के घंटों के आधार पर भत्ता बढ़ता है।
ग्रेच्युटी: नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट पर एकमुश्त पैसा मिलेगा।
साइकिल भत्ता: डाक बांटने वालों को साइकिल के लिए पैसे मिलते हैं।
अन्य लाभ: स्टेशनरी और मोबाइल के लिए भी पैसे मिलते हैं।
जीडीएस का 5 साल बाद का सैलरी
जीडीएस को हर साल 3% वेतन वृद्धि मिलती है। सालाना इंक्रीमेंट से वेतन धीरे-धीरे बढ़ता है। साल में दो बार डीए भी बढ़ाया जाता है। महंगाई भत्ता बढ़ने से जेब में ज्यादा पैसे आएंगे। 5 साल की नौकरी के बाद अच्छी बढ़त होगी। साल 2031 तक कुल सैलरी काफी बढ़ जाएगी। बीपीएम और एबीपीएम 18 हजार तक पा सकेंगे। सैलरी 16 हजार से 18 हजार के बीच होगी। यह सब सरकारी नीतियों और काम पर निर्भर है। प्रदर्शन अच्छा होने पर बेहतर भविष्य की उम्मीद है।
ग्रामीण डाक सेवक की जिम्मेदारियां
सैलरी के साथ-साथ कार्य प्रकृति को समझना भी आवश्यक है:
1. BPM (ब्रांच पोस्टमास्टर)
यह पोस्ट ऑफिस का इंचार्ज यानी मैनेजर होता है। वह ऑफिस के सभी जरूरी दस्तावेज संभालता है। वह ग्राहकों को सरकारी स्कीमों के बारे में बताता है। ऑफिस के सभी लेन-देन की जिम्मेदारी इसी की होती है।
2. ABPM (असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर)
यह डाक टिकट और लिफाफे बेचने का काम करता है। जरूरत पड़ने पर यह लोगों तक डाक भी पहुंचाता है। यह काम में बीपीएम (BPM) की पूरी मदद करता है। यह पोस्ट ऑफिस के छोटे-मोटे ऑफिस वर्क देखता है।
3. डाक सेवक (Dak Sevak)
इसका मुख्य काम डाक को इकट्ठा करना है। यह चिट्ठियों को पते के अनुसार छांटने का काम करता है। यह घर-घर जाकर चिट्ठियां और पार्सल बांटता है। यह फील्ड में रहकर डाक वितरण का काम संभालता है।
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