दिल्ली के बदले गुजरात-हरियाणा-गोवा में हिस्सेदारी, पंजाब में 50-50... क्या AAP की शर्तों पर राजी होगी कांग्रेस?
Chakresh | Jan 09, 2024, 24:00 IST
दिल्ली के बदले गुजरात-हरियाणा-गोवा में हिस्सेदारी, पंजाब में 50-50... क्या AAP की शर्तों पर राजी होगी कांग्रेस?
सोमवार को कांग्रेस ( CONGRESS) और आम आदमी पार्टी ( AAP ) ने अपने विधायक और सांसदों की संख्या के हिसाब से हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव रखा। इस बीच, AAP ने गुजरात, हरियाणा और गोवा में भी दावेदारी कर दी
DELHI. विपक्षी गठबंधन इंडिया (INDIA) में सीट शेयरिंग पर आम सहमति का फॉर्मूला निकालने की कवायद शुरू हो गई है। सोमवार को कांग्रेस ( CONGRESS) और आम आदमी पार्टी ( AAP ) ने अपने विधायक और सांसदों की संख्या के हिसाब से हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव रखा। इस बीच, AAP ने गुजरात, हरियाणा और गोवा में भी दावेदारी कर दी और कांग्रेस से इन तीनों राज्यों में सीटें छोड़ने की मांग रख दी। फिलहाल, इस बातचीत में अभी कोई फॉर्मूला नहीं निकल सका है, लेकिन दूसरे दौर की बैठक करने पर सहमति जताई गई है। यानि दोनों दलों के नेता एक फिर बातचीत करेंगे और पांचों राज्यों का फॉर्मूला फाइनल करेंगे।
सोमवार को हुई इस बैठक में कांग्रेस की नेशनल अलायंस कमेटी के प्रमुख मुकुल वासनिक और अशोक गहलोत समेत सीट बंटवारे कमेटी के सदस्य भी शामिल हुए। AAP का प्रतिनिधित्व राज्यसभा सांसद संदीप पाठक, राज्यसभा उम्मीदवार और दिल्ली कैबिनेट मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने किया। हालांकि बैठक में मौजूद नेताओं ने मीडिया के साथ कोई विवरण साझा नहीं किया, लेकिन सूत्रों ने बताया जा रहा है कि AAP ने दिल्ली में कांग्रेस को तीन लोकसभा सीटें देने का प्रस्ताव दिया है। बता दें कि दिल्ली में कुल सात लोकसभा सीटें हैं। 2019 के चुनाव लोकसभा चुनाव में BJP ने सातों सीटों पर जीत हासिल की थी। बीजेपी ने 2019 में 56% वोट हासिल किए थे। कांग्रेस को 22 फीसदी और AAP को 18 फीसदी वोट मिले थे। उल्लेखनीय है कि सातों लोकसभा सीटों में से किसी में भी कांग्रेस और AAP उम्मीदवारों का संयुक्त वोट शेयर बीजेपी उम्मीदवारों से ज्यादा नहीं था।
हाल ही में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी AAP चुनावी मैदान में उतरी थी। हालांकि, इन राज्यों में AAP कोई सीट नहीं जीत सकी। इसी के चलते लोकसभा ( PARLIAMENT ELECTION 2024) चुनाव में AAP यहां किसी तरह की दावेदारी नहीं कर रही है, लेकिन इसके उलट हरियाणा में AAP बडे़ पैमाने पर विधानसभा ( HARYANA VIDHAN SABHA ELECTION) चुनाव की तैयारी कर रही है और पंजाब से सटा राज्य होने के चलते लोकसभा चुनाव में तीन सीटों पर उसने दावेदारी कर दी है।
इधर सूत्र बता रहे हैं कि AAP ने पंजाब में कांग्रेस को 6 सीटों का ऑफर दिया है। बता दें कि पंजाब में कुल 13 लोकसभा सीटें हैं। यानि पंजाब और दिल्ली में AAP लगभग 50- 50 के फॉर्मूले पर राजी है। बताया जा रहा है कि AAP ने कांग्रेस से GUJARAT में एक, हरियाणा में तीन और GOA में एक सीट दिए जाने का प्रस्ताव रखा है। गुजरात में कुल 26 सीटें हैं। पिछले चुनाव में बीजेपी ने सभी सीटों पर जीत हासिल की थी। इधर दो दिन पहले ही AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुजरात की भरूच लोकसभा सीट से चैतर वसावा की उम्मीदवारी का ऐलान किया है।
बता दें कि हरियाणा में कुल 10 लोकसभा सीटें हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में BJP ने यहां भी सभी सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं, गोवा में लोकसभा की कुल दो सीटें हैं। इधर 2019 में एक पर बीजेपी और एक सीट पर कांग्रेस ने चुनाव जीता था। फिलहाल, सीटों को अंतिम रूप देने के लिए INDIA ALLIANCE की दोनों पार्टियां एक बार फिर से बातचीत करेंगी। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या कांग्रेस इस फॉर्मूले पर सहमत होगी? अब तक गुजरात, हरियाणा, गोवा, पंजाब और दिल्ली में कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ती आई है। इन पांचों राज्यों में कांग्रेस ने पिछला चुनाव अकेले ही लड़ा। हालांकि, इस बार INDIA ALLIANCE में AAP के शामिल होने के बाद यह माना जा रहा था कि दोनों पार्टियों में दिल्ली और पंजाब में सीट बंटवारे पर बात होगी, लेकिन, AAP ने कांग्रेस के प्रभाव वाले हरियाणा, गुजरात और गोवा में भी अपनी दावेदारी कर कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व को फिर से मंथन करने पर मजबूर कर दिया है।
दरअसल, पंजाब और दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है। दोनों राज्यों के विधानसभा चुनावों में AAP ने जबरदस्त जीत हासिल की है। AAP ने दिल्ली के बाद पंजाब में भी कांग्रेस पार्टी से ही सरकार छीनी है। 2022 के विधानसभा चुनाव में आप ने गुजरात में पांच और गोवा में दो सीटें जीतकर कांग्रेस के वोट बैंक में भी सेंध लगाई है। AAP के मैदान में आने से कांग्रेस को ही राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा है। फिलहाल, कांग्रेस ने एक बार फिर मंथन शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि जल्द ही पांचों राज्यों के लिए सीट बंटवारे पर सहमति बनाई जाएगी। इसके लिए अलग-अलग राज्यों के नेताओं से भी चर्चा की जाएगी और वहां AAP के प्रभाव को लेकर फीडबैक लिया जाएगा।
Q1. दिल्ली-पंजाब में सीट बंटवारे पर AAP का प्रस्ताव क्या है?
दिल्ली में AAP ने कांग्रेस को तीन सीटें देने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, पंजाब में AAP ने कांग्रेस को छह सीटें देने का प्रस्ताव दिया है। यानी दोनों राज्यों में AAP 50- 50 फॉर्मूले पर तैयार है।
Q2. गुजरात, हरियाणा और गोवा में सीट बंटवारे पर AAP का प्रस्ताव क्या है?
गुजरात में AAP ने कांग्रेस से एक सीट, हरियाणा में तीन सीटें और गोवा में एक सीट दिए जाने का प्रस्ताव रखा है।
Q3. कांग्रेस के लिए क्या चुनौतियां हैं?
AAP के मैदान में आने से कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा है। AAP के कारण कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगी है। अब हरियाणा, गुजरात और गोवा में भी AAP ने दावेदारी कर कांग्रेस के सामने चुनौती खड़ी कर दी है।
Q4. कांग्रेस क्या कर सकती है?
राजनीतिक जानकार कहते हैं कि दिल्ली- पंजाब में AAP ने जो फॉर्मूला दिया है, वो कांग्रेस के लिए मुफीद साबित हो सकता है। लेकिन हरियाणा, गुजरात और गोवा में सीटें मांगने से टेंशन बढ़ सकती है। हालांकि, यह वक्त कांग्रेस को उदारता दिखाने का है। खासकर गुजरात, हरियाणा और गोवा जैसे राज्यों में।
Q5. क्या सीट बंटवारे पर जल्द ही सहमति बन सकती है?
लगता है कि सीट बंटवारे पर जल्द ही सहमति नहीं बन पाएगी। दोनों दलों के बीच अभी भी कई मुद्दों पर मतभेद हैं। ऐसे में यह संभव है कि दोनों दल दूसरे दौर की बैठक में भी सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बना पाएं।
2019 में दिल्ली को फतह किया था BJP ने
MP, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में दावेदारी नहीं
दिल्ली में 4-3 और पंजाब में 7-6 का फार्मूला
इधर AAP ने हरियाणा में 3 और गोवा में एक सीट मांगी
तो क्या कांग्रेस को नुकसान हो सकता है
Q & A
दिल्ली में AAP ने कांग्रेस को तीन सीटें देने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, पंजाब में AAP ने कांग्रेस को छह सीटें देने का प्रस्ताव दिया है। यानी दोनों राज्यों में AAP 50- 50 फॉर्मूले पर तैयार है।
Q2. गुजरात, हरियाणा और गोवा में सीट बंटवारे पर AAP का प्रस्ताव क्या है?
गुजरात में AAP ने कांग्रेस से एक सीट, हरियाणा में तीन सीटें और गोवा में एक सीट दिए जाने का प्रस्ताव रखा है।
Q3. कांग्रेस के लिए क्या चुनौतियां हैं?
AAP के मैदान में आने से कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा है। AAP के कारण कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगी है। अब हरियाणा, गुजरात और गोवा में भी AAP ने दावेदारी कर कांग्रेस के सामने चुनौती खड़ी कर दी है।
Q4. कांग्रेस क्या कर सकती है?
राजनीतिक जानकार कहते हैं कि दिल्ली- पंजाब में AAP ने जो फॉर्मूला दिया है, वो कांग्रेस के लिए मुफीद साबित हो सकता है। लेकिन हरियाणा, गुजरात और गोवा में सीटें मांगने से टेंशन बढ़ सकती है। हालांकि, यह वक्त कांग्रेस को उदारता दिखाने का है। खासकर गुजरात, हरियाणा और गोवा जैसे राज्यों में।
Q5. क्या सीट बंटवारे पर जल्द ही सहमति बन सकती है?
लगता है कि सीट बंटवारे पर जल्द ही सहमति नहीं बन पाएगी। दोनों दलों के बीच अभी भी कई मुद्दों पर मतभेद हैं। ऐसे में यह संभव है कि दोनों दल दूसरे दौर की बैठक में भी सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बना पाएं।
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