392 स्तंभ, 44 भव्य द्वार से सजा राम मंदिर, पौराणिक काल का सीताकूप भी होगा यहां, रिसर्च स्कॉलर पाण्डेय ने साझा की अहम जानकारी

Jitendra Shrivastava | Jan 13, 2024, 24:00 IST
Share
392 स्तंभ, 44 भव्य द्वार से सजा राम मंदिर, पौराणिक काल का सीताकूप भी होगा यहां, रिसर्च स्कॉलर पाण्डेय ने साझा की अहम जानकारी
392 स्तंभ, 44 भव्य द्वार से सजा राम मंदिर, पौराणिक काल का सीताकूप भी होगा यहां, रिसर्च स्कॉलर पाण्डेय ने साझा की अहम जानकारी

स्वत्रंत लेखक और रिसर्च स्कॉलर रासबिहारी शरण पाण्डेय मंदिर निर्माण कार्य से दो वर्ष से जुड़े हैं।'द सूत्र' से बातचीत में उन्होंने जानकारियां साझा कीं।

AYODHYA. अयोध्या में सकल आस्था के प्रतिमान प्रभु श्रीराम का मंदिर कई मायनों में खास है। यहां आधुनिक भारत के साथ पुरातन वैभव भी नजर आएगा। स्वत्रंत लेखक और रिसर्च स्कॉलर रासबिहारी शरण पाण्डेय मंदिर निर्माण कार्य से दो वर्ष से जुड़े हैं। उन्होंने 'द सूत्र' के साथ बातचीत में अनेक जानकारियां साझा कीं। उनके अनुसार, मंदिर अपनी भव्यता के साथ पूर्व से पश्चिम तक 380 फीट लंबा और 250 फीट चौड़ा होगा। मंदिर की ऊंचाई 161 फीट होगी। 392 अलंकरित नक्काशीदार स्तंभ मंदिर को मजबूती प्रदान करते हैं। यहां 44 अलंकृत दरवाजे लगाए गए हैं। मंदिर के भूतल पर भगवान श्रीराम पांच वर्ष के बालक के रूप में विराजित होंगे। पहले तल पर श्रीराम दरबार भी होगा।

सूर्य देव और मां अन्नपूर्णा का मंदिर

सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के लिहाज से मंदिर में अलग-अलग नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा-प्रार्थना और कीर्तन मंडप का निर्माण किया जा रहा है। मंदिर के परकोटा के चारों कोनो पर सूर्य देव, मां अन्नपूर्णा, गणपति व भगवान शिव को समर्पित मंदिरों का निर्माण होगा। इसी के साथ मंदिर के पास पौराणिक काल का सीताकूप भी होगा।

प्राचीन और आधुनिक भारत की झलक

बातचीत में पाण्डेय ने कहा कि राम मंदिर भारतीय वास्तुकला का अद्भूत नमूना है, जो प्राचीनता और सांस्कृतिक महत्व को संजोने के साथ आधुनिकता को भी समेटे हुए है। राम मंदिर केवल आस्था का केन्द्र बिन्दु नहीं, बल्कि यह विविधता में एकता का सजीव चित्रण है। जैसे श्रीराम ने लीलाकाल में हर व्यक्ति को एकता के सूत्र में पिरोया था, वैसे ही कलयुग में राम मंदिर के निर्माण ने हिन्दू समाज को एकजुट किया है।

पूरे देश की बात

पाण्डेय के अनुसार, मंदिर संपूर्ण देश को अपने में समेटे हुए है। मुख्य मंदिर नागर शैली में बनाया जा रहा है। परकोटा द्रविण शैली में आकार ले रहा है। राजस्थान से पत्थर मंगाया गया तो पश्चिम बंगाल के कारीगर काम कर रहे हैं। महाराष्ट्र से लकड़ी आई और उसकी नक्काशी हैदराबाद में की गई। बुंदेलखंड से स्टोन डस्ट लाया गया और मूर्तियों का निर्माण ओडिशा के कारीगरों द्वारा किया गया। ऐसे ही ग्रेनाइट कर्नाटक का है।

ऋषि-मुनियों के भी मंदिर होंगे यहां

उन्होंने आगे बताया कि भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ समरसता का प्रतीक श्रीराम मंदिर, सहायक मंदिरों और महत्वपूर्ण तथ्यों की श्रृंखला से परे अपनी श्रृद्धा का विस्तार करता है। परिसर में प्रस्तावित मंदिरों में महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, निषादराज, माता शबरी का मंदिर सभी भारतीयों में समरसता का भाव पैदा करेगा।

Tags:
  • Ram temple is special
  • Research Scholar Pandey
  • Ram temple has 392 pillars
  • Ram temple decorated with 44 grand doors
  • Sitakoop of mythological period in Ram temple
  • राम मंदिर में है खास
  • रिसर्च स्कॉलर पाण्डेय
  • राम मंदिर में 392 स्तंभ
  • 44 भव्य द्वार से सजा राम मंदिर
  • राम मंदिर में पौराणिक काल का सीताकूप
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा