ये रहस्य अनंतकाल तक रहेगा कि राम मंदिर का फैसला किसने सुनाया...
Pratibha Rana | Jan 02, 2024, 24:00 IST
ये रहस्य अनंतकाल तक रहेगा कि राम मंदिर का फैसला किसने सुनाया...
अयोध्या में बन रहे राम मंदिर का 22 जनवरी को उद्घाटन होने जा रहा है। लेकिन इससे पहले मंदिर के फैसले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है।
BHOPAL. अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन और प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राम मंदिर निर्माण और इसका उद्घाटन लगातार सुर्खियों में है। राम भक्तों में मंदिर को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। लेकिन इस बीच रामभक्तों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। खबरें है कि राम मंदिर का फैसला किस जज ने लिखा था, इसका कभी भी पता नहीं चल पाएगा।
22 जनवरी 2024 को राममंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है। लेकिन इस बीच सुप्रीम कोर्ट के मुख्य सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने राम मंदिर को लेकर एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सबसे चर्चित अयोध्या राम मंदिर फैसले में जजों का नाम क्यों नहीं? डीवाई ने बताया कि अयोध्या मामले में न्यायाधीशों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया था कि ये फैसला किसने लिखा है, उसका उल्लेख कभी भी नहीं होगा। कोर्ट के फैसले में किसी लेखक की भूमिका तय नहीं की जाएगी। संघर्ष के लंबे इतिहास और विविध दृष्टिकोणों पर फोकस करते हुए अयोध्या मामले में टॉप कोर्ट ने एक नोट में फैसला सुनाने का फैसला लिया था।
श्रीराम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आया था। तत्कालीन चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली उस संविधान पीठ में जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अब्दुल नजीर के अलावा वर्तमान मुख्य न्यायाधीश धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ भी शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने 1045 पन्नों में अपना फैसला सुनाया था। वहीं इस निर्णय में 929 पन्नों के बाद 116 पन्ने परिशिष्ट में जोड़े गए हैं, जिनमें विवादित स्थल और श्री राम के जन्मस्थल होने से संबंधित जानकारियां और तर्क दिए गए हैं।
मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुल 44 दरवाजे हैं। इनमें से ग्राउंड फ्लोर पर 14 दरवाजे मंदिर के अंदर आने के लिए हैं। इन पर सोने की परत चढ़ी है। इनके अलावा 4 दरवाजे सीढ़ियों के नीचे हैं। ये लकड़ी के बने हैं। इसी तरह 12 दरवाजे फर्स्ट फ्लोर पर हैं।
ग्रह मंडप के आगे गर्भगृह होगा, जहां रामलला विराजेंगे। ग्रह मंडप में पूर्व की तरफ से आएंगे, तो 3-3 दरवाजे होंगे। उत्तर और दक्षिण दिशा में 3-3 दरवाजे हैं। VIP के लिए प्रदर्क्षिणा मार्ग है, उनके लिए दोनों तरफ एक-एक दरवाजे लगे हैं। बीच वाला दरवाजा गर्भगृह में जाएगा। इसके बाद सीढ़ी के पास 2 दरवाजे फर्स्ट फ्लोर पर जाने के लिए हैं। ऊपर जाने वाली सीढ़ियों के नीचे पूजा की चीजें रखने के लिए जगह है, वहां भी दरवाजे लगे हैं।
26 दिसंबर को श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मंदिर परिसर का लैंडस्कैप प्लान दिखाया था। उन्होंने बताया था कि राम मंदिर परिसर की 70 एकड़ जमीन का करीब 70% ग्रीन एरिया होगा। इसके अलावा 2 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के साथ अलग पावर हाउस होगा। चंपत राय ने बताया कि मंदिर में 392 खंभे और 732 मीटर लंबा परकोटा होगा।
राम मंदिर फैसले में जजों का नाम क्यों नहीं?
नवंबर 2019 में SC ने सुनाया था फैसला
श्रद्धालुओं के सैलाब को नियंत्रित करने कुल 44 दरवाजे
ग्रह मंडप के आगे गर्भगृह
मंदिर में 70 प्रतिशत ग्रीन एरिया होगा
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