क्या आपका पार्टनर भी छोटी बात पर करता है ओवररिएक्ट? जान लें गैसलाइटिंग के ये 5 डेंजर सिग्नल

Anjali Dwivedi | Apr 11, 2026, 17:13 IST
Share
gaslighting relationship
gaslighting relationship

क्या आपका पार्टनर प्यार के नाम पर आपको मैनिपुलेट कर रहा है? जानें गैसलाइटिंग के वो 5 गंभीर लक्षण जो आपके मानसिक स्वास्थ्य और आत्मसम्मान को बर्बाद कर सकते हैं। समय रहते संभलना बेहतर है।

आजकल के दौर में रिश्तों की परिभाषा काफी बदल गई है। कई बार लोग एक ऐसे रिलेशनशिप में फंसे होते हैं, जहां से वे निकलना तो चाहते हैं, लेकिन प्यार की बेड़ियों की वजह से खुद को बेबस पाते हैं। ऐसे में इंसान को अक्सर अपनी ही काबिलियत पर शक होने लगता है कि आखिर ये सब मेरे साथ ही क्यों हो रहा है?

असल में, कई बार जिसे हम प्यार समझ रहे होते हैं, वह प्यार नहीं बल्कि गैसलाइटिंग होती है। यह एक ऐसा बिहेवियर है जिसे सहते रहने से चीजें और भी खराब हो जाती हैं।

क्या है यह गैसलाइटिंग का मायाजाल?

आजकल गैसलाइटिंग शब्द काफी चर्चा में है। सरल शब्दों में कहें तो यह साइकोलॉजिकल मैनिपुलेशन यानी मानसिक हेरफेर का एक तरीका है। इसमें सामने वाला व्यक्ति आपको इस कदर भ्रमित कर देता है कि आप अपनी ही याददाश्त, भावनाओं और फैसलों पर शक करने लगते हैं। साथी की इन हरकतों से व्यक्ति मानसिक रूप से टूट जाता है और अंत में अकेला रह जाता है।

अगर आप भी अपने रिलेशनशिप (Gen Z Relationships) में उलझन महसूस कर रहे हैं, तो इन 5 संकेतों पर गौर जरूर करें-

1. बात-बात पर ओवररिएक्ट करना

अगर आपका पार्टनर छोटी-छोटी और मामूली बातों को लेकर जरूरत से ज्यादा ओवररिएक्ट करने लगता है या कड़वी बातें बोलता है, तो यह खतरे की घंटी है। इस तरह का व्यवहार आपके आत्मसम्मान (Self-esteem) को गहरी चोट पहुंचा सकता है।

2. हर वक्त आपको गलत साबित करना

क्या आपका साथी दूसरों के सामने या अकेले में भी आपको हमेशा गलत साबित करने की फिराक में रहता है? अगर हां, तो आप गैसलाइटिंग का शिकार हो रहे हैं। अक्सर लोग अपने पार्टनर पर पूरी तरह निर्भर हो जाते हैं, जिसका फायदा उठाकर सामने वाला व्यक्ति उन्हें मानसिक रूप से दबाने लगता है।

3. बेवजह का शक और बातों से मुकर जाना

अगर आपका पार्टनर आप पर बार-बार शक करता है या अपनी ही कही हुई बातों को भूलने का नाटक करने लगता है, तो समझ जाइए कि वह आपको भ्रमित कर रहा है। ऐसे मानसिक दबाव वाले रिश्ते को ढोने से बेहतर है कि समय रहते आगे बढ़ जाया जाए।

4. सही होने पर भी माफी का दबाव

रिश्ते में सबसे खराब स्थिति तब होती है जब आप सही हों, फिर भी आपको ही माफी मांगने पर मजबूर किया जाए। अगर आपका साथी आपको हमेशा कसूरवार ठहराता है, तो वह आपको मानसिक रूप से नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे रिश्ते से बाहर निकलना ही आपकी भलाई है।

5. जरूरत के वक्त साथ, बाकी समय नजरअंदाज

अगर आपका साथी सिर्फ अपना काम होने पर ही आपके करीब आता है और बाकी समय आपको पूरी तरह नजरअंदाज करता है, तो आप एक खोखले रिश्ते में हैं। ऐसे पार्टनर से आपको कभी भी धोखा मिल सकता है क्योंकि उनका जुड़ाव आपसे नहीं, बल्कि अपनी जरूरतों से है।

ये खबरें भी पढ़ें...

मंहगे कैफे से लेकर चाय की टपरी तक, Gen Z Affordating क्या है?

क्यों Gen-Z ठुकरा रहे हैं प्रमोशन? Quiet Ambition का बढ़ता क्रेज और बदलता वर्क-कल्चर

Dark Showering: Gen-Z का अंधेरे में नहाने का अनोखा तरीका, जो दिलाएगा सुकून भरी नींद

Gen-Z जनरेशन का डिजिटल कनेक्शन, रील्स और चैट से पता लगेगी रिश्ते की मजबूती



Tags:
  • पार्टनर
  • रिलेशनशिप
  • GEN-Z
  • Gen Z Relationships
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा