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सिंहस्थ 2028 की तैयारियां अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी हैं। इसके तहत ही माधव नगर अस्पताल की क्षमता को 100 से बढ़ाकर 200 बेड किया जाएगा।
इंदौर से सीधी कनेक्टिविटी के लिए शनि मंदिर से चिंतामन गणेश मंदिर तक 5 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनाई जा रही है। इस पर 30 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह मार्ग इंदौर से सिंहस्थ मेला क्षेत्र तक पहुंच को आसान बनाएगा।
सिंहस्थ के लिए बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी 4-लेन मार्ग बनेगा। इसकी लंबाई 81 किलोमीटर होगी और लागत 2549 करोड़ रुपए आएगी।
रामवासा से नरवर तक 7 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बन रही है। यह सड़क इंदौर और मक्सी से आने वाले भारी वाहनों को देवास मार्ग पर भेजेगी, जिससे शहर में ट्रैफिक कम होगा। धर्मबड़ला से नईखेड़ी तक 6 किलोमीटर लंबी टू-लेन सड़क बनाई जा रही है। यह सड़क नईखेड़ी रेलवे स्टेशन से मेला क्षेत्र तक पहुंच आसान करेगी।
आगरा रोड से पंवासा पंचक्रोशी तक 10 किलोमीटर लंबी टू-लेन सड़क और सोदंग से नईखेड़ी तक 9 किलोमीटर लंबी टू-लेन सड़क बनाई जाएगी। इन परियोजनाओं पर 25 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह सड़कें रेलवे स्टेशन से भैरवगढ़ और मंगलनाथ होते हुए सिंहस्थ क्षेत्र तक पहुंच जाएगी।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों और इन सभी विकास कार्यों को लेकर रिव्यू मीटिंग बुलाई गई थी। इसमें एसीएस डॉ. राजेश राजौरा ने सभी विकास कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को समय पर सारे काम पूरा करने के निर्देश दिए।
सिंहस्थ के लिए घाटों का निर्माण
अपर मुख्य सचिव राजौरा ने शिप्रा नदी पर बनाए जा रहे घाटों के निर्माण का रिव्यू किया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए घाटों का निर्माण जरूरी है। इसे समय पर पूरा करना होगा। घाटों पर हाई मास्ट लाइटें लगाई जाएंगी। भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया जाएगा।
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उज्जैन शहर में विकास कार्य
बैठक में उज्जैन शहर के लिए भी कई विकास कार्यों पर चर्चा की गई। इनमें हरिफाटक ब्रिज का चौड़ीकरण, महाकाल लोक कॉरिडोर में प्रस्तर प्रतिमाओं का निर्माण, और नरसिंह घाट पर कंपोजिट कंट्रोल रूम का निर्माण शामिल हैं। इसके अलावा, तपोभूमि में नवीन थाना भवन निर्माण, और महाकाल लोक में नया थाना भवन बनाने का कार्य भी शुरू किया गया है।
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होटल और हेल्थ सर्विस का अपग्रेडेशन
सिंहस्थ 2028 के दौरान आगामी श्रद्धालुओं और पुलिसकर्मियों के ठहरने के लिए विभिन्न होटलों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें ग्रैंड होटल, शिप्रा रेजिडेंसी, और अवंतिका होटल शामिल हैं। इसके अलावा, जीवाजी गंज सिविल अस्पताल के बेड 20 से बढ़ाकर 50 किए जाएंगे। भैरवगढ़ डिस्पेंसरी में 6 बेड की सुविधा प्रदान की जाएगी। साथ ही उज्जैन के माधव नगर अस्पताल को 100 बेड के स्थान पर 200 बेड का किया जा रहा है।
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4 प्वाइंट्स में समझें पूरी खबरघाटों का निर्माण: बैठक में सिंहस्थ 2028 के लिए घाटों के निर्माण की प्रगति की विशेष रूप से समीक्षा की गई। इसके तहत क्षिप्रा नदी के घाटों पर हाई मास्ट लाइट लगाने, नदी शुद्धिकरण, कान्ह डायवर्सन और हरिया खेड़ी प्रोजेक्ट की प्रगति पर चर्चा की गई। सड़क निर्माण कार्य: सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर कई महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्य शुरू किए गए हैं। इनमें शनि मंदिर से चिंतामन गणेश मंदिर तक 5 किलोमीटर फोरलेन सड़क, रामवासा से नरवर तक 9 किलोमीटर फोरलेन सड़क और धरमबडला से नईखेड़ी तक 6 किलोमीटर टु-लेन मार्ग का निर्माण शामिल है। विभिन्न होटलों का निर्माण: सिंहस्थ 2028 के दौरान आगंतुकों और पुलिसकर्मियों के लिए विभिन्न होटलों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें ग्रैंड होटल, शिप्रा रेजिडेंसी और अवंतिका होटल शामिल हैं। इसके अलावा, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जीवाजी गंज सिविल अस्पताल के बेड को 20 से बढ़ाकर 50 किया जाएगा। रोडवेज, पार्किंग की सुविधाएं: यातायात और पार्किंग की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सड़कों का चौड़ीकरण और पौधारोपण की योजना बनाई गई है। नगर निगम घाटों के सौंदर्यीकरण और लाइटिंग की जिम्मेदारी लेगा। | |
रोडवेज और पार्किंग योजनाएं
सिंहस्थ 2028 के दौरान यातायात और पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके तहत, विभिन्न सड़कों का चौड़ीकरण और वृक्षारोपण जैसे कार्य शामिल हैं। साथ ही, घाटों पर पौधारोपण और लाइटिंग के कार्य भी किए जाएंगे। नगर निगम घाटों के सौंदर्यीकरण और लाइटिंग की जिम्मेदारी संभालेगा।
अन्य परियोजनाएं
अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने बताया कि उज्जैन के आसपास के जिलों में भी सिंहस्थ को लेकर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। महेश्वर और मंडलेश्वर में मंदिरों को आपस में जोड़ने के लिए पाथ वे बनाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, नरसिंह घाट पर कंट्रोल रूम और 100 बेड अस्पताल जैसी परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं।
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आईएएस रौशन कुमार सिंह
डॉ. राजेश राजौरा | उज्जैन सिंहस्थ 2028 | उज्जैन कलेक्टर