छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य महकमे में बिक रहे पद, जितनी बड़ी बोली उतनी अच्छी पोस्टिंग
Arun Tiwari | Aug 18, 2024, 13:32 IST
Posts sold in Chhattisgarh's health department the sootr
अधिकारियों ने विरोध किया तो मंत्री जी ने उनको खूब चमकाया। वहीं विष्णु सरकार के मंत्री अपने फोन में कांग्रेस नेताओं के भाषण और बाइट रखने लगे हैं।
छत्तीसगढ़ में मनचाही पोस्टिंग के लिए लाखों की बोली लग रही है। जिसको जितनी अच्छी पोस्टिंग चाहिए उसे उतनी ही जेब ढीली करनी पड़ रही है। वहीं एक मंत्री ने भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ डंडा उठा लिया है। अधिकारियों ने विरोध किया तो मंत्री जी ने उनको खूब चमकाया। वहीं विष्णु सरकार के मंत्री अपने फोन में कांग्रेस नेताओं के भाषण और बाइट रखने लगे हैं। राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों की ऐसी ही अनसुनी खबरों के लिए पढ़िए द सूत्र का साप्ताहिक कॉलम सिंहासन छत्तीसी।
स्वास्थ्य विभाग में पद बिक रहे हैं। जितनी अच्छी पोस्टिंग चाहिए उतनी ही बड़ी बोली लगाई जा रही है। विभाग में सीएमएचओ और सिविल सर्जन के ट्रांसफर में यही खेला चल रहा है। यही वजह है डॉक्टरों की धड़ाधड़ा तबादला सूची निकल रही हैं। सीएमएचओ का रेट 30 लाख तो सिविल सर्जन का रेट 20 लाख रुपए चल रहा है।
इससे कम एक रुपए नहीं चलेगा। हाल ही में ऐसा ही हुआ। बोली ज्यादा लग गई तो प्रभारी सीएमएचओ का तबादला कर नए साहब को बैठा दिया। मंत्रीजी कुछ कीजिए, आपके विभाग को सर्जरी की जरुरत है। यदि जल्द ही कुछ नहीं किया गया तो स्वास्थ्य विभाग वेंटीलेटर पर आ जाएगा। वैसे ही मेडिकल कार्पोरेशन और दवा कंपनी के बीच का खेला तो चल ही रहा है।
हाल ही में विजिलेंस टीम ने कुछ भ्रष्ट अफसरों के चेहरे से नकाब उतारा और मंत्री ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन अफसरों को सस्पेड कर दिया। सालों से मलाई चाट रहे अफसरों के खिलाफ यह पहली कार्रवाई थी। अफसरों को लगा कि यह तो बर्र के छत्ते में हाथ डाल दिया क्योंकि यह उनकी नाक का सवाल था। फिर क्या था अफसरों ने मीटिंग शुरु कर दी। सरकार के खिलाफ विरोध जताने की रुपरेखा तैयार हो गई।
लेकिन इस विरोध की हवा तब निकल गई जब उन्होंने सुना कि भ्रष्ट अफसरों की फाइल एंटी करॅप्शन ब्यूरो को सौंपी जा रही है। आंदोलन की तैयारी कर रहे अफसरों को सांप सूंघ गया। सारे लोग मंत्री के दरवाजे पर गुहार लगाने पहुंच गए। मंत्रीजी ने साफ कह दिया अब तो जो किया सो किया, लेकिन मेरे कार्यकाल में ऐसा नहीं चलेगा। यह सारा मामला संपत्ति की रजिस्ट्री करने वाले विभाग से जुड़ा हुआ है।
आजकल छत्तीसगढ़ में यही चल रहा है। बीजेपी के नेताजी ने जो कह दिया वो फायनल, फिर चाहे नियम_कायदों को ठेंगा ही क्यों न दिखाना पड़े। नियम है कि पुलिस विभाग में कांस्टेबलों को उनके गृह क्षेत्र के 40 किलोमीटर के दायरे में पोस्टिंग नहीं मिलेगी।
लेकिन यहां तो कांस्टेबल अपने घर के आसपास ही पोस्टिंग में जमे हुए हैँ। ऐसा इसलिए है क्योंकि उन पर स्थानीय नेताजी की कृपा है। अब वही होगा जो नेताजी चाहेंगे। इस मामले में अफसर भी लाचार नजर आ रहे हैं। अब ऐसा है तो लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल तो उठेगा ही।
आजकल विष्णु सरकार के मंत्रियों के फोन में कांग्रेस नेताओं के भाषण और बाइट भी रखी जा रही हैं। एक युवा मंत्री के फोन में अपनी बाइट और भाषण के साथ साथ पूर्व सीएम भूपेश बघेल के भाषण भी रखे हुए हैं। जाहिर दुश्मन पर वार करने के लिए उसकी रणनीति पर भी फोकस करना चाहिए।
यही आजकल मंत्री कर रहे हैं। वे कहते हैँ कि उनके सवाल का जवाब देना है तो पता होना चाहिए कि कब किसने क्या कहा। मंत्री जी की एक फौज कांग्रेस नेताओं की बाइट रिकॉर्ड करने का काम ही कर रही है।
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सीएमएचओ के लिए 30 लाख
स्वास्थ्य विभाग में पद बिक रहे हैं। जितनी अच्छी पोस्टिंग चाहिए उतनी ही बड़ी बोली लगाई जा रही है। विभाग में सीएमएचओ और सिविल सर्जन के ट्रांसफर में यही खेला चल रहा है। यही वजह है डॉक्टरों की धड़ाधड़ा तबादला सूची निकल रही हैं। सीएमएचओ का रेट 30 लाख तो सिविल सर्जन का रेट 20 लाख रुपए चल रहा है।
इससे कम एक रुपए नहीं चलेगा। हाल ही में ऐसा ही हुआ। बोली ज्यादा लग गई तो प्रभारी सीएमएचओ का तबादला कर नए साहब को बैठा दिया। मंत्रीजी कुछ कीजिए, आपके विभाग को सर्जरी की जरुरत है। यदि जल्द ही कुछ नहीं किया गया तो स्वास्थ्य विभाग वेंटीलेटर पर आ जाएगा। वैसे ही मेडिकल कार्पोरेशन और दवा कंपनी के बीच का खेला तो चल ही रहा है।
मंत्री ने उठाया डंडा तो अफसरों का गुस्सा ठंडा
हाल ही में विजिलेंस टीम ने कुछ भ्रष्ट अफसरों के चेहरे से नकाब उतारा और मंत्री ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन अफसरों को सस्पेड कर दिया। सालों से मलाई चाट रहे अफसरों के खिलाफ यह पहली कार्रवाई थी। अफसरों को लगा कि यह तो बर्र के छत्ते में हाथ डाल दिया क्योंकि यह उनकी नाक का सवाल था। फिर क्या था अफसरों ने मीटिंग शुरु कर दी। सरकार के खिलाफ विरोध जताने की रुपरेखा तैयार हो गई।
लेकिन इस विरोध की हवा तब निकल गई जब उन्होंने सुना कि भ्रष्ट अफसरों की फाइल एंटी करॅप्शन ब्यूरो को सौंपी जा रही है। आंदोलन की तैयारी कर रहे अफसरों को सांप सूंघ गया। सारे लोग मंत्री के दरवाजे पर गुहार लगाने पहुंच गए। मंत्रीजी ने साफ कह दिया अब तो जो किया सो किया, लेकिन मेरे कार्यकाल में ऐसा नहीं चलेगा। यह सारा मामला संपत्ति की रजिस्ट्री करने वाले विभाग से जुड़ा हुआ है।
खाता न बही, नेताजी कहें वो सही
आजकल छत्तीसगढ़ में यही चल रहा है। बीजेपी के नेताजी ने जो कह दिया वो फायनल, फिर चाहे नियम_कायदों को ठेंगा ही क्यों न दिखाना पड़े। नियम है कि पुलिस विभाग में कांस्टेबलों को उनके गृह क्षेत्र के 40 किलोमीटर के दायरे में पोस्टिंग नहीं मिलेगी।
लेकिन यहां तो कांस्टेबल अपने घर के आसपास ही पोस्टिंग में जमे हुए हैँ। ऐसा इसलिए है क्योंकि उन पर स्थानीय नेताजी की कृपा है। अब वही होगा जो नेताजी चाहेंगे। इस मामले में अफसर भी लाचार नजर आ रहे हैं। अब ऐसा है तो लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल तो उठेगा ही।
मंत्रियों के फोन में बघेल के भाषण
आजकल विष्णु सरकार के मंत्रियों के फोन में कांग्रेस नेताओं के भाषण और बाइट भी रखी जा रही हैं। एक युवा मंत्री के फोन में अपनी बाइट और भाषण के साथ साथ पूर्व सीएम भूपेश बघेल के भाषण भी रखे हुए हैं। जाहिर दुश्मन पर वार करने के लिए उसकी रणनीति पर भी फोकस करना चाहिए।
यही आजकल मंत्री कर रहे हैं। वे कहते हैँ कि उनके सवाल का जवाब देना है तो पता होना चाहिए कि कब किसने क्या कहा। मंत्री जी की एक फौज कांग्रेस नेताओं की बाइट रिकॉर्ड करने का काम ही कर रही है।
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