सिंहासन छत्तीसी : सीनियर आईपीएस ने क्यों बोला सॉरी, बाउंसरों को पकड़ना पड़ गया भारी, भूपेश ने कैसे दी बीजेपी को मात
Arun Tiwari | Jan 04, 2026, 17:51 IST
Photograph: (the sootr)
एक सीनियर आईपीएस को जब बोलना पड़ा सॉरी, जिसको घेरकर बीजेपी ने चुनावी नैया पार की उसी ने बीजेपी को मात दे दी। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों की ऐसी ही अनसुनी खबरों के लिए पढ़िए द सूत्र का साप्ताहिक कॉलम सिंहासन छत्तीसी।
singhasan-chhatisi/RAIPUR. छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों का पारा इन दिनों चढ़ा हुआ है। एक सीनियर आईपीएस अफसर ने बाउंसरों को पकड़ने का ऑर्डर दिया। आनन फानन में पुलिस ने बाउंसरों को धर लिया लेकिन एक भी बाउंसल जेल नहीं गया। ऐसा चमत्कार हुआ तो सीनियर साहब को पुलिस से बोलना पड़ा सॉरी अब ऐसा नहीं करेंगे। आखिर ऐसा क्या हुआ जो साहब को सॉरी बोलना पड़ा। वहीं राजनीति में भी एक बड़ा घटनाक्रम हुआ। जिसको घेरकर बीजेपी ने चुनावी नैया पार की उसी ने बीजेपी को मात दे दी। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों की ऐसी ही अनसुनी खबरों के लिए पढ़िए द सूत्र का साप्ताहिक कॉलम सिंहासन छत्तीसी।
पुलिस के सीनियर आईपीएस को सॉरी बोलना पड़ जाए तो फिर छत्तीसगढ़ की पुलिसिया प्रणाली को क्या कहा जाए। दरअसल बात ये है कि राजधानी रायपुर के बीयर-बारों के बाउंसरों के उत्पातों को रोकने बड़े साहब ने शहर के साहब को कार्रवाई करने कहा। चूंकि ऑर्डर बड़े साहब का था इसलिए फोर्स भेजकर दर्जन भर से अधिक शिकायती बारों के बाउंसरों को लाकर थाने में बिठा लिया गया।
लेकिन अब चमत्कार देखिए। इसमें से आधे बाउंसरों को पुलिस महकमे के सीनियर अफसरों ने फोन कर छुड़वा लिया। वो इसलिए क्योंकि वीआईपी रोड के कई बीयर-बारों में उनका पैसा लगा है। कुछ के लिए नेताओं ने फोन किया और कुछ को कोर्ट में पेश होते ही जमानत मिल गई।
यानी पकड़ कर लाने के बाद भी एक भी बाउंसर को पुलिस जेल नहीं भेज पाई। जाहिर है, इससे पुलिस की किरकिरी हो गई। इससे छोटे साहब बहुत मायूस हुए और बड़े साहब को यह पूरा एपीसोड बताया। बड़े साहब बोले सॉरी अब आगे से इस तरह के मामलों में कार्रवाई करने नहीं कहूंगा।
यह खबरें भी पढ़ें...
CGPSC SI भर्ती की फिजिकल टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की तारीख जारी
छत्तीसगढ़ में 2026 में मिलेंगी 107 छुट्टियां, देखें सालभर की लिस्ट
राजनैतिक गलियारों में चर्चा सरगर्म है, कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर एजेंसियों का शिकंजा भी नहीं कस पाया और चैतन्य को जमानत मिल गई। शराब घोटाले ने एक बार फिर राजनैतिक रंग ले लिया है। मामले की उच्च स्तरीय जांच और बघेल की भूमिका को लेकर बीजेपी की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
विधानसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी समेत बीजेपी के तमाम नेताओं ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाकर पूर्व मुख्यमंत्री बघेल पर शिकंजा कसे जाने का दावा किया था। लेकिन मौजूदा दौर में बीजेपी का यह दावा खोखला साबित नज़र आ रहा है।
भूपेश बघेल बीजेपी नेताओं पर जमकर आरोप लगा रहे हैं जबकि इन घोटालों के आरोप में पूर्व मंत्री समेत उनके करीबी अफसर जेल की हवा खा रहे हैं। इसे कहते हैं पूर्व मुख्यमंत्री बघेल की चाल ने बीजेपी को मात दे दीऔर जांच एजेंसियां हाथ मलते रह गई। कहा तो ये भी जा रहा है कि कोर्ट ने इस मामले में डीजीपी तक पर कड़ी टिप्पणी कर दी।
![27853185-ea1]()
विधानसभा का शीतकालीन सत्र निकल गया और अब नया साल भी लग गया है। मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों के दावेदार टकटकी लगाए बैठे है कि कब जीएडी से कोई आदेश निकलेगा। कई बार सरकार देर रात भी आर्डर जारी कर रही, इसलिए रात आंखों में कट रही है। सरकार भी बड़ी निर्मोही है साहब। कम-से-कम अपने एक्स चीफ सेकेट्री का ही ध्यान रख लेती। वो भी नहीं हुआ।
पता चला है, सिफारिशों की बोझ से सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की फाइल दब गई है। सिस्टम करें तो क्या करें। इतने भाई साहबों के फोन आ चुके हैं कि सिस्टम कुछ समझ नहीं पा रहा। आखिर किसको नाराज करें। सवाल चार लाख महीने सेलरी का है। सवा दो लाख वेतन और उपर से 54 परसेंट डीए। सब मिलाकर एकाउंट में करीब-करीब चार लाख। आवेदकों में कुछ योग्य और काबिल लोग भी हैं। मगर बाकी के चक्कर में उनका मामला भी उलझ गया है।
![77a79eae-f2f]()
मनरेगा का नाम बदलकर जी जय रामजी हो गया है। मगर जब तक यह प्रचलन में नहीं आएगा तब तक इस योजना में कार्यरत लोगों को काफी कठिनाई आएगी। अब पदनाम को ही देखिए। छत्तीसगढ़ में इस योजना के कमिश्नर अपना परिचय क्या देंगे। कमिश्नर जी जय रामजी। कुछ दिन तो लोग समझ नहीं पाएंगे। पूछ रहा हूं पदनाम और बोल रहे जी जयराम जी। जय राम जी का दूसरा अर्थ भी निकाला जाता है। यानी नमस्ते करना। जी रामजी के एम्प्लाई ग्रुप में भी इस पर खूब चुटकी ली जा रही।
यह खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ में 2026 का स्वागत; रायपुर में भिड़े कारोबारी, बिलासपुर, दुर्ग में जश्न
रायपुर में भारत-न्यूजीलैंड टी-20 मैच; लेट हुए तो नहीं मिलेगी एंट्री, जान लें CSCS की सख्त गाइडलाइंस
बड़े साहब ने छोटे से बोला सॉरी
लेकिन अब चमत्कार देखिए। इसमें से आधे बाउंसरों को पुलिस महकमे के सीनियर अफसरों ने फोन कर छुड़वा लिया। वो इसलिए क्योंकि वीआईपी रोड के कई बीयर-बारों में उनका पैसा लगा है। कुछ के लिए नेताओं ने फोन किया और कुछ को कोर्ट में पेश होते ही जमानत मिल गई।
यानी पकड़ कर लाने के बाद भी एक भी बाउंसर को पुलिस जेल नहीं भेज पाई। जाहिर है, इससे पुलिस की किरकिरी हो गई। इससे छोटे साहब बहुत मायूस हुए और बड़े साहब को यह पूरा एपीसोड बताया। बड़े साहब बोले सॉरी अब आगे से इस तरह के मामलों में कार्रवाई करने नहीं कहूंगा।
यह खबरें भी पढ़ें...
CGPSC SI भर्ती की फिजिकल टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की तारीख जारी
छत्तीसगढ़ में 2026 में मिलेंगी 107 छुट्टियां, देखें सालभर की लिस्ट
WhatsApp Image 2026-01-04 at 17.10.31
भूपेश की चाल,बीजेपी की मात
विधानसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी समेत बीजेपी के तमाम नेताओं ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाकर पूर्व मुख्यमंत्री बघेल पर शिकंजा कसे जाने का दावा किया था। लेकिन मौजूदा दौर में बीजेपी का यह दावा खोखला साबित नज़र आ रहा है।
भूपेश बघेल बीजेपी नेताओं पर जमकर आरोप लगा रहे हैं जबकि इन घोटालों के आरोप में पूर्व मंत्री समेत उनके करीबी अफसर जेल की हवा खा रहे हैं। इसे कहते हैं पूर्व मुख्यमंत्री बघेल की चाल ने बीजेपी को मात दे दीऔर जांच एजेंसियां हाथ मलते रह गई। कहा तो ये भी जा रहा है कि कोर्ट ने इस मामले में डीजीपी तक पर कड़ी टिप्पणी कर दी।
27853185-ea1
सूचना आयुक्त पर उलझन
पता चला है, सिफारिशों की बोझ से सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की फाइल दब गई है। सिस्टम करें तो क्या करें। इतने भाई साहबों के फोन आ चुके हैं कि सिस्टम कुछ समझ नहीं पा रहा। आखिर किसको नाराज करें। सवाल चार लाख महीने सेलरी का है। सवा दो लाख वेतन और उपर से 54 परसेंट डीए। सब मिलाकर एकाउंट में करीब-करीब चार लाख। आवेदकों में कुछ योग्य और काबिल लोग भी हैं। मगर बाकी के चक्कर में उनका मामला भी उलझ गया है।
77a79eae-f2f
कहना पड़ेगा जय रामजी
यह खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ में 2026 का स्वागत; रायपुर में भिड़े कारोबारी, बिलासपुर, दुर्ग में जश्न
रायपुर में भारत-न्यूजीलैंड टी-20 मैच; लेट हुए तो नहीं मिलेगी एंट्री, जान लें CSCS की सख्त गाइडलाइंस
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari